facebookmetapixel
सेना दिवस: भैरव बटालियन ने जीता लोगों का दिल, ब्रह्मोस मिसाइल ने दिखाई अपनी ताकतX ने AI चैटबॉट ग्रोक से महिलाओं और बच्चों की अश्लील तस्वीरों पर लगाया बैन, पेड यूजर्स तक सीमित किया कंटेंट क्रिएशनI-PAC दफ्तर की तलाशी पर सुप्रीम कोर्ट सख्त: ED की याचिका पर बंगाल सरकार से जवाब, FIR पर रोकवै​श्विक वृद्धि के लिए हमारी रणनीति को रफ्तार दे रहा भारत, 2026 में IPO और M&A बाजार रहेगा मजबूत27 जनवरी को भारत-ईयू एफटीए पर बड़ा ऐलान संभव, दिल्ली शिखर सम्मेलन में तय होगी समझौते की रूपरेखासुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: टाइगर ग्लोबल को टैक्स में राहत नहीं, मॉरीशस स्ट्रक्चर फेलएशिया प्राइवेट क्रेडिट स्ट्रैटिजी के लिए KKR ने जुटाए 2.5 अरब डॉलर, निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ीचीन के कदम से देसी प्लास्टिक पाइप कंपनियों को दम, पिछले एक साल में शेयर 23% टूटेसेबी लाएगा म्युचुअल फंड वर्गीकरण में बड़ा बदलाव, पोर्टफोलियो ओवरलैप पर कसेगी लगामRIL Q3FY26 results preview: रिटेल की सुस्ती की भरपाई करेगा एनर्जी बिजनेस, जियो बनेगा कमाई का मजबूत सहारा

PLI की तर्ज पर ‘RLI’, फार्मा रिसर्च को मिलेगी मजबूती

Last Updated- February 07, 2023 | 11:36 PM IST
Pharma industry

शोध-केंद्रित फार्मास्युटिकल एवं लाइफसाइंस तंत्र तैयार करने के लिए केंद्र इस क्षेत्र के लिए शोध-केंद्रित रियायत (RLI) योजना बनाने की दिशा में सक्रियता से काम कर रहा है।

यह बदलाव उत्पादन-केंद्रित रियायत (PLI) योजना की तर्ज पर किया जा रहा है।

दस घटनाक्रम से अवगत उद्योग और सरकारी सूत्रों का कहना है कि योजना पर सूक्ष्मता के साथ काम किया जा रहा है। इस उद्योग के एक अ​धिकारी ने कहा, ‘गहन विचार-विमर्श के बाद इस योजना को मंजूरी के लिए मंत्रिमंडल के पास भेजा जाएगा।’

देश में शोध तंत्र को बढ़ावा के उपायों पर चर्चा से जुड़ी एक प्रमुख कंपनी के प्रमुख ने कहा कि इस योजना का विवरण कुछ महीनों में सामने आ सकता है।
एक वरिष्ठ सरकारी अ​धिकारी ने भी इसकी पु​ष्टि की है।

उन्होंने कहा कि योजना के कई हिस्से हैं, जैसे कंपनियां घरेलू तौर पर शोध कर सकती हैं या सरकारी प्रयोगशालाओं की भागीदारी में काम कर सकती हैं। नैशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मास्युटिकल एजूकेशन ऐंड रिसर्च को उत्कृष्टता केंद्र के तौर पर विकसित करने की योजना है।

अ​धिकारी ने कहा, ‘हमारे पास कुछ चुनौतीपूर्ण क्षेत्र हैं, और कोष का आवंटन परियोजना-आधारित होगा। परियोजनाओं की टियर 1, 2 और 3 श्रे​णियां होंगी, तथा सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यमों (एमएसएमई) और स्टार्टअप के लिए अलग श्रेणी होगी।’

इसके अलावा, केंद्र ऐसे चि​कित्सकीय उपकरणों पर विचार कर रहा है जिन्हें आरएलआई में शामिल किया जा सकता है।

मुख्य उद्देश्य शोध एवं विकास (research and development- R&D) में योगदान बढ़ाकर कंपनियों के कुल कारोबार का 15 प्रतिशत करना है, जो अभी उद्योग स्तर पर करीब 4-5 प्रतिशत है।

योजना में पांच या छह क्षेत्र शामिल हो सकते हैं: बायोसिमिलर, एंटीबायोटिक, ऑर्फन ड्रग्स, कॉम्पलेक्स जेनेरिक्स, और प्रेसीजन मेडिसिन के क्षेत्रों में शोध, जिनमें दवा कंपनियों द्वारा निवेश उन्हें आरएलआई का पात्र बनाएगा। इसके अलावा, योजना के तहत MSME को R&D में निवेश के लिए प्रोत्साहित करने के संदर्भ में अलग से रियायतें दी जा सकती हैं।

ऐसा इसलिए जरूरी माना जा रहा है, क्योंकि पीएलआई में ज्यादातर कोष बड़ी कंपनियों को दिया जा रहा है। उद्योग के एक अ​धिकारी ने कहा, ‘करीब 11,000 करोड़ रुपये सिर्फ 11 कंपनियों को दिए गए, जबकि 1,750 करोड़ रुपये की रा​शि 35-40 छोटी कंपनियों को वितरित की गई।’ औष​धि विभाग और नीति आयोग ने इस मुद्दे पर पिछले कुछ वर्षों में उद्योग के साथ परामर्श किया है। उद्योग के सुझावों के आधार पर इस योजना का दायरा बढ़ाया गया है। मसौदा नीति तैयार है और इसे अंतिम रूप दिया जाना बाकी है।

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग भी स्वास्थ्य शोध ​विभाग के साथ मिलकर इस मुद्दे पर सक्रियता दिखा रहा है।

अ​धिकारी ने कहा कि आरएलआई को कितनी रा​शि आवंटित की जानी है, इस पर निर्णय लिया जाना बाकी है।

बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भारत में फार्मा क्षेत्र में शोध-केंद्रित गतिवि​धियों को बढ़ावा दिए जाने पर जोर दिया।

First Published - February 7, 2023 | 11:10 PM IST

संबंधित पोस्ट