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RBI का GDP वृद्धि अनुमान बेहद आशावादी, महंगाई का बुरा दौर छूटा पीछे: Nomura

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Last Updated- April 07, 2023 | 6:38 PM IST
GDP base year revision: Government considering changing the base year for GDP calculation to 2022-23 जीडीपी गणना के लिए आधार वर्ष को बदलकर 2022-23 करने पर विचार कर रही सरकार

जापानी ब्रोकरेज कंपनी नोमुरा ने शुक्रवार को कहा कि वित्त वर्ष 2023-24 में भारत की आर्थिक वृद्धि दर 6.5 प्रतिशत रहने का रिजर्व बैंक का अनुमान ‘बहुत आशावादी’ है और अक्टूबर से ब्याज दर में कटौती का सिलसिला शुरू हो सकता है।

नोमुरा ने अपनी एक रिपोर्ट में चालू वित्त वर्ष के लिए मुद्रास्फीति संबंधी रिजर्व बैंक के पूर्वानुमान से सहमति जताते हुए कहा कि सकल मुद्रास्फीति का सबसे बुरा दौर अब पीछे छूट चुका है।

हालांकि ब्रोकरेज फर्म ने कहा, ‘वित्त वर्ष 2023-24 में भारत की वृद्धि दर 6.5 प्रतिशत रहने का रिजर्व बैंक का संशोधित पूर्वानुमान बहुत आशावादी नजर आता है।’

उसने चालू वित्त वर्ष में भारत की वृद्धि दर के घटकर 5.3 प्रतिशत रहने की संभावना जताई है। नोमुरा ने RBI के वृद्धि पूर्वानुमान में एक प्रतिशत से ज्यादा की कमी आने की आशंका जताते हुए कमजोर वैश्विक वृद्धि, अनिश्चितता बढ़ने और घरेलू मौद्रिक नीति में सख्ती के प्रभावों को इसके लिए जिम्मेदार बताया है।

RBI ने गुरुवार को द्विमासिक (bi-monthly) मौद्रिक समीक्षा के बाद कहा कि चालू वित्त वर्ष में कच्चे तेल के दाम 85 डॉलर प्रति बैरल के औसत स्तर पर रहने की स्थिति में वृद्धि दर 6.5 प्रतिशत रह सकती है।

नोमुरा ने कहा कि RBI जून की अगली मौद्रिक समीक्षा बैठक में भी दर वृद्धि पर रोक जारी रख सकता है।

हालांकि ब्रोकरेज कंपनी ने जून के बाद मुद्रास्फीति के लक्ष्य से थोड़ा पीछे रहने और वृद्धि पर उसका असर पड़ने की आशंका भी जताई है।

रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि अक्टूबर से ब्याज दर में कटौती का सिलसिला शुरू हो सकता है।

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First Published - April 7, 2023 | 6:32 PM IST

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