facebookmetapixel
Advertisement
दिल्ली की नई EV पॉलिसी से Ather, Mahindra और Tata को मिलेगी रफ्तार! पूरे देश में तेज होगी इले​क्ट्रिक रेसGold, Silver Price Today: सोना ₹1,578 और चांदी ₹5,505 टूटी, क्या अब और गिरेंगे भाव?Fuel Price: पेट्रोल ₹5 और डीजल ₹3 सस्ता! इस कंपनी ने ग्राहकों को दी बड़ी राहतAdvit Jewels की शेयर बाजार में धमाकेदार एंट्री, लिस्टिंग के साथ निवेशकों को 37% तक का मुनाफाक्रिप्टो से ट्रंप की तगड़ी कमाई! एक साल में ₹12,000 करोड़ से ज्यादा की इनकमAMFI की नई लिस्ट जल्द, BSE और Vodafone Idea समेत कई शेयरों की बदल सकती है कैटेगरीजुलाई में पैसा कमाने का मौका? ब्रोकरेज ने बताए टॉप 10 खरीदने और बेचने वाले स्टॉक्स1 जुलाई से बड़ी राहत! कमर्शियल LPG सिलेंडर ₹183.50 सस्ता, चेक करें घरेलू गैस सिलेंडर के दाम11 हफ्तों से घट रहा अमेरिका का ऑयल स्टॉक, क्या अब बदलने वाला है ट्रेंड?US Jobs Report से पहले डॉलर में आई मजबूती, 101.3 के पार पहुंचा डॉलर इंडेक्स

सरकार, फर्मों के बीच रहे भरोसा

Advertisement
Last Updated- December 12, 2022 | 1:06 AM IST

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज कहा कि महामारी से पैदा कुछ मौकों का  लाभ उठाने के लिए सरकार और भारतीय कंपनियों के बीच भरोसा जरूरी है। यहां भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के सदस्यों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि महामारी से पैदा मौकों को भुनाने और भारत को एक पीढ़ी आगे ले जाने के लिए भरोसा होना बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि यह भरोसा सरकार के कामकाज में भी दिखता है। 
पिछले दिनों केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल और केंद्र में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी के वैचारिक सहयोगी संगठन ने दो बड़ी कंपनियों पर विवादास्पद टिप्पणी कर दी थीं, जिसके बाद कारोबारी समुदाय उनसे खफा है। इस आक्रोश के बीच सीतारमण ने भरोसे की बात पर जोर दिया है।

भाजपा के वैचारिक जनक कहलाने वाले संगठन ने नए ई-फाइलिंग पोर्टल में तकनीकी खामियों के लिए इन्फोसिस को राष्ट्र-विरोधी करार दिया था। यह पोर्टल जून की शुरुआत में चालू हुआ था। इससे पहले केंद्र ने पोर्टल में लगातार खामियों पर सफाई मांगने के लिए इन्फोसिस के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्याधिकारी सलिल पारेख को तलब करने की घोषणा सोशल मीडिया (ट्विटर) पर की थी। 
उधर अगस्त में गोयल ने 150 साल पुराने टाटा समूह की आलोचना करते हुए कहा कि भारतीय उद्योग की कारोबारी गतिविधियां राष्ट्रहित के खिलाफ हैं। उन्होंने कहा कि टाटा संस ने सरकार द्वारा बनाए गे ई-कॉमर्स नियमों का विरोध किया। गोयल ने कहा कि देसी उद्यमों को केवल मुनाफे का ही नहीं सोचना चाहिए। मगर वित्त मंत्री ने अपने संबोधन के दौरान उद्योग को लगातार अपनी राय देने और सुझाव देने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि जब महामारी आई तो उद्योग के साथ लगातार बातचीत से सरकार बहुत से कदम उठाने में सफल रही। 

महामारी से निपटने की सरकार की रणनीति के बारे में उन्होंने कहा कि टीकाकरण बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है, जो महामारी से सबसे बड़ी सुरक्षा है। साथ ही सरकार निजी क्षेत्र को मदद देकर मझोले और छोटे शहरों समेत स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर काम कर रही है। देश में अब तक करीब 74.38 करोड़ लोगों को टीके की कम से कम एक खुराक लगाई जा चुकी है। सीतारमण ने भारतीय कंपनियों को यह भरोसा भी दिलाया कि ‘नकदी अब बड़ी चिंता नहीं है और बैंक, एनबीएफसी (गैर बैंकिग वित्तीय कंपनी) एवं एमएफआई (सूक्ष्म वित्त) चैनल में अवरोध हट गए हैं तथा 15 अक्टूबर से जरूरतमंदों को कर्ज दिलाने का विशेष अभियान चलाया जाएगा।’
इस कदम से त्योहारी सीजन के दौरान आर्थिक सुधार को प्रोत्साहन मिलेगा और निर्यात जैसे क्षेत्रों को कर्ज की उपलब्धता सुनिश्चित होगी।

Advertisement
First Published - September 14, 2021 | 12:03 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement