facebookmetapixel
रविवार 1 फरवरी को आ सकता है साल 2026 का केंद्रीय बजट, CCPA ने रखा प्रस्तावNSO ने जीडीपी ग्रोथ का अपना पहला अग्रिम अनुमान जारी किया, वृद्धि दर 7.4 फीसदी रहने की आसवर्क फ्रॉम होम को अलविदा: कर्मियों को दफ्तर बुलाने पर आईटी कंपनियों का जोरइंडिगो एंटीट्रस्ट जांच के तहत सरकार ने एयरलाइंस से किराए का डेटा मांगाTata Steel का रिकॉर्ड तिमाही प्रदर्शन, भारत में कच्चा स्टील उत्पादन पहली बार 60 लाख टन के पारलैब-ग्रो डायमंड बाजार में टाइटन की एंट्री, ‘बीयॉन’ ब्रांड से लीडर बनने की तैयारीAuto Sales: 2025 में इलेक्ट्रिक वाहनों की रफ्तार बढ़ी, यात्री वाहन रहे आगे2025 में ट्रैक्टर बिक्री ने छुआ 10 लाख का आंकड़ा, 2026 में भी मजबूत मांग की उम्मीदचार महीने में 44% चढ़ा BHEL, ब्रोकरेज को और बढ़त की उम्मीदIPOs के लिए रिकॉर्ड वर्ष के बाद भी 2025 में इक्विटी कैपिटल मार्केट की रफ्तार सुस्त

सेवा गतिविधियों में तेजी

Last Updated- December 11, 2022 | 3:55 PM IST

 नए ऑर्डर में तेज बढ़ोतरी और कारोबारी गतिविधियां बढ़ने से भारत का सेवा क्षेत्र  अगस्त महीने में तेजी से बढ़ा है, जो जुलाई में 4 माह के निचले स्तर पर था। इस क्षेत्र में पिछले 14 साल में नौकरियों का सृजन सबसे तेज रहा है।
सर्विस पर्चेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (पीएमआई) अगस्त महीने में बढ़कर 57.2 पर पहुंच गया, जो जुलाई में 55.5 पर था। 50 से ऊपर सूचकांक गतिविधियों में तेजी और इससे नीचे संकुचन को दिखाता है।
एसऐंडपी ग्लोबल ने अपने सर्वे में कहा है कि नए कारोबार में मजबूत बढ़ोतरी, मांग में जारी सुधार, नौकरियों के सृजन, ओवरटाइम की वजह से मजबूत वृद्धि दर्ज की गई है। एसऐंडपी ग्लोबल मार्केट इंटेलिजेंस में इकनॉमिक्स एसोसिएट डायरेक्टर पॉलियाना डी लीमा ने कहा, ‘दूसरी वित्तीय तिमाही में भारत में सेवा गतिविधियों में मजबूत वृद्धि हुई और जुलाई में खोई कुछ जमीन हासिल हुई है।’
लीमा ने कहा कि वृद्धि में तेजी नए कारोबार मिलने की वजह से आई है क्योंकि फर्मों को कोविड-19 के प्रतिबंध हटने से लाभ मिला है।
सर्वे से पता चलता है कि मांग की स्थिति बेहतर रहने और विज्ञापन की वजह  से नए कारोबार में और वृद्धि हुई है, जिससे अगस्त में सेवा फर्मों का कारोबार बढ़ा है। लीमा ने मांग वापसी से सेवा प्रदातों की क्रय शक्ति बढ़ी है और बढ़ी लागत को वे बिक्री मूल्य में डालने में सफल हुई हैं। लीमा ने कहा, ‘महंगाई की दर व्यापक रूप से जुलाई के समान ही थी, लेकिन इनपुट लागत में तेजी कम हुई है।’
खाद्य, ईंधन और श्रम लागत बढ़ने के कारण आंकड़ों से सेवा कंपनियों के परिचालन व्यय में एक और बढ़ोतरी का पता चलता है, भले ही महंगाई दर 11 महीने के निचले स्तर पर आ गई है। कीमतों में बढ़ोतरी के असर से मुनाफे को बचाने के लिए कंपनियों ने अगस्त में विक्रय मूल्य में बढ़ोतरी की है, जिसे समावेशी मांग की स्थितियों से लाभ मिला है। बिक्री तेज रहने और वृद्धि के बेहतर अनुमानों के कारण पेरोल के आंकड़ों में सेवा क्षेत्र में तेजी आई है। 
सर्वे में पाया गया है कि नौकरियों के सृजन की दर 14 साल में सबसे तेज रही है। परिवहन, सूचना एवं संचार, वित्त एवं बीमा क्षेत्र में नए कारोबार में तेज बढ़ोतरी हुई है। उपभोक्ता और रियल एस्टेट और बिजनेस सर्विसेज में तेज दर से बढ़ोतरी हुई है, लेकिन वित्त एवं बीमा, परिवहन, सूचना और संचार शुल्क में मंदी आई है।
 

First Published - September 5, 2022 | 10:23 PM IST

संबंधित पोस्ट