facebookmetapixel
Advertisement
नीट पेपर लीक, परीक्षा रद्द, आंदोलन और अब शिक्षा मंत्री का इस्तीफा…..3 मई से लेकर अब तक क्या-क्या हुआ?शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफा, खुद अपने पोस्ट में लेटर जारी करके दी जानकारीफ्लैट खरीदने के बाद पुराने मेंटेनेंस बकाया का आ गया बिल? जानिए क्या कहता है कानून और क्या करें नए खरीदार360% का मोटा डिविडेंड! IT सेक्टर की दिग्गज कंपनी का निवेशकों को तोहफा, रिकॉर्ड डेट फिक्सक्या ईरान पर सबसे बड़े हमले की तैयारी में अमेरिका? ट्रंप बोले: हम ‘लॉक्ड एंड लोडेड’, पर बातचीत भी जारी‘उदारीकण के बाद अहसास हुआ कि हमें इनोवेशन करना होगा, न कि दिल्ली में इंतजार’, नारायण मूर्ति ने बयां की 1991 से पहले की दुश्वारियां1991 से अब तक का सफर: अविश्वास से निकलकर भरोसे पर आधारित आर्थिक नीति बनाने की जरूरत‘बंगाल को मिली तबाही और निराशा की विरासत’, बोले स्वप्न दासगुप्ता: निवेश लाने के लिए करेंगे अतिरिक्त प्रयासऑरिफ्लेम बेचेगी भारत में अपना विनिर्माण कारोबार, अकुम्स ड्रग्स की सहायक कंपनी प्योर एंड क्योर से हुआ समझौता₹9,200 करोड़ के IPO से कर्जमुक्त होगी मणिपाल हेल्थ, उत्तर भारत में विस्तार पर कंपनी का जोर: दिलीप जोस

अमेरिकी धुरी पर घूमती रही दुनिया

Advertisement
Last Updated- December 07, 2022 | 11:43 PM IST

अमेरिका से शुरू हुए मंदी के चक्रवात से शुक्रवार को भी सारी दुनिया के शेयर बाजार चकराते रहे।


न सिर्फ अमेरिकी शेयर बाजारों में गिरावट रही बल्कि इसका असर यूरोपीय और एशियाई बाजारों पर भी और गहराता नजर आया।

दुनिया के सात देशों द्वारा एक साथ की गई ब्याज दर में कटौती भी मंदी की इस महामारी के लिए ऊंट के मुंह में जीरा सरीखी साबित हुई। इसी वजह से निवेशकों ने समूची दुनिया की अर्थव्यस्था में मंदी की आशंका देखते हुए भारी बिकवाली की।

कहां-कहां आई विपदा

अमेरिका: अमेरिका में डाउ जोंस पांच साल के न्यूनतम स्तर पर आ गया। इसमें 679 अंकों की गिरावट दर्ज की गई।

यूरोप: शुक्रवार को फ्रांस के शेयर बाजार में 8.4 फीसदी की गिरावट आई। जर्मनी के शेयर बाजार में 9.1 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। ब्रिटेन का एफटीएसई 8 फीसदी लुढ़क कर 4000 के नीचे चला गया।

ऑस्ट्रेलिया: ऑस्ट्रेलियाई शेयर बाजार 8.3 फीसदी नीचे गिरकर बंद हुआ।

रूस: जरूरत से ज्यादा अनिश्चितता की वजह से मास्को के शेयर बाजार में फिलहाल कारोबार रोक दिया गया है।

एशिया:इस सप्ताह जापान के टोक्यो शेयर बाजार में 24 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। 1987 में शेयर बाजार में आई भारी गिरावट के बाद यह पहला मौका है कि जापान का शेयर बाजार निक्कई एक दिन में इतना गिर गया।

आर्थिक संकट की भयावहता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि जापान की बीमा कंपनी यामाटो दिवालिया हो गई है। संकट के मद्देनजर जकार्ता के बाजार में भी कारोबार बंद कर दिया गया है। एशिया के अन्य देशों में भी कमोबेश यही हालत है।

Advertisement
First Published - October 10, 2008 | 11:54 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement