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दूसरी तिमाही में निजी बैंकों की जमा और ऋण में इजाफा

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Last Updated- December 11, 2022 | 2:10 PM IST

कुछ ऋणदाताओं द्वारा जारी किए गए आंकड़े दर्शाते हैं कि इस वित्त वर्ष की जुलाई-सितंबर तिमाही में निजी क्षेत्र के बैंकों के लिए ऋण के साथ ही जमा वृद्धि ने भी गति पकड़ी। देश की सबसे बड़ी निजी क्षेत्र की ऋणदाता एचडीएफसी बैंक ने 30 सितंबर तक सालाना आधार पर 23.5 फीसदी की वृद्धि के साथ 14,800 अरब रुपये की वृद्धि दर्ज की गई। क्रमिक आधार पर, अग्रिम में भी 6.1 फीसदी की वृद्धि हुई। 
 ऋणों में वृद्धि व्यावसायिक और ग्रामीण बैंकिंग क्षेत्रों में सालाना आधार पर 31.5 फीसदी (9.5 फीसदी तिमाही दर तिमाही) वृद्धि पर प्रेरित थी, इसके बाद थोक ऋण में सालाना आधार पर 27 फीसदी की वृद्धि (9 फीसदी तिमाही दर तिमाही) और खुदरा ऋण में सालाना आधार पर 21.5 फीसदी (5 फीसदी तिमाही दर तिमाही) वृद्धि रही।

30 सितंबर, 2022 तक बैंक की जमा बढ़कर 16,375 अरब रुपये हो गई यानी पिछले साल की समान अवधि से सालाना आधार पर करीब 19 फीसदी की वृद्धि और पिछले तिमाही से 4.3 फीसदी से अधिक की वृद्धि दर्ज की। खुदरा जमा में सालाना आधार पर 20.5 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई।

भारतीय रिजर्व बैंक के आंकड़़ों के अनुसार, 9 सितंबर 2022 तक बैंक की उधारी में सालाना आधार पर 16.2 फीसदी की वृद्धि हुई जबकि जमा में 9.5 फीसदी की वृद्धि रही। एचडीएफसी बैंक की चालू और बचत खाता (कासा) जमा में सालाना आधार पर 15.4 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई, लेकिन इसकी कुल जमा में हिस्सेदारी घट गई। 30 सितंबर, 2022 तक बैंक का कासा अनुपात पिछले साल की समान अवधि के 46.8 फीसदी की तुलना में करीब 45 फीसदी पर रहा जो 30 जून, 2022 में 45.8 फीसदी था।
 30 सितंबर, 2022 तक इंडसइंड बैंक ने सालाना आधार पर ऋण वृद्धि 11.6 होकर 2.6 लाख करोड़ रुपये हो गई जबकि जमा में सालाना आधार पर 15 फीसदी वृद्धि होकर 3.16 लाख करोड़ रुपये हो गई। इंडसइंड ने भी कासा जमा में अपनी हिस्सेदारी को क्रमिक रूप से गिरकर 42.4 फीसदी पर देखा, जबकि जून के अंत में यह 43.2 फीसदी था। पिछले साल 30 सितंबर को यह अनुपात 42.1 फीसदी था। 

 पुरानी पीढ़ी के निजी ऋणदाता धनलक्ष्मी बैंक ने सालाना आधार पर सोने के ऋणों में 19.3 फीसदी की वृद्धि और अग्रिम में 30.74 फीसदी की सालाना वृद्धि के साथ 9114 करोड़ रुपये की जानकारी दी। जबकि जमा 6.85 फीसदी बढ़कर 12,734 करोड़ रुपये हो गया।

 सितंबर में शैडो बैंक द्वारा ऋण वितरण में सालाना आधार पर 110 फीसदी की वृद्धि दर्ज करने के बाद महिंद्रा ऐंड महिंद्रा फाइनेंशियल शेयर की कीमत 11.6 फीसदी उछल गई। तिमाही के लिए संवितरण में 82 फीसदी की वृद्धि हुई।

निजी क्षेत्र के बैंक येस बैंक के ऋण वितरण में चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में 11.6 प्रतिशत की वृद्धि हुई है और यह 1.92 लाख करोड़ रुपये हो गया है।
यह वृद्धि पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि की तुलना में है। इससे त्योहार के मौसम की मांग का पता चलता है। वहीं 30 सितंबर, 2022 तक पिछली तिमाही के 1.86 लाख करोड़ रुपये की तुलना में ऋण वितरण में 3.5 प्रतिशत वृद्धि हुई है।

सितंबर 2022 के अंत तक येस बैंक के जमा में पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 13.2 प्रतिशत वृद्धि हुई है और यह 2 लाख करोड़ रुपये रहा है। इंडसइंड बैंक का जमा 15 प्रतिशत बढ़ा है और यह सितंबर के अंत तक 3.15 लाख करोड़ रुपये रहा है।

 

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First Published - October 4, 2022 | 10:48 PM IST

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