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Service PMI: जून में धीमी रही सर्विस सेक्टर की रफ्तार, तीन महीने के न‍िचले स्‍तर पर पहुंचा पीएमआई

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भारत का विनिर्माण PMI मई में 57.8 से गिरकर जून में 58.7 पर आ गया। परिणामस्वरूप, भारत की समग्र PMI रीडिंग मई में 61.6 से घटकर जून में 59.4 पर आ गई।

Last Updated- July 05, 2023 | 12:29 PM IST
Service PMI: The pace of the service sector slowed down in June, reached a three-month low

महंगाई के कारण भारत के सर्विस सेक्टर में व्यावसायिक गतिविधि की वृद्धि जून के महीने में तीन महीने के निचले स्तर पर आ गई, जबकि आउटपुट शुल्क में लगभग छह वर्षों में सबसे तेज वृद्धि देखी गई। बुधवार को एक निजी सर्वें में इसकी जानकारी दी गई।

क्रेडिट रेटिंग एजेंसी एसएंडपी ग्लोबल (S&P Global) के परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (PMI) सर्वेक्षण में सर्विस सेक्टर का PMI मई के 61.2 से घटकर जून में 58.5 हो गया। अप्रैल के बाद यह सबसे निचला स्तर है। अप्रैल में यह 62 था।

मंगलवार के आंकड़ों से पता चला कि भारत का विनिर्माण PMI मई में 57.8 से गिरकर जून में 58.7 पर आ गया। परिणामस्वरूप, भारत की समग्र PMI रीडिंग मई में 61.6 से घटकर जून में 59.4 पर आ
गई।

S&P ग्लोबल मार्केट इंटेलिजेंस में अर्थशास्त्र के एसोसिएट निदेशक पोलियाना डी लीमा ने कहा कि महंगाई में हल्की तेजी रही, मई से इसमें थोड़ी बढ़ोतरी हुई लेकिन फिर भी यह लगभग छह साल के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई। विनिर्माण के साथ संयुक्त रूप से, निजी क्षेत्र में उत्पादन की कीमतें एक दशक से भी अधिक समय में सबसे तेज गति से बढ़ीं।

सेवा प्रदाताओं ने पहली वित्तीय तिमाही के अंत में नए व्यवसाय के प्रवेश में तेज विस्तार देखा। बिक्री में नवीनतम वृद्धि के लिए सर्वेक्षण प्रतिभागियों द्वारा बताए गए कारणों में सकारात्मक मांग रुझान, विज्ञापन और अनुकूल बाजार स्थितियां शामिल थीं।

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First Published - July 5, 2023 | 12:22 PM IST

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