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मंजूरी के इंतजार में 19 जनरल इंश्योरेंस कंपनियां

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कुल 19 आवेदनों में से सिर्फ नारायणा हेल्थ इंश्योरेंस प्राइवेट लिमिटेड ही आवेदन के आर2 चरण तक पहुंची है। इनमें से 12 आर1 चरण में हैं। शेष 6 अभी पूरी प्रक्रिया के एनओसी चरण में

Last Updated- December 25, 2023 | 12:11 PM IST
Life Insurance claims
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भारतीय बीमा नियामक एवं विकास प्राधिकरण (आईआरडीएआई) के पास 19 कंपनियों के आवेदन लंबित हैं। इस मामले से जुड़े एक व्यक्ति ने बताया कि नारायणा हेल्थ इंश्योरेंस, पेटीएम जीआई और प्रूडेंशियल हेल्थ इंश्योरेंस सहित कई अन्य की नियामक से मंजूरी विभिन्न चरणों में है।

कुल 19 आवेदनों में से सिर्फ नारायणा हेल्थ इंश्योरेंस प्राइवेट लिमिटेड ही आवेदन के आर2 चरण तक पहुंची है। इनमें से 12 आर1 चरण में हैं। शेष 6 अभी पूरी प्रक्रिया के एनओसी चरण में हैं।

अनापत्ति प्रमाणपत्र (एओसी) संपूर्ण उद्देश्य से जारी किया जाता है। इससे आवेदक कंपनी अपने नाम में बीमा शब्द जोड़कर प्रस्तावित कंपनी के गठन के लिए पंजीयक (आरओसी) के पास आवेदन के लिए सक्षम हो जाती है।

नियामक के मुताबिक भारतीय बीमा कंपनी के रूप में पंजीकरण का प्रमाणपत्र पाने के लिए आवेदक को 3 सीधे चरणों से गुजरना होता है। आर1 पहला चरण है, जहां आवेदन को संबंधित विभागों द्वारा जांचा जाता है। दूसरे चरण आर2 में कंपनी की शेयरधारिता के तरीके, बेचे जाने वाली पॉलिसियों, प्रबंधन के लिए पेशेवर अनुभव सहित अन्य चीजों की जांच की जाती है। इन चरणों के दौरान आईआरडीएआई दाखिल किए गए दस्तावेजों के बारे में पूछताछ कर स्पष्टीकरण की मांग कर सकता है और उसके मुताबिक आवेदन की सलाह दे सकता है। आर3 चऱण में पंजीकरण प्रमाणपत्र (सीओआर) के लिए अनुरोध होता है।

अप्रैल 2023 में आईआरडीएआई ने क्षमा जनरल इंश्योरेंस के पंजीकरण को मंजूरी दी थी, जिसके बाद जनरल इंश्योरर्स की संख्या 25 हो गई है।

हाल ही में नैशनल इंश्योरेंस एकेडमी (एनआईए) की ओर से आयोजित एक कार्यक्रम में आईआरडीएआई के चेयरमैन देवाशीष पांडा ने कहा था कि पिछले साल कुछ नए कारोबारी आए थे। 4 से ज्यादा नए बीमाकर्ता बाजार में आए और यह 12 साल के जीवन बीमा क्षेत्र और 5 साल के जनरल इंश्योरेंस क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति है और कई और भी कतार में हैं।
नियामक 2047 तक सबसे लिए बीमा को लेकर प्रतिबद्ध है और इसके लिए और ज्यादा कारोबारियों की जरूरत है, जिससे बीमा की पहुंच बढ़ सके। इस समय जनरल इंश्योरेंस उद्योग की पहुंच सिर्फ 1 प्रतिशत है।

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First Published - December 25, 2023 | 10:27 AM IST

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