facebookmetapixel
Advertisement
फ्लैट खरीदने के बाद पुराने मेंटेनेंस बकाया का आ गया बिल? जानिए क्या कहता है कानून और क्या करें नए खरीदार360% का मोटा डिविडेंड! IT सेक्टर की दिग्गज कंपनी का निवेशकों को तोहफा, रिकॉर्ड डेट फिक्सक्या ईरान पर सबसे बड़े हमले की तैयारी में अमेरिका? ट्रंप बोले: हम ‘लॉक्ड एंड लोडेड’, पर बातचीत भी जारी‘उदारीकण के बाद अहसास हुआ कि हमें इनोवेशन करना होगा, न कि दिल्ली में इंतजार’, नारायण मूर्ति ने बयां की 1991 से पहले की दुश्वारियां1991 से अब तक का सफर: अविश्वास से निकलकर भरोसे पर आधारित आर्थिक नीति बनाने की जरूरत‘बंगाल को मिली तबाही और निराशा की विरासत’, बोले स्वप्न दासगुप्ता: निवेश लाने के लिए करेंगे अतिरिक्त प्रयासऑरिफ्लेम बेचेगी भारत में अपना विनिर्माण कारोबार, अकुम्स ड्रग्स की सहायक कंपनी प्योर एंड क्योर से हुआ समझौता₹9,200 करोड़ के IPO से कर्जमुक्त होगी मणिपाल हेल्थ, उत्तर भारत में विस्तार पर कंपनी का जोर: दिलीप जोसजून में लगातार दूसरे महीने क्रेडिट कार्ड खर्च ₹2 लाख करोड़ पार, HDFC Bank और SBI का दिखा दबदबाICICI Bank ने डॉलर बॉन्ड से जुटाए $1 अरब, 2017 के बाद पहला सबसे बड़ा सार्वजनिक बॉन्ड इश्यू

…औद्योगिक विकास सुस्त

Advertisement
Last Updated- December 07, 2022 | 4:45 PM IST

चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही के दौरान, ब्याज की ऊंची दरों द्वारा विनिर्माण पर लगातार दबाव बनाए जाने के कारण औद्योगिक विकास की दर करीब आधी 5.2 फीसदी रह गई, जो पिछले साल की समान अवधि में 10.3 फीसदी थी।


छह प्रमुख बुनियादी ढांचा उद्योगों की विकास दर पहली तिमाही में घटकर 3.5 फीसदी हो गई, जबकि पिछले साल की समान अवधि में यह 6.4 फीसदी थी। जून माह में औद्योगिक विकास दर की बात करें, तो यह घटकर 5.4 फीसदी हो गई, जो पिछले साल की समान अवधि में 8.9 फीसदी थी।

विनिर्माण क्षेत्र की विकास दर पिछले साल की समान अवधि की 9.7 फीसदी दर के मुकाबले घटकर 5.9 फीसदी हो गई। जून माह में कोयले को छोड़कर अन्य क्षेत्रों के खराब प्रदर्शन के कारण बुनियादी ढांचा की विकास दर घटकर 3.4 फीसदी रह गई, जबकि पिछले साल की समान अवधि में यह 5.2 फीसदी थी।

Advertisement
First Published - August 13, 2008 | 1:34 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement