facebookmetapixel
Advertisement
REIT vs Property vs Realty Index Fund: कहां निवेश करना होगा फायदेमंद, कहां ज्यादा जोखिम?अब सिर्फ सुरक्षा नहीं, वेल्थ क्रिएशन भी बनेगा इंश्योरेंस का बड़ा आधार, टियर-2 और टियर-3 शहरों में बढ़ी मांग1000 KM रेंज वाला भारत का ‘काल’ ड्रोन मचाएगा तबाही, खरीदने के लिए खाड़ी देशों में मची होड़शेयर बाजार में 2 दिन की तेजी पर लगा ब्रेक, सेंसेक्स 455 अंक टूटा; जानें गिरावट की बड़ी वजहेंSBI Mutual Fund लाया नई स्कीम: टॉप-100 कंपनियों से बाहर के शेयरों में कर सकेंगे निवेश, समझें पूरी रणनीतिOla Electric Q1 Results: पहली तिमाही में कंपनी को बड़ी राहत, घाटा कम होकर ₹336 करोड़ पर आयाEMI पर घर खरीदने का कर रहे प्लान? पहले कुछ जरूरी चीजों पर दें ध्यान, नहीं तो भविष्य में होगी परेशानीएनर्जी सेक्टर में इन्वेस्टमेंट का नया मौका! Axis Nifty Energy Index लाया नया फंड, ₹100 से करें निवेशTitan Q1 Results: मुनाफा 63% बढ़कर ₹1,777 करोड़ हुआ, रेवेन्यू में भी शानदार उछालExplainer: विदेश में पढ़ाई का है प्लान? सेक्शन 80E के तहत कैसे मिलेगी टैक्स में छूट, जानें पूरा नियम

और बढ़ सकती हैं ब्याज दरें: एचबीसी

Advertisement
Last Updated- December 07, 2022 | 8:01 AM IST

एचएसबीसी बैंक ने कहा है कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) 2008 के अंत तक मुद्रास्फीति से निपटने के लिए अपनी प्रमुख कर्ज की दरों और सीआआर में एक-एक फीसदी का और इजाफा कर सकता है।


मुद्रास्फीति की दर 11.42 फीसदी के 13 सालों के सर्वोच्च स्तर पर पहुंच चुकी है। एचएसबीसी के अर्थशास्त्री राबर्ट प्रियोर वेंडसफोर्ड ने कहा है कि रेपो रेट और खुदरा मूल्य अवमूल्यन के के बीच संबंध 2006 से अब तक 0.5 फीसदी हो  चुका है। इससे पहले 2001 से 2005 के बीच यह माइनस 0.2 फीसदी था।

Advertisement
First Published - June 27, 2008 | 10:54 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement