facebookmetapixel
Advertisement
क्या टैरिफ पर झुकेगा अमेरिका? अन्य एशियाई देशों से बेहतर डील चाहता भारत, ग्रीर से बातचीत में लगाएगा दांवकौन हैं ‘किंग ऑफ द नॉर्थ’ एंडी बर्नहैम, जो ब्रिटेन के अगले प्रधानमंत्री की रेस में सबसे आगे चल रहे हैंDefence Exports: अमेरिकी हथियारों के विकल्प तलाश रहा यूएई, भारत से ब्रह्मोस खरीदने पर बातचीतTata MF NFO: बदलते सेक्टर ट्रेंड्स से कमाई का मौका, मल्टी-सेक्टर पैसिव FoF में ₹5000 से निवेश शुरूBJP का पहला बंगाल बजट: 1 लाख नौकरियां, DA में 20% इजाफा, अन्नपूर्णा योजना के लिए ₹36,000 करोड़; देखें बड़े ऐलानपश्चिम बंगाल सरकार ने DA/DR 20% बढ़ाया: इससे कर्मचारियों के ‘इन हैंड’ सैलरी में कितनी बढ़ोतरी होगी?क्या RBI बढ़ाने जा रहा है ब्याज दरें? MPC मिनट्स में मिले बड़े संकेतAMFI की नई लिस्ट में हो सकते हैं बड़े बदलाव, BSE और Vodafone Idea बन सकते हैं लार्जकैपEPFO Nominee Rule: नॉमिनी नहीं जोड़ा तो क्या डूब जाएगा PF का पैसा? जानिए परिवार को कैसे मिलेगा दावा6-9 महीने में 10% उछाल का अनुमान, क्या आपके पोर्टफोलियो में है यह गैस स्टॉक?

बैंकों से कर्ज लेना हुआ और महंगा, ब्याज दरें बढ़ीं

Advertisement
Last Updated- December 11, 2022 | 2:10 PM IST

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा रीपो रेट में बढ़ोतरी किए जाने के बाद भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई), आईसीआईसीआई बैंक, येस बैंक, बैंक आफ इंडिया (बीओआई) और एचडीएफसी बैंक ने उधारी पर ब्याज दर बढ़ा दी है। 30 सितंबर को रिजर्व बैंक ने रीपो रेट 50 आधार अंक बढ़ाकर 5.90 प्रतिशत कर दिया था।
बैंक की वेबसाइट से पता चलता है कि भारतीय स्टेट बैंक ने बाह्य मानक पर आधारित उधारी दर (ईबीएलआर) 50 आधार अंक बढ़ाकर 8.55 प्रतिशत कर दिया है और इसकी रीपो रेट से जुड़ी ब्याज दर भी 8.15 प्रतिशत हो गई है। यह बदलाव 1 अक्टूबर से लागू हो गया है। उधारी की दर में बढ़ोतरी आवास ऋण पर लागू होगा और इसके मुताबिक ग्राहकों द्वारा हर महीने भुगतान की जाने वाली ईएमआई में भी बढ़ोतरी होगी।
वहीं निजी क्षेत्र के दिग्गज आईसीआईसीआई बैंक ने ईबीएलआर बढ़ाकर 9.25 प्रतिशत कर दी है, जो 30 सितंबर से लागू है। आईसीआईसीआई बैंक ने धन के सीमांत लागत पर आधारित उधारी दर में भी बढ़ोतरी कर दी है। निजी बैंक की  एमसीएलआर बढ़कर अब 7.85 से 8.10 प्रतिशत हो गई है, जो 1 अक्टूबर से लागू है।
सभी बैंकों ने अपने लेन देन में 1 अक्टूबर 2019 से बदलाव करते हुए ब्याज दरों को बाहरी मानक से जोड़ दिया था। बाहरी मानक में रीपो रेट या ट्रेजरी बिल पर प्रतिफल शामिल होता है। रिजर्व बैंक ने ब्याज दरों के फैसले को असरदार बनाने के लिए कदम उठाए हैं।
निजी क्षेत्र के येस बैंक ने भी एमसीएलआर बढ़ाई है। अब उसकी ओवरनाइट से एक साल की अवधि की संशोधित दर 8.20 से 9.65 प्रतिशत होगी, जो 1 अक्टूबर से प्रभावी है।
येस बैंक ने अपनी वेबसाइट पर लिखा है, ‘1 अक्टूबर, 2022 से रिजर्व बैंक की रीपो दर 5.40 प्रतिशत होगी। बैंक अपने स्प्रेड फ्रेमवर्क के मुताबिक स्प्रेड कंपोनेंट जोड़ेगा। 6 एम सीडी रेट से जुड़े मौजूदा ऋण पर 1 अक्टूबर से लागू दरें 6.79 प्रतिशत होंगी।’
सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक ऑफ इंडिया (बीओआई) ने भी एमसीएलआर बढ़ा दी है। बैंक का ओवरनाइट एमसीएलआर 10 आधार अंक बढ़ाकर 6.95 प्रतिशत हो गई है। एक साल की एमसीएलआर 10 आधार अंक बढ़ाकर 7.80 प्रतिशत और 3 साल की  एमसीएलआर 20 आधार अंक बढ़कर 8 प्रतिशत हो गई है।
निजी क्षेत्र के बड़े बैंक एचडीएफसी ने भी ब्याज दर में बढ़ोतरी की है, जो 1 अक्टूबर से लागू हो गई है। एचडीएफसी बैंक ने रिजर्व बैंक की घोषणा के मुताबिक दरों में 50 आधार अंक बढ़ोतरी की है। इसी के मुताबिक बढ़ी ईएमआई ग्राहकों को नजर आएगी।
आंकड़ों के मुताबिक 9 सितंबर तक बैंक के ऋण में वृद्धि पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 16.2 प्रतिशत थी, जो 9 साल का उच्च स्तर है। वहीं इसी अवधि के दौरान जमा में वृद्धि दर बहुत पीछे 9.5 प्रतिशत रही है। 
 

Advertisement
First Published - October 4, 2022 | 10:50 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement