facebookmetapixel
Advertisement
एमेजॉन प्राइम डे का 10वां सीजन रहा अब तक का सबसे सुपरहिट, छोटे शहरों में दिखा सबसे ज्यादा क्रेजट्रेडमार्क उल्लंघन मामले में गूगल इंडिया को दिल्ली हाई कोर्ट से झटका, अंतरिम राहत देने से अदालत का इनकारभारत के सबसे अमीर और सबसे गरीब राज्य का खुलासा, 10 गुना कमाई का अंतरघर बैठे बनेगा बच्चों का ब्लू आधार कार्ड, नहीं काटने पड़ेंगे दफ्तरों के चक्कर, जानें आसान तरीकाShare Market: Sensex 827 अंक उछला, Nifty 24,200 के पार, अब कहां तक जाएगी तेजी?यूजरनेम फीचर पर व्हाट्सएप के बाद टेलीग्राम ने भी सरकार को सौंपा जवाब, IT मंत्रालय करेगा जांचTRAI का बड़ा फैसला: ट्रूकॉलर नहीं ब्लॉक कर पाएगा बैंकों के फोन, 1600 सीरीज को स्पैम टैग करने पर रोकबिना मोबाइल नेटवर्क के भी होगी बात! BSNL ने लॉन्च किया सैटेलाइट फोन, जानें कीमत और खूबियांमुंबई में ₹6,066 करोड़ से बनेगा दुनिया का सबसे बड़ा वॉटर मेट्रो नेटवर्कGroww लाया नया ‘MF Prime’ फीचर, निवेशक खुद अपने फंड को ऑनलाइन ऐप के माध्यम से कर सकेंगे मैनेज

गर्मी से पहले होने चाहिए चुनाव : इलेक्शन कमीशन

Advertisement

आयोग ने कहा कि देश के 27 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों में किसी भी मतदान केंद्र पर पुनर्मतदान नहीं हुआ और बाकी राज्यों में पुनर्तमतदान के केवल 39 मामले सामने आए।

Last Updated- June 03, 2024 | 11:12 PM IST
Maharashtra Election 2024: No permission to take out victory procession in Chhatrapati Sambhajinagar on Saturday छत्रपति संभाजीनगर में शनिवार को विजय जुलूस निकालने की अनुमति नहीं

लोक सभा चुनाव (Lok Sabha Election) के लिए होने वाली मतगणना की पूर्व संध्या पर सोमवार को मुख्य निर्वाचन आयुक्त राजीव कुमार ने कहा कि चुनावी प्रक्रिया का सबसे बड़ा सबक यह रहा कि चुनाव गर्मियों से पहले करा लेने चाहिए। साथ ही चुनावी प्रक्रिया को बा धित करने वाले गलत प्रचार से निपटने के लिए आयोग को पूरी तैयारी करनी चाहिए।

नई दिल्ली में पत्रकारों से बात करते हुए राजीव कुमार ने कहा कि हिंसा और अव्यवस्था से मुक्त चुनाव प्रक्रिया पूरी कराई है। खास बात यह कि पूरी चुनावी प्रक्रिया डीपफेक मुक्त भी रही। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि शरारतपूर्ण और टूलकिट प्रोपेगैंडा यदि कामयाब हो जाता तो देश में अव्यवस्था की स्थिति पैदा हो सकती थी। सतर्कता बरतते हुए इस पर अंकुश लगाया गया।

मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि चुनाव आयोग ने मतदाताओं का आंकड़ा जारी करने में बिल्कुल भी देर नहीं लगाई, जैसे ही पुनर्मतदान हुआ आयोग ने जल्दी से जल्दी उस चरण के आंकड़े जारी कर दिए।

उन्होंने मतदान के आंकड़े बदले जाने की आशंकाओं को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि देश से बाहर से आने वाली भ्रामक सूचनाओं को रोकने के लिए आयोग ने पूरी तैयारी की थी, लेकिन वह यह देख चकित रह गया कि इस प्रकार की सूचनाएं देश के अंदर से ही आ रही थीं।

कुमार ने कहा कि इन चुनावों का सबसे बड़ा सबक यही है कि जिस समय ये चुनाव संपन्न हुए हैं, इन्हें कम से कम एक महीना पहले पूरा हो जाना चाहिए था, ताकि लू और भीषण गर्मी से बचा जा सके। कम मतदान की समस्या से निपटने के लिए भी ऐसा समझा गया है कि सोमवार और शुक्रवार को मतदान नहीं कराया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि मतगणना प्रक्रिया को सुचारु रूप से संपन्न कराने के लिए सर्वदलीय प्रतिनि धिमंडल की मांग को मानते हुए यह स्पष्ट किया है कि डाक मतपत्रों की गिनती पहले की जाएगी।

आयोग ने कहा कि 2024 के लोक सभा चुनाव में 64.2 करोड़ लोगों ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया जो एक कीर्तिमान है। आयोग ने कहा कि इस चुनाव की दूसरी प्रमुख बात यह रही कि हिंसा की घटनाएं न के बराबर हुईं।

आयोग ने कहा कि देश के 27 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों में किसी भी मतदान केंद्र पर पुनर्मतदान नहीं हुआ और बाकी राज्यों में पुनर्तमतदान के केवल 39 मामले सामने आए। वर्ष 2019 में देशभर में 540 केंद्रों पर पुनर्तमतदान कराए गए थे।

Advertisement
First Published - June 3, 2024 | 10:47 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement