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बैंकों की सख्ती के बीच कहां-कहां से मिल सकता है सस्ता कर्ज

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Last Updated- December 15, 2022 | 7:49 AM IST

कोविड-19 महामारी के कारण सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्योगों (एमएसएमई) में नौकरियां जाना, वेतन में कटौती और कारोबारों का बंद होना आम हो गया है। ऐसे में बहुत से लोगों को पैसा जुटाने की जरूरत पड़ सकती है। हालांकि बैंक बिना संपत्ति गिरवी रखे दिए जाने ऋण मंजूर करने में ज्यादा सतर्कता बरत रहे हैं। ऐसे हालात में वे साधन तलाशना बेहतर रहेगा, जिनमें आपको बिना ज्यादा भागदौड़ के तत्काल और कम लागत पर पैसा मिल जाए।
सावधि जमाओं पर ऋण
बैंक बाजार के सीईओ आदिल शेट्टी ने कहा, ‘ज्यादातर बैंक सावधि जमाओं (एफडी) पर कर्ज देते हैं। इसमें आप बैंक के पास संपत्ति गिरवी रखते हैं, इसलिए वह आपका क्रेडिट स्कोर न होने पर भी ऋण दे देता है।’ एफडी सुरक्षित माध्यम हैं, इसलिए बैंक एफडी राशि का करीब 80 से 95 फीसदी तक ऋण दे देते हैं। आम तौर पर ऋण की दर एफडी दरों से 1-2 फीसदी अधिक होती है। माईमनीमंत्रा के संस्थापक राज खोसला ने कहा, ‘यह देखें कि क्या एफडी को भुनाना बेहतर रहेगा या उस पर ऋण लेना। इसके अलावा परिपक्वता से पहले निकासी के शुल्क के बारे में भी पता लगा लें। इस ऋण का इस्तेमाल तभी करें, जब आपको लंबी अवधि के लिए पैसे की जरूरत हो। अन्यथा एफडी को भुना लें।’ आम तौर पर बैंक ऐसे ऋणों पर कोई प्रोसेसिंग फीस नहीं लेते हैं और ये ऋण 25,000 से शुरू होते हैं। एनए शाह एसोसिएट्स में पार्टनर गोपाल बोहरा ने कहा, ‘एफडी पर ऋण अल्पावधि के लिए लें। इससे आप अपनी एफडी पर 8 से 9 फीसदी की ऊंची ब्याज दर जारी रख सकते हैं।’ यह बात याद रखें कि आपका कर्ज लौटाने का रिकॉर्ड यह ऋण लेने के लिए मायने रखता है। शेट्टी ने कहा, ‘अगर आपने बहुत अधिक डिफॉल्ट किए हैं या आप अपने अन्य ऋण लौटाने में देरी करते हैं तो ऋणदाता कर्ज पर ऊंची ब्याज दर वसूल सकता है या हो सकता है कि वह एफडी के मूल्य से बहुत कम ऋण दे। यह भी हो सकता है कि वह ये दोनों कदम उठाए।’

सोने पर ऋण
खोसला कहते हैं, ‘सोने पर ऋण थोड़ा भावनात्मक मुद्दा है और यह सस्ता ऋण भी नहीं है।’ हालांकि ऐसा लगता है कि इसे बहुत से लोग प्राथमिकता देते हैं क्योंकि आपको महज कुछ घंटों में पैसा मिल जाता है। आप सोने पर 25 लाख रुपये तक का ऋण ले सकते हैं। इस ऋण से आपका मासिक देनदारी काफी कम रहेगी क्योंकि इसमें आप ईएमआई के रूप में केवल ब्याज चुकाने और मूलधन बाद में चुकाने का विकल्प चुन सकते हैं। इससे मुश्किल समय में इस ऋण का बोझ कम पड़ता है।

आवास ऋण टॉप-अप
यह वह अतिरिक्त राशि है, जो बैंक आपके घर के एवज में मंजूर करता है। आप तभी टॉप-अप ऋण ले सकते हैं, जब आपका किसी ऋणदाता के पास आवास ऋण चल रहा हो। यह करीब 10 साल के लिए दिया जाता है। इस पर आपको अपने मौजूदा आवास ऋण की तुलना में 1-2 फीसदी अधिक ब्याज दर चुकानी होती है। यह कर्ज ऋणदाता आपकी साख का आकलन करने के बाद ही देता है। खोसला ने कहा, ‘मैं यह सुझाव दूंगा कि कम दर और अतिरिक्त नकदी के लिए होम लोन बैलेंस ट्रांसफर टॉप-अप का विकल्प अपनाएं।’ यह विकल्प लंबी अवधि की जरूरत के लिए अच्छा है। बोहरा ने कहा, ‘अगर आपने टॉप-अप ऋण घर की मरम्मत के लिए लिया है तो आप उस पर कर लाभ का भी दावा कर सकते हैं।’

कार पर ऋण
अगर आपके पास और कोई संपत्ति नहीं बची है तो अपनी कार पर ऋण लें। अगर आपका कम से कम 9 महीने भुगतान का साफ-सुथरा रिकॉर्ड है तो आप मौजूदा कार ऋण का 150 फीसदी तक टॉप-अप ले सकते हैं। यह दस्तावेज रहित प्रक्रिया है और आपको तुरंत पैसा मिल जाता है। खोसला कहते हैं, ‘इस पर ब्याज की दर 15 फीसदी तक है और आप इसे केवल अल्पावधि की जरूरत के लिए ही ले सकते हैं।’ यह ऋण व्यक्तियों, स्व-नियोजित और हिंदू अविभाजित परिवारों (एचयूएफ) को मिल सकता है।

अन्य विकल्प
बीमा पॉलिसी, म्युचुअल फंड, डीमैट शेयर, एनसीडी, राष्ट्रीय बचत पत्र जैसी प्रतिभूतियों को गिरवी रखकर भी ऋण लिए जा सकते हैं। शेट्टी कहते हैं, ‘प्रतिभूतियों के एवज में ऋण अल्पावधिक तात्कालिक वित्तीय जरूरतें पूरी करने के लिए ही बेहतर हैं। आपको यह याद रखना चाहिए कि आप अपना निवेश गिरवी रख रहे हैं।’ शेयर, म्युचुअल फंड और बीमा का विकल्प अपनाने से पहले एफडी और लघु बचत को गिरवी रखकर पैसा जुटाने की कोशिश करनी चाहिए। शेट्टी ने कहा, ‘अगर बीमा पर ऋण की दर कर्ज की सरेंडर वैल्यू से अधिक है तो इस पॉलिसी पर बीमा कवर नहीं मिलेगा। अत: यह अंतिम विकल्प होना चाहिए।’

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First Published - June 29, 2020 | 1:03 AM IST

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