facebookmetapixel
रूसी तेल फिर खरीदेगी मुकेश अंबानी की रिलायंस, फरवरी-मार्च में फिर आएंगी खेपें: रिपोर्ट्सSwiggy, Jio Financial समेत इन 5 शेयरों में बना Death Cross, चेक करें चार्टBudget 2026 से पहले Tata के इन 3 स्टॉक्स पर ब्रोकरेज बुलिश, 30% अपसाइड तक के दिए टारगेट27 जनवरी को देशभर में बैंक हड़ताल! 8 लाख बैंक कर्मी क्यों ठप रखेंगे कामकाज?PhonePe IPO: वॉलमार्ट, टाइगर ग्लोबल और माइक्रोसॉफ्ट बेचेंगे ₹10,000 करोड़ से ज्यादा की हिस्सेदारीनिफ्टी की रफ्तार पर ब्रेक! PL कैपिटल ने घटाया टारगेट, बैंक से डिफेंस तक इन सेक्टरों पर जताया भरोसाबजट से पहले बड़ा संकेत! डिफेंस और इंफ्रा बनेंगे गेमचेंजर, निफ्टी को भी मिल सकती है नई रफ्तारगिरा तो खरीदो! एक्सपर्ट बोले- सोने की चमक और तेज होगी, ₹2.3 लाख तक जा सकता है भावShadowfax IPO को अप्लाई करने का आखिरी मौका, दांव लगाए या नहीं? ग्रे मार्केट यह दे रहा इशारा52% चढ़ सकता है, Eternal के शेयर पर ब्रोकरेज का बड़ा अपडेट; Q3 में 73% उछल गया मुनाफा

I-T Notice: आयकर विभाग ने फिर खोला पुराना मामला, यस बैंक को भेजा 2,209 करोड़ का टैक्स नोटिस

Yes Bank ने जानकारी दी कि इनकम टैक्स विभाग ने अप्रैल 2023 में 2019-20 का असेसमेंट ईयर दोबारा खोला था।

Last Updated- March 30, 2025 | 8:39 AM IST
Yes Bank
Representative Image

यस बैंक (Yes Bank) ने शनिवार को बताया कि उसे इनकम टैक्स डिपार्टमेंट से ₹2,209 करोड़ का डिमांड नोटिस मिला है। यह नोटिस असेसमेंट ईयर 2019-20 के लिए जारी किया गया है।

बैंक ने जानकारी दी कि इनकम टैक्स विभाग ने अप्रैल 2023 में 2019-20 का असेसमेंट ईयर दोबारा खोला था। यह जानकारी बैंक ने स्टॉक एक्सचेंज को दी गई रेगुलेटरी फाइलिंग में दी।

इनकम टैक्स विभाग की नेशनल फेसलेस असेसमेंट यूनिट ने 28 मार्च को फिर से असेसमेंट ऑर्डर पास किया। इसमें न तो कोई अतिरिक्त राशि जोड़ी गई और न ही कोई नई आपत्ति लगाई गई। यानी जिस आधार पर दोबारा जांच शुरू की गई थी, उसे खुद विभाग ने हटा दिया है।

इसका मतलब यह है कि पहले जो ऑर्डर सेक्शन 144 के तहत पास किया गया था, उसमें जितनी इनकम मानी गई थी, वही इनकम अब भी मानी गई है। ऐसे में बैंक पर कोई अतिरिक्त टैक्स डिमांड बनती ही नहीं है।

एक बैंक ने कहा है कि आयकर विभाग ने धारा 156 के तहत टैक्स डिमांड नोटिस और कैलकुलेशन शीट जारी की है, जिसमें कुल ₹2,209.17 करोड़ की मांग की गई है। इसमें ₹243.02 करोड़ का ब्याज भी शामिल है। बैंक के मुताबिक, यह मांग “प्रथम दृष्टया बिना किसी ठोस आधार” के लगती है।
बैंक ने भरोसा जताया है कि उसके पास इस मामले में अपना पक्ष रखने के लिए मजबूत आधार हैं और उसे इस आदेश से अपने वित्तीय, परिचालन या अन्य गतिविधियों पर किसी बड़े नकारात्मक असर की उम्मीद नहीं है।

बैंक ने यह भी कहा कि वह इस दोबारा मूल्यांकन आदेश के खिलाफ कानून के तहत अपील और सुधार की प्रक्रिया शुरू करेगा।

Yes Bank के शेयरों में गिरावट

इस जानकारी के सामने आने के बाद यस बैंक के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। शुक्रवार को बैंक का स्टॉक 2.38% की गिरावट के साथ ₹16.88 पर बंद हुआ। यह गिरावट निफ्टी 50 के 0.31% की गिरावट से कहीं ज़्यादा रही।

पिछले 12 महीनों में यस बैंक के शेयरों में 27.24% की गिरावट आई है, जबकि इस साल की शुरुआत से अब तक यानी YTD आधार पर स्टॉक करीब 13.83% तक टूटा है।

First Published - March 30, 2025 | 8:39 AM IST

संबंधित पोस्ट