facebookmetapixel
Stock Market: सेंसेक्स-निफ्टी में लगातार तीसरे दिन गिरावट, वजह क्या है?राज्यों का विकास पर खर्च सच या दिखावा? CAG ने खोली बड़ी पोल2026 में शेयर बाजार के बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद, ABSL AMC का 10-12% रिटर्न का अनुमाननिवेश के 3 बड़े मिथ टूटे: न शेयर हमेशा बेहतर, न सोना सबसे सुरक्षित, न डायवर्सिफिकेशन नुकसानदेहजोमैटो और ब्लिंकिट की पैरेट कंपनी Eternal पर GST की मार, ₹3.7 करोड़ का डिमांड नोटिस मिलासरकार ने जारी किया पहला अग्रिम अनुमान, FY26 में भारत की अर्थव्यवस्था 7.4% की दर से बढ़ेगीDefence Stocks Rally: Budget 2026 से पहले डिफेंस शेयरों में हलचल, ये 5 स्टॉक्स दे सकते हैं 12% तक रिटर्नTyre Stock: 3-6 महीने में बनेगा अच्छा मुनाफा! ब्रोकरेज की सलाह- खरीदें, ₹4140 दिया टारगेटकमाई अच्छी फिर भी पैसा गायब? जानें 6 आसान मनी मैनेजमेंट टिप्सSmall-Cap Funds: 2025 में कराया बड़ा नुकसान, क्या 2026 में लौटेगी तेजी? एक्सपर्ट्स ने बताई निवेश की सही स्ट्रैटेजी

SFBs: लघु वित्त बैंक बनेंगे यूनिवर्सल बैंक, RBI ने शर्तों के साथ मंगाए आवेदन

वर्तमान में एयू स्मॉल फाइनैंस बैंक, एक्विटास स्मॉल फाइनैंस बैंक और उज्जीवन स्मॉल फाइनैंस बैंक सहित करीब एक दर्जन लघु वित्त बैंक कारोबार कर रहे हैं।

Last Updated- April 26, 2024 | 9:57 PM IST
Bank Share

Conversion of Small Finance Banks into universal banks: भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने नियमित बैंक या यूनिवर्सल बैंक बनने के लिए 1,000 करोड़ रुपये की न्यूनतम शुद्ध संपत्ति (नेटवर्थ) होने समेत निर्दिष्ट मानदंडों को पूरा करने वाले लघु वित्त बैंकों (स्मॉल फाइनैंस बैंक) से आज आवेदन आमंत्रित किए। रिजर्व बैंक ने नवंबर, 2014 में निजी क्षेत्र में लघु वित्त बैंकों को लाइसेंस देने से संबंधित दिशानिर्देश जारी किए थे।

वर्तमान में एयू स्मॉल फाइनैंस बैंक, एक्विटास स्मॉल फाइनैंस बैंक और उज्जीवन स्मॉल फाइनैंस बैंक सहित करीब एक दर्जन लघु वित्त बैंक कारोबार कर रहे हैं। पात्र लघु वित्त बैंक को यूनिवर्सल बैंक का लाइसेंस मिलने से उनके कारोबार में भी इजाफा होगा।

भारतीय रिजर्व बैंक ने कहा कि नियमित बैंक बनने का लक्ष्य रखने वाले लघु वित्त बैंक की पिछली तिमाही के अंत में न्यूनतम शुद्ध संपत्ति 1,000 करोड़ रुपये होनी चाहिए। इसके अलावा उस बैंक का शेयर किसी मान्यता प्राप्त स्टॉक एक्सचेंज पर सूचीबद्ध होना चाहिए।

बीते दो वित्त वर्षों में ऐसे लघु वित्त बैंक को शुद्ध लाभ कमाने वाला होना चाहिए और पिछले दो वित्त वर्षों में उसकी सकल गैर-निष्पादित आ​स्तियां 3 फीसदी और शुद्ध गैर-निष्पादित आस्तियां (एनपीए) 1 फीसदी से कम या इसके बराबर होनी चाहिए। अन्य शर्तों में निर्धारित पूंजी-जो​खिम भारित संप​त्ति अनुपात (सीआरएआर) आवश्यकता और न्यूनतम 5 वर्षों की अव​धि के दौरान लघु वित्त बैंक का प्रदर्शन संतोषजनक होना चाहिए।

आरबीआई ने शेयरधारिता के संदर्भ में कहा कि पात्र लघु वित्त बैंक के लिए चिह्नित प्रवर्तक होने की कोई अनिवार्यता नहीं है। हालांकि पात्र लघु वित्त बैंक के मौजूदा प्रवर्तक, यदि कोई हैं, नियमित बैंक में तब्दील होने पर प्रवर्तक के रूप में बने रहेंगे। इसके अलावा लघु वित्त बैंक से नियमित बैंक बनने की अवधि के दौरान पात्र लघु वित्त बैंक के लिए नए प्रवर्तकों को शामिल करने या उनमें बदलाव की मंजूरी नहीं दी जाएगी।

आरबीआई के सर्कुलर कहा गया है कि लघु वित्त बैंक से यूनिवर्सल बैंक में बदलने पर मौजूदा प्रवर्तकों के लिए न्यूनतम शेयरधारिता की कोई नई अनिवार्य लॉक-इन आवश्यकता नहीं होगी। आरबीआई ने दिसंबर 2019 में लघु वित्त बैंक को नियमित बैंकों में बदलने से संबंधित प्रक्रिया निर्धारित की थी।

First Published - April 26, 2024 | 9:52 PM IST

संबंधित पोस्ट