facebookmetapixel
Advertisement
₹22,000 करोड़ नहीं, ₹3,992 करोड़ के दावों पर आपत्ति: NCLT मामले में सुभाष चंद्रा ने दी सफाईAI हुआ फेल तो बच गई मेटा के 60% कर्मचारियों की नौकरी! छंटनी का था प्लान, अब पीछे हटे जुकरबर्गफेस्टिव सीजन में बढ़ी CNG और EV गाड़ियों की डिमांड, एनलिस्ट्स को इन शेयरों पर भरोसा5 साल में बदल गई निवेशकों की पसंद! आखिर क्यों भा रहा इक्विटी और पैसिव फंड्स? आंकड़ों से समझिएभारत में विदेशी निवेश की राह होगी आसान? मंजूरी और KYC प्रक्रिया में बदलाव की तैयारी में सरकारनिफ्टी में आने वाला है बड़ा उछाल? एक्सपर्ट्स ने दिया 30000 तक का टारगेटछोटे बॉन्ड पर सेबी का बड़ा प्रस्ताव, खत्म हो सकती है मर्चेंट बैंकर नियुक्त करने की जरूरतE20 को E10 से बदलने का फैसला नहीं, पुराने वाहन के लिए कम एथनॉल वाले पेट्रोल पर चर्चा: बीपीसीएल द वेल्थ कंपनी म्युचुअल फंड ने लॉन्च किया मल्टी कैप फंड, ₹250 की SIP से लार्ज-मिड और स्मॉल कैप पर लगाए दांव हर महीने ₹2 लाख करोड़ से ज्यादा खर्च! क्रेडिट कार्ड बना लोगों की पहली पसंद, जानें किस बैंक का दबदबा

एवेंटिसःदर्द की टीस

Advertisement
Last Updated- December 05, 2022 | 4:23 PM IST

यह सीजन दर्दनिवारक दवा कंपनियों और कांबीफ्लॉम जैसी दवा बनाने वाली कंपनी एवेंटिस के लिए ठीक-ठाक नहीं रहा। यद्यपि शेयर बाजार इस कंपनी से बहुत अधिक आशा भी नहीं कर रहा था। लेकिन यह कंपनी उनके अनुमान के आसपास भी नहीं टिक पाई और उसने उनको निराश किया। लगभग 204 करोड़ रुपए के कम राजस्व के साथ उसके परिचालन लाभ में 540 आधार अंकों की कमी आई और यह 14.2 फीसदी तक गिर गया। दिसंबर में खत्म तिमाही में तो यह बहुत ही खराब रहा। कोरेक्स बनाने वाली फाइजर कंपनी का भी परिचालन लाभ गिरा और दिसंबर में खत्म तिमाही में 470 आधार अंकों के साथ परिचालन लाभ में 13.3 फीसदी की कमी आ गई। तााुब नहीं जो इस कारण एवेंटिस का शुध्द लाभ भी 22 फीसदी घट गया। अगर वर्ष 2007 पर निगाह दौड़ाई जाए तो परिचालन लाभ में 580 आधार अंकों के साथ 19.2 फीसदी की कमी आई। इसके साथ ही राजस्व भी घटकर 874 करोड़ रुपए रह गया। परिचालन लाभ भी 24 प्रतिशत गिरकर 168 करोड़ रुपए रह गया।
दिसंबर की तिमाही में निर्यात में 48 फीसदी की कमी आई। इसी कारण कंपनी का मुनाफा सिकुड़ गया। हालांकि इसकी एक वजह रुपये की मजबूती रही। इसके अलावा बहुराष्ट्रीय कंपनियों के नेटवर्क में भी भारत में बने उत्पादों की अधिक मांग न होना भी एक कारण है। जहां कंपनी का घरेलू बाजार 11 फीसदी बढ़कर 171 करोड़ रुपए हो गया। एवेंटिस गैर-शहरी क्षेत्रों में अपनी सेवाएं बढ़ाने के लिए एक बिक्री टीम बना रही है। यह भी एक वजह है जिससे कंपनी के मुनाफे पर असर पड़ रहा है। पिछले कई तिमाहियों से एवेंटिस कोशिश के बावजूद अपनी घरेलू बिक्री बहुत अधिक नहीं बढ़ा पा रही है। उसे अपने एंटी-रैबीज टीके के लिए अहम कच्चे माल की किल्लत भी झेलनी पड़ रही है। हालांकि इसकी प्रसिध्द दवा कांबीफलॉम की बिक्री अच्छी-खासी है।
जब निर्यात से लाभ मिलना शुरू नहीं होता और घरेलू बिक्री नहीं बढ़ती, इसके लाभ की यही स्थिति बरकरार रहेगी और इसमें समय लगेगा। वर्तमान में इसके शेयर की कीमत 938 रुपये है और अभी इसके कमजोर ही रहने की संभावना है।

Advertisement
First Published - February 28, 2008 | 9:47 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement