facebookmetapixel
Advertisement
Share Market Crash: IT शेयरों में भारी बिकवाली से मचा हड़कंप, सेंसेक्स 600 अंक से ज्यादा टूटा40 सुपरटैंकर और 80 मिलियन बैरल तेल: जानिए क्यों दुनिया भर की नजरें टिकी हैं होर्मुज परमहंगाई को लेकर सावधान रहने की जरूरत, इसलिए नहीं बदलीं ब्याज दरें: RBI गवर्नर संजय मल्होत्राMF मार्केट में बड़ा बदलाव! Zerodha लाया पहला ‘लाइफ साइकिल फंड’, सिर्फ ₹100 से निवेश की होगी शुरुआतग्रीन एनर्जी पर RIL का मेगा प्लान! जामनगर गीगा कॉम्प्लेक्स, कच्छ सोलर फार्म बनेंगे गेमचेंजर; बनेंगी 2 लाख नौकरियांApple यूजर्स को बड़ा झटका! महंगे हो सकते हैं iPhone, जानें वजह₹1 लाख करोड़ का बिजनेस, JIO IPO, Ajio और JioMart का विस्तार: ईशा अंबानी ने बताया RCPL का फ्यूचर प्लानITR filing: फॉर्म 16 से गायब रह सकती हैं ये 10 तरह की कमाई, ITR फाइल करते समय भूलना पड़ सकता है भारीRIL AGM 2026: जामनगर बनेगा दुनिया की पहली ऑटोनॉमस रिफाइनरी, पश्चिम एशिया संकट में 4 गुना बढ़ाई LPG सप्लाईReliance AGM में बोलीं ईशा अंबानी: रिलायंस रिटेल ने FY26 में रचा इतिहास, जियोमार्ट बना सबसे बड़ा क्विक कॉमर्स नेटवर्क

जनवरी में रिकॉर्ड ई-वे बिल जारी

Advertisement

ई-वे बिल या इलेक्ट्रॉनिक परमिट किसी राज्य में या दो राज्यों व्यापार के लिए वस्तुओं की आवाजाही के लिए होता है।

Last Updated- February 08, 2025 | 11:29 AM IST
e-way bill

जनवरी में अब तक के सर्वाधिक 11.81 करोड़ ई-वे बिल जारी किए गए। वस्तु एवं सेवा कर नेटवर्क (जीएसटीएन) पोर्टल के मुताबिक जनवरी में ई-वे बिल में सालाना आधार पर 23.1 फीसदी की वृद्धि हुई। ई-वे बिल या इलेक्ट्रॉनिक परमिट किसी राज्य में या दो राज्यों व्यापार के लिए वस्तुओं की आवाजाही के लिए होता है।

इससे पहले बीते साल अक्टूबर में त्योहारी मौसम के कारण सर्वाधिक ई-वे बिल 11.7 करोड़ था। दिसंबर में ई-वे बिल दूसरे उच्चतम स्तर 11.2 करोड़ पर पहुंचा था। ई-वे बिल 50,000 रुपये या उससे अधिक मूल्य के सामान की आवाजाही के लिए अनिवार्य हैं। लिहाजा ये बिल अर्थव्यवस्था में मांग और आपूर्ति के शुरुआती संकेतक हैं। यह अक्सर व्यापक आर्थिक संकेतकों में थोड़े अतंराल के साथ दिखते हैं।

जनवरी के ई-वे बिल के सृजन का असर फरवरी के जीएसटी संग्रह में दिखने की उम्मीद है। जीएसटी संग्रह का यह आंकड़ा 1 मार्च को जारी होगा। ई-वे बिल की बढ़ती संख्या यह दर्शाती है कि सामान की अधिक आवाजाही हुई।

ई-वे बिल का प्रदर्शन एचएसबीसी इंडिया के विनिर्माण पीएमआई से भी मेल खाता है। यह जनवरी में उछलकर 6 माह के उच्च स्तर पर पहुंच गया था जबकि दिसंबर में 12 महीने के निचले स्तर पर था।

Advertisement
First Published - February 8, 2025 | 11:29 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement