facebookmetapixel
Advertisement
राजस्थान रॉयल्स का नया मालिक बनेगा मित्तल परिवार, अदार पूनावाला के साथ मिलकर $1.65 अरब में हुई डील‘ऑपरेशन सिंदूर’ के एक साल पूरे: भविष्य के युद्धों के लिए भारत को अब पूर्वी मोर्चे पर ध्यान देने की जरूरतEditorial: होर्मुज संकट और तेल की कीमतों से भारत के सामने राजकोषीय दबावनिजीकरण नहीं, मुद्रीकरण: सरकार बनाएगी और मालिक रहेगी, निजी कंपनियां सिर्फ चलाएंगी प्रोजेक्ट्समजदूरों को समय पर भुगतान के लिए केंद्र सरकार का बड़ा कदम, मनरेगा के लिए ₹17,744 करोड़ जारीटैक्स और दीवाला कानून में ठनी: पुरानी कंपनियों के खरीदारों को ‘घाटे के लाभ’ पर मिली तगड़ी चुनौतीऊर्जा संकट ने खोली सरकार की आंख, अब ‘समुद्र मंथन’ के जरिए गहरे पानी में तेल व गैस खोजेगा भारतसन फार्मा ऑर्गेनॉन को खरीदने के लिए जुटाएगी $10 अरब, दुनिया के टॉप-25 दवा कंपनियों में होगी एंट्रीयोगी सरकार का मेगा प्लान: 12 शहरों में बनेंगे स्किल हब, हर साल 10 लाख युवाओं को मिलेगा प्रशिक्षणLPG की आग में झुलसा रेस्तरां कारोबार: कमर्शियल सिलेंडर ₹3000 के पार, बाहर खाना होगा 40% तक महंगा

डिजिटलीकरण की बदौलत रुपया दूसरे देशों में हो रहा दुलारा

Advertisement

रिपोर्ट में कहा गया है, ‘रुपये के अंतरराष्ट्रीयकरण को समग्र और एकीकृत दृष्टिकोण से लाभ मिल रहा है और इससे भारत के विदेश से जुड़े क्षेत्र को गति मिलेगी।’

Last Updated- July 29, 2024 | 10:57 PM IST
बैंकिंग साख: राजकोषीय मजबूती की दिशा में बढ़ रहे कदम, Steps towards fiscal consolidation

डिजिटलीकरण सीमा पार कारोबार के कठोर नियम तोड़ रहा है। इससे एक-देश से दूसरे देश को भुगतान के मामले में तरजीही मुद्रा के रूप में रुपये के अंतरराष्ट्रीयकरण में तेजी लाने का मौका मिल रहा है। भारतीय रिजर्व बैंक की 2023-24 के लिए मुद्रा एवं वित्त रिपोर्ट में यह बात कही गई है।

‘भारत की डिजिटल क्रांति’ पर तैयार की गई इस रिपोर्ट में कहा गया है कि डिजिटल वस्तु और सेवा व्यापार का विस्तार और विविधता लाने, सस्ते धन प्रेषण को बढ़ावा देने और डिजिटल क्षेत्रों में एफडीआई बढ़ाने के लिए खुली अर्थव्यवस्था के ढांचे में भारत के डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचे (डीपीआई) का लाभ उठाने की अपार संभावनाएं हैं।

इसमें कहा गया है, ‘रुपये के अंतरराष्ट्रीयकरण को समग्र और एकीकृत दृष्टिकोण से लाभ मिल रहा है और इससे भारत के विदेश से जुड़े क्षेत्र को गति मिलेगी।’ रिपोर्ट में कहा गया है कि वैसे तो अंतरराष्ट्रीय भुगतान करने में अमेरिकी डॉलर प्रमुख मुद्रा बना हुआ है, लेकिन कुल आवंटित रिजर्व में इसकी हिस्सेदारी साल 2000 के 71 फीसदी से घटकर 2023 में करीब 58 फीसदी रह गई है।

Advertisement
First Published - July 29, 2024 | 10:56 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement