facebookmetapixel
Q3 Results: DLF का मुनाफा 13.6% बढ़ा, जानें Zee और वारी एनर्जीज समेत अन्य कंपनियों का कैसा रहा रिजल्ट कैंसर का इलाज अब होगा सस्ता! Zydus ने भारत में लॉन्च किया दुनिया का पहला निवोलुमैब बायोसिमिलरबालाजी वेफर्स में हिस्से के लिए जनरल अटलांटिक का करार, सौदा की रकम ₹2,050 करोड़ होने का अनुमानफ्लाइट्स कैंसिलेशन मामले में इंडिगो पर ₹22 करोड़ का जुर्माना, सीनियर वाइस प्रेसिडेंट हटाए गएIndiGo Q3 Results: नई श्रम संहिता और उड़ान रद्द होने का असर: इंडिगो का मुनाफा 78% घटकर 549 करोड़ रुपये सिंडिकेटेड लोन से भारतीय कंपनियों ने 2025 में विदेश से जुटाए रिकॉर्ड 32.5 अरब डॉलरग्रीनलैंड, ट्रंप और वैश्विक व्यवस्था: क्या महा शक्तियों की महत्वाकांक्षाएं नियमों से ऊपर हो गई हैं?लंबी रिकवरी की राह: देरी घटाने के लिए NCLT को ज्यादा सदस्यों और पीठों की जरूरतनियामकीय दुविधा: घोटालों पर लगाम या भारतीय पूंजी बाजारों का दम घोंटना?अवधूत साठे को 100 करोड़ रुपये जमा कराने का निर्देश 

विश्व बैंक ने भारत की अर्थव्यवस्था का ग्रोथ अनुमान बढ़ाया, महंगाई का दबाव कम होने की उम्मीद

मध्यावधि के हिसाब से देखें तो सरकार का कर्ज व राजकोषीय घाटा कम होने का अनुमान है, इसे तेज आउटपुट वृद्धि व केंद्र सरकार की समेकन की कवायदों से सहारा मिलेगा।

Last Updated- April 08, 2024 | 12:57 PM IST
Indian economy will get a boost due to solid growth and softening of inflation rate, will grow at a pace of 7.2% in 2024: Moody's' सॉलिड ग्रोथ और महंगाई दर में नरमी से भारतीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा दम, 2024 में 7.2% की रफ्तार से बढ़ेगी: Moody's

विश्व बैंक ने मंगलवार को वित्त वर्ष 2025 के लिए भारत की अर्थव्यवस्था की वृद्धि का अनुमान 20 आधार अंक बढ़ाकर 6.6 प्रतिशत कर दिया है। मुख्य रूप से निवेश में वृद्धि को देखते हुए ऐसा किया गया है।

अपने ताजा छमाही दक्षिण एशिया विकास अनुमान में बहुपक्षीय कर्जदाता ने वित्त वर्ष 2024 के लिए भारत की वृद्धि दर का अनुमान 7.5 प्रतिशत कर दिया है, जो राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) द्वारा लगाए गए 7.6 प्रतिशत वृद्धि के अनुमान से कम है।

अप्रैल के अपडेटेड नोट में कहा गया है, ‘दक्षिण एशिया की वृद्धि का परिदृश्य पहले की रिपोर्ट की तुलना में 2024 के लिए 0.4 प्रतिशत अंक अधिक और 2024 के लिए 0.3 प्रतिशत अंक अधिक रहने का अनुमान लगाया गया है। यह भारत में निवेश वृद्धि अधिक होने और पाकिस्तान व श्रीलंका में पिछले साल की मंदी से कुछ हद तक संभावित तेजी को दिखाता है। भारत में 2024-25 के दौरान वृद्धि दर 6.6 प्रतिशत तक रहने की उम्मीद है, बाद में इसमें तेजी आएगी क्योंकि सार्वजनिक निवेश में तेजी का प्रतिफल मिलने लगेगा।’

भारत में सेवा और उद्योग में वृद्धि तेज बनी रहने की संभावना है। इसे बाद में निर्माण व रियल एस्टेट गतिविधियों का सहारा मिलेगा, जबकि महंगाई का दबाव कम होने की उम्मीद है। इससे वित्तीय स्थिति बेहतर करने के लिए नीतिगत फैसले लेने की जगह बनेगी।

नोट में कहा गया है कि मध्यावधि के हिसाब से देखें तो सरकार का कर्ज व राजकोषीय घाटा कम होने का अनुमान है, इसे तेज आउटपुट वृद्धि व केंद्र सरकार की समेकन की कवायदों से सहारा मिलेगा।

भारत की वृद्धि में तेजी निकट अवधि के हिसाब से सार्वजनिक क्षेत्र के निवेश पर निर्भर है, जहां निजी क्षेत्र का निवेश खासकर कमजोरबना हुआ है। इसमें आगाह किया गया है कि बढ़े हुए कर्ज, उधारी की लागत और राजकोषीय घाटे पर लगाम लगाने के प्रयास का असर वृद्धि पर पड़ेगा और इससे जलवायु परिवर्तन पर सरकार की प्रतिक्रिया देने की क्षमता पर असर पड़ेगा।

First Published - April 2, 2024 | 11:23 PM IST

संबंधित पोस्ट