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अगले 2 साल में इंडसइंड बैंक की ऋण वृद्धि की योजना

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Last Updated- December 12, 2022 | 9:00 AM IST

देश का निजी ऋण प्रदाता इंडसइंड बैंक पांचवे नियोजन चक्र में अगले दो वित्त वर्ष में लोन बुक में 15 से 18 फीसदी की वृद्घि करने पर विचार कर रहा है। इसे कोविड-19 महामारी के  दौरान अर्थव्यवस्था को हुई भारी क्षति के बाद हो रहे क्रमिक सुधार से भी बल मिलेगा।
स्थिरता के साथ विस्तार की रणनीति के साथ नियोजन चक्र (2020-23) के क्रियान्वयन को महामारी के कारण कुछ तिमाहियों के लिए स्थगित कर दिया गया था और भारी आर्थिक उथल पुथल के बाद शुरू किया जा रहा है। 2017-20 का चौथा चक्र लाभप्रदता के साथ बाजार हिस्सेदारी पर केंद्रित था। इंडसइंड बैंक को लंदन स्थित हिंदुजा समूह का सहायोग प्राप्त है।  
सुमंत कठपालिया के नेतृत्व में यह पहला नियोजन चक्र है। सुमंत को तीन वर्ष के कार्यकाल के लिए मार्च 220 में बैंक मुख्य कार्याधिकारी और प्रबंध निदेशक बनाया गया था। उन्होंने इस पद पर 12 साल तक कार्यरत रहे रोमेश सोबती का स्थान लिया।
अग्रिमों में सालाना वृद्घि दिसंबर 2020 के अंत तक 2,07,128 करोड़ रुपये के साथ सपाट रही थी। बैंक की जमा 10 फीसदी बढ़कर 2,39,135 करोड़ रुपये पर पहुंच गई। तीसरी तिमाही के बाद विश्लेषण में कठपालिया ने कहा बैंक एहतियात बरतेगा, संतुलित और सुरक्षित बही खाता तैयार करेगा और दबावग्रस्त संपत्तियों के लिए वक्र से पहले मुहैया कराएगा। विशेषज्ञता के क्षेत्रों – वाहन वित्त, सूक्ष्म वित्त और हीरा के लिए रकम मुहैया कराना, को बढ़ाने के अलावा ऋणदाता नए वृद्घि क्षेत्रों पर ध्यान देगा जिसमें मजबूत बैंकिंग, एनआरआई बैंकिंग और एमएसएमई शामिल है।

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First Published - January 31, 2021 | 11:15 PM IST

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