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नवंबर में शहरी उपभोक्ताओं का बढ़ा भरोसा, आरबीआई सर्वे में बेहतर कीमत और आर्थिक भावना उजागर

हालांकि ग्रामीण निवासियों के बीच प्रवृत्ति अलग थी, जहां इस अवधि के दौरान उपभोक्ता आत्मविश्वास पिछले सर्वे दौर के लगभग समान स्तर पर रहा

Last Updated- December 05, 2025 | 11:07 PM IST
Consumption Stocks
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के सर्वे के अनुसार कीमत और सामान्य आर्थिक स्थिति को लेकर बेहतर भावनाओं के कारण नवंबर 2025 में शहरी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों का उपभोक्ता आत्मविश्वास सितंबर 2025 की तुलना में बढ़ा है।

हालांकि ग्रामीण निवासियों के बीच प्रवृत्ति अलग थी, जहां इस अवधि के दौरान उपभोक्ता आत्मविश्वास पिछले सर्वे दौर के लगभग समान स्तर पर रहा। सर्वे में दिखाया गया है कि शहरी क्षेत्रों के लिए वर्तमान स्थिति सूचकांक (सीएसआई) सितंबर में 96.9 से बढ़कर नवंबर में 98.4 हो गया। ग्रामीण इलाके आशावादी क्षेत्र में बने रहे, वहीं सूचकांक सितंबर में 100.9 से घटकर नवंबर में 100.8 हो गया।

एक साल आगे की स्थिति देखें तो शहरी उपभोक्ता अत्यधिक आशावादी बने हुए हैं। फ्यूचर एक्सपेक्टेशन इंडेक्स (एफईआई) 0.6 अंक बढ़कर नवंबर में 125.6 हो गया है।

कीमत का दबाव कम होने से शहरी परिवारों का आवश्यक वस्तुओं पर खर्च को लेकर तात्कालिक अवधारणा तेजी से सुधरी है। इसी तरह की धारणा भविष्य में आवश्यक खर्च को भी लेकर है। बहरहाल भविष्य में गैर जरूरी खर्च को लेकर उम्मीदों में थोड़ा सुधार हुआ है।

मौजूदा भाव के स्तर और महंगाई की स्थिति पर सकारात्मक धारणा बढ़ी है। इसी तरह की धारणा के बीच शहरी इलाकों के परिवार आने वाले साल में कीमत और महंगाई का दबाव दोनों ही कम होने की उम्मीद कर रहे हैं।

एफईआई से पता चलता है कि ग्रामीण उपभोक्ताओं की धारणा आशावादी क्षेत्र में रहते हुए सुधरी है। कीमतों और महंगाई दर में गिरावट का अनुमान लगाने वाले ग्रामीण परिवारों की हिस्सेदारी इस समय बढ़ी है और भविष्य में भी उन्हें ऐसा ही रहने का अनुमान है।

ग्रामीण परिवारों की महंगाई को लेकर मौजूदा धारणा उल्लेखनीय रूप से 130 आधारअंक घटकर मौजूदा दौर के सर्वे में 4.6 प्रतिशत हो गई है।  आने वाले साल के लिए भी यह 150 आधार अंक घटकर 6.1 प्रतिशत हो गई है।

First Published - December 5, 2025 | 10:38 PM IST

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