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भारत और आसियान मुक्त व्यापार समझौते में होंगे ये बदलाव, जिससे व्यापार में होगा इजाफा

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समीक्षा बैठक: भारत और आसियान के बीच एफटीए पर नए दौर की चर्चा

Last Updated- December 25, 2023 | 9:30 PM IST
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भारत और 10 देशों वाले संगठन आसियान के बीच मौजूदा मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर समीक्षा बैठक जल्द शुरू होगी। इस मामले से जुड़े सूत्रों ने बताया कि बैठक में इस समझौते को ज्यादा आधुनिक और नए दौर के मुताबिक प्रासंगिक बनाने पर चर्चा होगी।

आसियान देशों के प्रमुख अधिकारियों का एक प्रतिनिधिमंडल 18-19 फरवरी को बातचीत शुरू करने के लिए आ सकता है। आसियान देशों में ब्रुनेई, कंबोडिया, इंडोनेशिया, लाओस, मलेशिया, म्यांमार, फिलिपींस, सिंगापुर, थाईलैंड और वियतनाम शामिल हैं। व्यापार समझौते पर अगस्त 2009 में हस्ताक्षर हुए थे और यह 2010 से लागू है।

उपरोक्त उल्लिखित अधिकारी ने बिजनेस स्टैंडर्ड से कहा, ‘मौजूदा एफटीए पर पूरी तरह से नए सिरे से विचार किया जाएगा। रूल्स आफ ओरिजिन को लेकर अलग से एक विस्तृत अध्याय होगा। व्यापार के उपाय पर समझौते में एक अलग अध्याय होगा।’

अधिकारी के मुताबिक, इसके पीछे इस व्यापार समझौते को और आधुनिक बनाए जाने का विचार है, क्योंकि यह एफटीए 13 साल पहले हुआ था और हमें इसे अद्यतन करने व समय बदलने के साथ इसमें कुछ चीजों में बदलाव की जरूरत है।

किसी भी एफटीए में रूल्स आफ ओरिजिन से यह मानदंड तय किया जाता है कि कौन सी वस्तु मुक्त आयात की पात्र है। इसके पीछे व्यापक विचार यह होता है कि किसी तीसरे देश में बनाई गई वस्तुओं को भारत भेजने से बचा जा सके।

भारत लंबे समय से तीसरे देशों में उत्पादित वस्तुओं को भेजे जाने को लेकर चिंतित रहा है। ऐसे मामलों में देश समझौते का लाभ उठाकर शुल्क लाभ लेते हैं। उन्होंने कहा, ‘इसके पीछे विचार यह है कि समीक्षा के माध्यम से यह चिंता दूर की जा सके।’

एक और चिंता व्यापार संतुलन को लेकर भी रही है। भारत और आसियान के बीच व्यापार आसियान देशों के पक्ष में है। आसियान देशों से आयात तेजी से बढ़ रहा है और इसकी तुलना में भारत से निर्यात कम हो रहा है। वित्त वर्ष 2023 में भारत से आसियान देशों को निर्यात बढ़कर 44 अरब डॉलर हो गया, जो एक साल पहले 42.32 अरब डॉलर था।

बहरहाल इस दौरान आयात तेजी से बढ़ा और वित्त वर्ष 2023 में आयात बढ़कर 87.57 अरब डॉलर हो गया, जो वित्त वर्ष 2022 में 68 अरब डॉलर था और उसके पहले के वित्त वर्ष में 25.76 अरब डॉलर था। यह वित्त वर्ष 2011 में महज 5 अरब डॉलर था।

उद्योग जगत ने सिंगापुर, थाईलैंड, इंडोनेशिया, मलेशिया, वियतनाम और फिलिपींस से अप्रैल सितंबर के दौरान आयात में तेज बढ़ोतरी को लेकर चिंता जताई थी। चालू वित्त वर्ष के पहले 6 महीनों के दौरान 38 वस्तुओं का आयात बहुत तेजी से बढ़ा है, जिनमें लैपटॉप, आईटी हार्डवेयर, टेलीकॉम उपकरण और स्टेनलेस स्टील उत्पादों का आयात शामिल है। दोनों पक्षों का लक्ष्य समझौते की समीक्षा और बातचीत 2025 तक पूरी कहना है।

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First Published - December 25, 2023 | 9:30 PM IST

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