facebookmetapixel
चांदी की ऐतिहासिक छलांग: 10 दिन में 1 लाख की बढ़त के साथ 4 लाख रुपये के पार पहुंचा भावडॉलर के मुकाबले रुपया 92 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर, वैश्विक अस्थिरता ने बढ़ाया मुद्रा पर दबावमुख्य आर्थिक सलाहकार वी अनंत नागेश्वरन का विश्वास: हर दिन असंभव को संभव कर दिखाएंगे भारतीयइंडियन ऑयल की अफ्रीका और यूरोप के बाजारों में पेट्रोकेमिकल निर्यात बढ़ाने की तैयारी: CMD एएस साहनीUP Budget 2026: 11 फरवरी को आएगा उत्तर प्रदेश का बजट, विकास और जनकल्याण पर रहेगा फोकसEconomic Survey 2026: वै​श्विक खींचतान से निपटने के लिए स्वदेशी पर जोरसुप्रीम कोर्ट ने ट्रेड यूनियनों को फटकारा, औद्योगिक विकास में रुकावट के लिए जिम्मेदार ठहरायाEconomic Survey में ‘ऑरेंज इकोनॉमी’ पर जोर: लाइव कॉन्सर्ट और रचनात्मकता से चमकेगी देश की GDPबारामती विमान दुर्घटना: जांच जारी, ब्लैक बॉक्स बरामद; DGCA सतर्कविदेशों में पढ़ रहे 18 लाख भारतीय छात्र, प्रतिभा पलायन रोकने के लिए बड़े सुधारों की जरूरत: Economic Survey

UPA ने एक दशक किया बरबाद, भारत को विकसित अर्थव्यवस्था बनाने के लिए दूरदर्शी नेता की जरूरत: वित्त मंत्री

पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए सीतारमण ने कहा, ‘कुछ भी स्वतः आगे नहीं बढ़ता। आगे बढ़ने के लिए कवायद करनी पड़ती है।

Last Updated- April 30, 2024 | 9:44 AM IST
Union Minister Nirmala Sitharaman

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को कहा कि भारत तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था अपने आप नहीं बन जाएगा बल्कि इसे हासिल करने के लिए को​शिशों और एक दूरदर्शी नेता की जरूरत है।

पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए सीतारमण ने कहा, ‘कुछ भी स्वतः आगे नहीं बढ़ता। आगे बढ़ने के लिए कवायद करनी पड़ती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बेहतर और ईमानदार प्रशासन की गारंटी दी है, वह सुनिश्चित करेंगे कि भारत की अर्थव्यवस्था तीसरे स्थान पर पहुंचे। गणित के किसी फॉर्मूले से ऐसा अपने आप नहीं हो जाएगा।’

पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने हाल में पीटीआई से कहा था कि भारत विश्व की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बनेगा, प्रधानमंत्री चाहे कोई भी रहे। चिदंबरम ने कहा कि आबादी की वजह से भारत तीसरा स्थान हासिल कर लेगा और इसमें जादू जैसी कोई बात नहीं है।

सीतारमण ने संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) के कार्यकाल को खराब नीतियों और भ्रष्टाचार में गंवाया हुआ दशक करार दिया।

सीतारमण ने कहा कि वृद्धि स्वतः नहीं होती और इसके लिए छोटे और व्यापक स्तर पर तमाम तरह की कवायद करनी होती है। उन्होंने कहा कि जब तक देश का सकल घरेलू उत्पाद नहीं बढ़ता है, आप अर्थव्यवस्था की मांग पूरी करने में सक्षम नहीं होंगे।

पूर्व वित्त मंत्री की टिप्पणी का हवाला देते हुए सीतारमण ने कहा, ‘उन्होने कहा कि कोई जादू नहीं है। तो क्यों उतार-चढ़ाव होता है? कोई जादू नहीं हो रहा है और हमारी आबादी की वजह से बढ़त होगी ही तो, ऐसे में गिरावट और तेजी, गिरावट और तेजी की स्थिति क्यों बनती है?’

उन्होंने कहा कि 2004 से 2014 के बीच भारत की अर्थव्यवस्था 2 पायदान ऊपर उठकर 12वें से 10वें स्थान पर आई थी।

उन्होंने कहा, ‘प्रधानमंत्री वाजपेयी जहां छोड़कर गए थे, उस स्थिति से 10 साल में हम सिर्फ 2 पायदान ऊपर गए। अब हम 10 साल में 10वें स्थान से पांचवें स्थान पर आ गए हैं और संभवतः अगले 2 साल में तीसरे स्थान पर पहुंच जाएंगे।’इस समय भारत की अर्थव्यवस्था अमेरिका, चीन, जर्मनी और जापान के बाद पांचवें स्थान पर है

First Published - April 29, 2024 | 11:15 PM IST

संबंधित पोस्ट