facebookmetapixel
Advertisement
West Bengal Election Results: बंगाल में 15 साल बाद सत्ता बदली, लेकिन खजाना खाली? BJP के बड़े वादों पर मंडराया फंडिंग संकट!Vedanta Demerger: 5 हिस्सों में बंटी वेदांता, म्युचुअल फंड्स ने शुरू की बड़ी रीबैलेंसिंगVedanta demerger: ₹820 वैल्यू का दावा! वेदांत डिमर्जर के बाद कितना दम है स्टॉक में?Stock Market Today: GIFT Nifty ने दिया गिरावट का संकेत, Brent crude $110 पार; क्या आज शेयर बाजार में मचेगा हड़कंप?Stocks to Watch Today: L&T, Tata Technologies, M&M, BHEL, Hero MotoCorp, Coforge सहित कई बड़े शेयरों पर आज रहेगी नजरपुदुच्चेरी के ‘यामाहा वाले CM’ का जलवा: रंगास्वामी की थट्टंचावाडी में पांचवीं जीत, NDA की सत्ता में वापसीAssembly Election Result 2026: पांचों राज्यों में कई दिग्गज गिरे तो उभर कर आए कई नए चेहरेवादे तो पूरे होंगे, लेकिन खजाने का क्या? विजय की कल्याणकारी योजनाओं से बढ़ सकता है आर्थिक दबावसिनेमा से सियासत का सफर: क्या MGR की तरह एक दशक तक राज करेंगे ‘थलपति’? 59 साल बाद टूटा द्रविड़ दलों का तिलस्मअसम में लगातार तीसरी बार बनी भाजपा की सरकार, पार्टी ने विधान सभा में अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया

रिजर्व बैंक के रुख का असर, बेंचमार्क बॉन्ड यील्ड में तेज बढ़ोतरी

Advertisement

भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति की बैठक के नतीजों के बाद बेंचमार्क सरकारी बॉन्ड यील्ड में चौदह महीनों में एक दिन की सबसे तेज बढ़ोतरी देखी गई है।

Last Updated- August 06, 2025 | 10:28 PM IST
Bonds

भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति की बैठक के नतीजों के बाद बेंचमार्क सरकारी बॉन्ड यील्ड में चौदह महीनों में एक दिन की सबसे तेज बढ़ोतरी देखी गई है। बेंचमार्क यील्ड 8 आधार अंक बढ़कर 6.41 प्रतिशत पर बंद हुई,जो चालू साल में 11 अप्रैल से अब तक का शीर्ष स्तर है। इसके पहले दिन यह 6.33 प्रतिशत पर बंद हुई थी। बाजार से जुड़े हिस्सेदारों ने कहा कि बाजार नरम रुख की उम्मीद कर रहा था, लेकिन अगले वित्त वर्ष की पहली तिमाही में महंगाई दर का अनुमान अपेक्षा से अधिक रहने के कारण रुख आक्रामक रहा। इससे ब्याज दर में कटौती की गुंजाइश कम हो गई।

एक निजी बैंक के ट्रेजरी प्रमुख ने कहा, ‘बाजार नरम रुख की उम्मीद कर रहा था। वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही के लिए महंगाई दर उम्मीद से अधिक रहने का अनुमान लगाया गया है, ऐसे में दर में कटौती की कम संभावना बनती है।’ रिजर्व बैंक ने वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में महंगाई दर 4.9 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया है। कुछ प्रतिभागियों ने कहा कि रिजर्व बैंक द्वारा वृद्धि अनुमानों को अपरिवर्तित रखने के निर्णय से आगे ब्याज दरों में कटौती की संभावना कम हो गई है, जो बाजार की उम्मीदों के विपरीत है।

एक निजी बैंक के डीलर ने कहा, ‘गवर्नर ने वृद्धि कम रहने को कम करके आंका है, जिससे आगे दर में अतिरिक्त कटौती की संभावना कम हो गई है।’चालू वित्त वर्ष में 6.5 प्रतिशत वृद्धि का अनुमान बरकरार रखा गया है। बाजार उम्मीद कर रहा था कि वृद्धि दर में करीब 30 से 40 आधार अंक की कटौती की जाएगी। एक प्राइमरी डीलरशिप के डीलर ने कहा, ‘हम कोई बिकवाली कर रहा था, लेकिन बाजार की गणित को देखते हुए राष्ट्रीयकृत बैंकों द्वारा कुछ खरीदारी की गई। ’

रिजर्व बैंक को दो दिन के वैरिएबल रेट रिवर्स रीपो (वीआरआरआर) नीलामी में 67,755 करोड़ रुपये की बोली हासिल हुई है, जबकि अधिसूचित राशि 1 लाख करोड़ रुपये थी। केंद्रीय बैंक ने बोली की राशि 5.49 प्रतिशत कटऑफ दर पर स्वीकार की है।

Advertisement
First Published - August 6, 2025 | 10:21 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement