facebookmetapixel
Advertisement
बैंक ऑफ बड़ौदा में बड़ी सेंधमारी: 1TB डेटा डार्क वेब पर हुआ लीक, जांच में जुटी एजेंसियांHDFC Bank के बोर्ड ने अपने ही अधिकारियों पर की कार्रवाई, MD-CFO पर लगाया 1-1 लाख रुपये का जुर्मानासुप्रीम कोर्ट की दो टूक: शांतिपूर्ण प्रदर्शन का अधिकार मौलिक, आंदोलन के नाम पर पुलिस ज्यादती जायज नहींटाटा पावर का मुनाफा 11% बढ़ा, 2030 तक ट्रांसमिशन में ₹40,000 करोड़ निवेश की तैयारी में कंपनीCoal India Q1 Results: पहली तिमाही में मुनाफा लगभग स्थिर, पर आय में 8.4% की बढ़ोतरीआइकिया इंडिया साल 2030 तक चार गुना राजस्व करने की तैयारी में, 30 स्टोर खोलने का भी लक्ष्यविपक्ष के हंगामे के बीच लोकसभा में पेश हुआ एंटी-पेपर लीक बिल, सजा और जुर्माने को बनाया गया और कठोरजल्द आ सकते हैं 10 और 20 रुपये के नए प्लास्टिक बैंक नोट, सरकार ने RBI को दी मंजूरीलोढ़ा डेवलपर्स डेटा सेंटर की जमीन बेचकर करेगी ₹10,000 करोड़ की कमाई, अगले 3-4 साल में बिक्री का लक्ष्यIndian Hotels Q1 Results: मजबूत घरेलू मांग के दम पर चमकी इंडियन होटल्स, राजस्व-मुनाफे में शानदार उछाल

PM मोदी के खिलाफ टिप्पणियों के लिए निर्वाचन आयोग ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को जारी किया नोटिस

Advertisement

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने राजस्थान में हाल की रैलियों में प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए ‘पनौती’, जेबकतरे व अन्य टिप्पणियां की थी।

Last Updated- November 23, 2023 | 6:44 PM IST
Rahul Gandhi- राहुल गांधी

निर्वाचन आयोग ने प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधते हुए उन पर की गईं ‘पनौती’, ‘जेबकतरे’ और बड़े-बड़े उद्योगपतियों की कर्ज माफी संबंधी टिप्पणियों के लिए कांग्रेस नेता राहुल गांधी को बृहस्पतिवार को कारण बताओ नोटिस जारी किया। आयोग ने उनसे शनिवार शाम तक जवाब देने को कहा है।

सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष के खिलाफ निर्वाचन आयोग का दरवाजा खटखटाया था और कहा था कि ‘एक वरिष्ठ नेता’ द्वारा इस तरह की भाषा का इस्तेमाल करना ‘दुर्भाग्यपूर्ण’ है।

निर्वाचन आयोग ने गांधी को याद दिलाया कि आदर्श चुनाव आचार संहिता नेताओं को राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ असत्यापित आरोप लगाने से रोकती है।

कांग्रेस नेता ने राजस्थान में हाल की रैलियों में प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए ‘पनौती’, जेबकतरे व अन्य टिप्पणियां की थी। आयोग को दिए अपने ज्ञापन में भाजपा ने कहा था कि पिछले नौ वर्षों में उद्योगपतियों को 14,00,000 करोड़ रुपये की छूट देने के आरोप तथ्यों पर आधारित नहीं हैं।

आयोग के नोटिस में कहा गया है कि ‘पनौती’ शब्द प्रथम दृष्टया भ्रष्ट गतिविधियों से निपटने वाले जनप्रतिनिधित्व कानून की धारा 123 पर रोक की समानता में आता है।

नोटिस में राहुल गांधी को याद दिलाया गया है कि धारा 123 की उपधारा (ii) के खंड 2 में कहा गया है कि कोई भी व्यक्ति जो किसी उम्मीदवार या निर्वाचक को यह विश्वास दिलाने के लिए प्रेरित करता है या प्रयास करता है कि वह, या कोई भी व्यक्ति जिसमें वह रुचि रखता है, दैवीय नाराजगी या आध्यात्मिक निंदा का पात्र बन जाएगा या बना जाएगा, उसे ऐसे उम्मीदवार या निर्वाचक के चुनावी अधिकार के स्वतंत्र प्रयोग में हस्तक्षेप करने वाला माना जाएगा।

राहुल गांधी ने अहमदाबाद में विश्व कप क्रिकेट के फाइनल मैच में ऑस्ट्रेलिया से भारत की हार के बाद राजस्थान में एक चुनावी भाषण में मोदी के खिलाफ ‘पनौती’ शब्द का इस्तेमाल किया था। आम तौर पर पनौती शब्द ऐसे व्यक्ति के लिए इंगित किया जाता है जो बुरी किस्मत लाता है।

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने बुधवार को एक चुनावी भाषण के दौरान मोदी पर निशाना साधते हुए ‘जेबकतरे’ वाली टिप्पणी की थी और आरोप लगाया था कि प्रधानमंत्री लोगों का ध्यान भटकाते हैं जबकि उद्योगपति गौतम अडाणी उनकी (लोगों की) जेब से पैसे निकालते हैं।

उन्होंने आरोप लगाया था कि जेबकतरे इसी तरह काम करते हैं। नोटिस में आयोग द्वारा जारी एक सामान्य परामर्श का भी जिक्र किया गया है, जिसमें चुनाव प्रचार के दौरान ‘राजनीतिक संवाद के गिरते स्तर’ पर चिंता व्यक्त की गई थी।

आयोग ने गांधी को उच्चतम न्यायालय की उस टिप्पणी के बारे में भी बताया जिसमें कहा गया था कि यदि संविधान के अनुच्छेद 19 (1) (ए) द्वारा बोलने और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की रक्षा की जाती है, तो प्रतिष्ठा के अधिकार को भी अनुच्छेद 21 द्वारा संरक्षित जीवन के अधिकार का एक अभिन्न हिस्सा माना जाता है और ‘इन दो अधिकारों को संतुलित करना एक संवैधानिक आवश्यकता है’।

आयोग ने कहा, ‘‘तदनुसार, आपसे अनुरोध किया जाता है कि आप लगाए गए आरोपों पर अपना स्पष्टीकरण दें और कारण बताएं कि आयोग द्वारा आदर्श आचार संहिता और प्रासंगिक दंड प्रावधानों के कथित उल्लंघन के लिए उचित कार्रवाई क्यों नहीं शुरू की जाए।’’

उसने कहा, ‘‘यदि आपके पास कोई जवाब है तो वह 25 नवंबर की शाम छह बजे तक पहुंच जाए। अगर तब तक कोई जवाब नहीं मिलता है, तो आयोग द्वारा उचित कार्रवाई की जाएगी।’’

विधानसभा चुनावों के मौजूदा दौर में राहुल गांधी को आयोग की ओर से पहली बार नोटिस जारी किया गया जबकि उनकी बहन और कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी को दो बार नोटिस जारी किया जा चुका है।

Advertisement
First Published - November 23, 2023 | 5:32 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement