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2020-21 में 4.2 प्रतिशत रही बेरोजगारी दर

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Last Updated- December 22, 2022 | 4:02 PM IST
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श्रम एवं रोजगार मंत्री भूपेंद्र यादव ने गुरुवार को संसद में कहा कि श्रम बल सर्वेक्षण की नयी रिपोर्ट के अनुसार 2019-20 और 2020-21 के दौरान अनुमानित बेरोजगारी दर क्रमशः 4.8 प्रतिशत एवं 4.2 प्रतिशत थी जो देश में बेरोजगारी दर में गिरावट की प्रवृत्ति को दर्शाता है। यादव ने एक सवाल के जवाब में राज्यसभा को यह जानकारी दी।

उन्होंने कहा कि रोजगार और बेरोजगारी संबंधी आंकड़े वर्ष 2017-18 से सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (एमओएमपीआई) द्वारा करवाए जा रहे आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण (पीएलएफएस) के माध्यम से एकत्र किए जाते हैं।

उन्होंने कहा कि सर्वेक्षण की अवधि जुलाई से अगले वर्ष जून तक होती है और उपलब्ध नवीनतम वार्षिक पीएलएफएस रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2018-19, 2019-20 और वर्ष 2020-21 के दौरान सामान्य स्थिति के आधार पर 15 वर्ष और उससे अधिक आयु की अनुमानित बेरोजगारी दर (यूआर) क्रमशः 5.8 प्रतिशत, 4.8 प्रतिशत एवं 4.2 प्रतिशत थी जो देश में बेरोजगारी दर में गिरावट की प्रवृत्ति को दर्शाता है। उन्होंने अपने लिखित जवाब में कहा कि युवाओं को बेरोजगारी लाभ या भत्ता देने का कोई प्रस्ताव इस मंत्रालय के पास विचाराधीन नहीं है।

हालांकि, कर्मचारी राज्य बीमा (ईएमआई) योजना के तहत आने वाले कर्मचारी बेरोजगारी भत्ता पाने के हकदार हैं और इस संबंध में राजीव गांधी श्रमिक कल्याण योजना (आरजीएसवाई) 2005 में शुरु की गई थी।

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First Published - December 22, 2022 | 4:02 PM IST

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