facebookmetapixel
वेनेजुएला संकट: भारत के व्यापार व तेल आयात पर भू-राजनीतिक उथल-पुथल से फिलहाल कोई असर नहींसोमनाथ मंदिर: 1026 से 2026 तक 1000 वर्षों की अटूट आस्था और गौरव की गाथाT20 World Cup: भारत क्रिकेट खेलने नहीं आएगी बांग्लादेश की टीम, ICC से बाहर मैच कराने की मांगसमान अवसर का मैदान: VI को मिलने वाली मदद सिर्फ उसी तक सीमित नहीं होनी चाहिए1985–95 क्यों आज भी भारत का सबसे निर्णायक दशक माना जाता हैमनरेगा भ्रष्टाचार का पर्याय बना, विकसित भारत-जी राम-जी मजदूरों के लिए बेहतर: शिवराज सिंह चौहानLNG मार्केट 2025 में उम्मीदों से रहा पीछे! चीन ने भरी उड़ान पर भारत में खुदरा बाजार अब भी सुस्त क्यों?उत्पाद शुल्क बढ़ते ही ITC पर ब्रोकरेज का हमला, शेयर डाउनग्रेड और कमाई अनुमान में भारी कटौतीमझोले और भारी वाहनों की बिक्री में लौटी रफ्तार, वर्षों की मंदी के बाद M&HCV सेक्टर में तेजीदक्षिण भारत के आसमान में नई उड़ान: अल हिंद से लेकर एयर केरल तक कई नई एयरलाइंस कतार में

तेज रहेगी 50 साल के सरकारी बॉन्ड की मांग, खत्म हुआ लॉन्ग टर्म इन्वेस्टर्स का इंतजार

दीर्घावधि निवेशकों की ओर से लंबे समय से 50 साल के बॉन्ड की मांग की जा रही थी, ऐसे में हमें मांग में सुस्ती की कोई उम्मीद नहीं दिख रही है।’

Last Updated- November 02, 2023 | 10:45 PM IST
Corporate bond FPI investment India

बॉन्ड बाजार के हिस्सेदारों का कहना है कि शुक्रवार को आ रहे नए 50 साल के बॉन्ड की मांग तेज है। सरकार ने 10,000 करोड़ रुपये के नए 50 साल के बॉन्ड पेश करने की योजना बनाई है।

एचडीएफसी लाइफ इंश्योरेंस में फिक्स्ड इनकम के हेड बदरीश कुलहरि ने कहा, ‘हम उम्मीद कर रहे हैं कि दीर्घावधि निवेशको की ओर से मांग मजबूत रहेगी। दीर्घावधि निवेशकों की ओर से लंबे समय से 50 साल के बॉन्ड की मांग की जा रही थी, ऐसे में हमें मांग में सुस्ती की कोई उम्मीद नहीं दिख रही है।’

केंद्र सरकार ने चालू वित्त वर्ष की दूसरी छमाही के उधारी कैलेंडर में 50 साल अवधि की नई तिथियुक्त प्रतिभूति (new dated security) पेश की थी। जीवन बीमा कंपनियां लंबे समय से इसकी मांग कर रही थीं, खासकर भारतीय जीवन बीमा निगम की ओर से इसकी मांग की जा रही थी।

कोटक लाइफ इंश्योरेंस के कार्यकारी वाइस प्रेसीडेंट चर्चिल भट्ट ने कहा, ‘पेपर के लिए मांग अच्छी रहेगी और इसका कूपन 40 साल के बॉन्ड के आसपास हो सकता है, जो 7.50 प्रतिशत है।’ उधर सरकार के बॉन्डों और रुपये ने गुरुवार को मजबूती दर्ज की है।

डीलरों ने कहा कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने अपनी ब्याज दर में कोई बदलाव न करने और इसे 5.25 से 5.50 प्रतिशत के बीच रखने का फैसला किया है, जो उम्मीद के अनुरूप ही था, जिसकी वजह से मजबूती दर्ज हुई है।

First Published - November 2, 2023 | 10:45 PM IST

संबंधित पोस्ट