facebookmetapixel
नए कर्तव्य भवन में तैयार हो रहा केंद्रीय बजट, नॉर्थ ब्लॉक युग का ऐतिहासिक अंतक्या भारत चीन की जगह ले पाएगा? ग्लोबल कंपनी का साफ संकेतदिसंबर में बेरोजगारी दर मामूली बढ़कर 4.8% पर पहुंची, लेकिन श्रम बाजार के संकेत मजबूतMidcap Stocks: दो साल से दौड़ते कई शेयर लुढ़के, तो कुछ चमकेदिसंबर में भारत का वस्तु निर्यात 1.8% बढ़ा, व्यापार घाटा 25 अरब डॉलर70% सस्ता होम लोन बीमा! लेकिन क्या आप सही पॉलिसी चुन रहे हैं?घरेलू सेवाओं में क्विक-कॉमर्स जैसा मुकाबला, अर्बन कंपनी और स्नैबिट आमने-सामनेबिटकॉइन में भारी गिरावट, निवेश का सही मौका?Executive Centre IPO: एग्जीक्यूटिव सेंटर इंडिया के 2,600 करोड़ रुपये के आईपीओ को सेबी की मंजूरीभारत गरीब देशों की आवाज: पीएम मोदी

खुदरा व एमएसएमई में एनपीए बढ़कर 7.28 प्रतिशत पहुंचा

Last Updated- December 12, 2022 | 1:32 AM IST

सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (पीएसबी) की खुदरा और एमएसएमई क्षेत्र में सकल गैर निष्पादित संपत्तियां (जीएनपीए) जून, 2021 में बढ़कर 7.28 प्रतिशत हो गईं, जो एक साल पहले करीब 6 प्रतिशत थीं। केयर रेटिंग्स के मुताबिक निजी बैंकों में खराब कर्ज कम रहा है और जून में इनका जीएनपीए 3.32 प्रतिशत है, जो एक साल पहले के 2.01 प्रतिशत की तुलना में ज्यादा है।  
बैंकरों ने कहा कि एनपीए का मौजूदा स्तर नियामक पैकेज 2020 के तहत किए गए पुनर्गठन के कारण कम रहा है। भारतीय स्टेट बैंक ने करीब 20,000 करोड़ रुपये कर्ज का पुनर्गठन किया है, जिनमें से खुदरा व्यक्तिगत कर करीब 9,000 करोड़ रुपये और छोटे एवं मझोले उद्यमों (एसएमई) का कर्ज 3,630 करोड़ रुपये है। सरकार और नियामक ने लॉकडाउन से प्रभावित कर्जदाताओं और उधारी लेने वालों की मदद के लिए राहत पैकेज दिया है।

First Published - August 27, 2021 | 9:09 PM IST

संबंधित पोस्ट