facebookmetapixel
Advertisement
को-वर्क एआई ने बढ़ाई उत्पादकता, लेकिन सेवा कंपनियों का काम बरकरारAI Impact Summit 2026: भारत बनेगा भरोसेमंद एआई पार्टनरकिसानों और स्टॉक को देखते हुए सरकार ने निर्यात में ढील दीStocks To Watch Today: IPO से लेकर फाइनेंशियल्स तक, इन कंपनियों के शेयर रहेंगे निवेशकों की रडार परबांग्लादेश में नई सरकार का आगाज: तारिक रहमान के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होंगे ओम बिरलाBudget 2026 पर PM का भरोसा: ‘अभी नहीं तो कभी नहीं’ वाली मजबूरी खत्म, यह ‘हम तैयार हैं’ वाला क्षण9 मार्च को लोक सभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर होगी चर्चाIndia AI Impact Summit 2026: दिल्ली में जुटेगा दुनिया का दिग्गज टेक नेतृत्व, $100 अरब के निवेश की उम्मीदAI इम्पैक्ट समिट 2026: नगाड़ों की गूंज व भारतीय परंपरा के साथ 35,000 मेहमानों का होगा भव्य स्वागतदिल्ली में AI का महाकुंभ: भारत मंडपम में AI इम्पैक्ट समिट सोमवार से, जुटेंगे 45 देशों के प्रतिनिधि

रेपो रेट से लेकर महंगाई तक, RBI की MPC मीटिंग से जुड़ी ये 6 बातें आपकी जेब पर सीधा असर डालेंगी

Advertisement

रेपो रेट में कटौती, CRR घटा, महंगाई में राहत और विदेशी निवेश में मजबूती जैसे फैसलों से आपकी जेब और बाजार दोनों पर पड़ेगा असर

Last Updated- June 06, 2025 | 2:44 PM IST
RBI

भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने मौद्रिक नीति समिति (MPC) की जून बैठक के बाद रेपो रेट को 0.50% घटाकर 5.5% कर दिया है। यह फैसला बदलते वैश्विक और घरेलू आर्थिक हालात की गहराई से समीक्षा के बाद लिया गया। साथ ही, स्टैंडिंग डिपॉजिट फैसिलिटी (SDF) को घटाकर 5.25% और मार्जिनल स्टैंडिंग फैसिलिटी (MSF) व बैंक रेट को 5.75% कर दिया गया है। गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि यह कटौती आर्थिक ग्रोथ को सपोर्ट देने के उद्देश्य से की गई है।

1. CRR में 1% की कटौती, बैंकों को मिलेगी ₹2.5 लाख करोड़ की नकदी

RBI ने नकद आरक्षित अनुपात (CRR) को 4% से घटाकर 3% करने का फैसला भी लिया है। यह कटौती चार समान किस्तों में की जाएगी – 6 सितंबर, 4 अक्टूबर, 1 नवंबर और 29 नवंबर से लागू होगी। इससे बैंकों के पास कुल ₹2.5 लाख करोड़ की अतिरिक्त नकदी उपलब्ध होगी, जिससे लोन सस्ते होने और कर्ज देने की क्षमता बढ़ने की उम्मीद है।

Also Read: Repo Rate घटने के बाद Home Loan की घटेगी EMI? 20 साल के लिए ₹50 लाख लोन पर समझें कैलकुलेशन

2. महंगाई 4% के नीचे, नया अनुमान 3.7%

गवर्नर ने कहा कि महंगाई दर अब RBI के टॉलरेंस बैंड से काफी नीचे आ चुकी है। अक्टूबर 2024 में जहां महंगाई 6% से ऊपर थी, अब वह घटकर 3.2% रह गई है। ऐसे में चालू वित्त वर्ष 2025-26 के लिए CPI महंगाई का औसत अनुमान घटाकर 3.7% कर दिया गया है, जो पहले 4% था। यह राहत खाद्य वस्तुओं की कीमतों में नरमी और अंतरराष्ट्रीय कमोडिटी प्राइसेज़ में गिरावट की वजह से आई है।

3. GDP ग्रोथ का अनुमान 6.5% पर बरकरार

हालांकि वैश्विक अर्थव्यवस्था कमजोर दिख रही है, लेकिन RBI ने भारत की वित्त वर्ष 2025-26 के लिए GDP ग्रोथ दर 6.5% रहने का अनुमान दोहराया है। RBI के मुताबिक Q1 में ग्रोथ 6.5%, Q2 में 6.7%, Q3 में 6.6% और Q4 में 6.3% रहने की संभावना है। गवर्नर ने कहा कि जोखिम संतुलित हैं, और निजी खपत व निवेश को बढ़ावा देने की ज़रूरत बनी हुई है।

Also Read:  RBI MPC: CRR में 1% की कटौती से बैंकिंग सिस्टम को मिलेगी ₹2.5 लाख करोड़ की अतिरिक्त लिक्विडिटी, बढ़ेगी कर्ज देने की क्षमता

4. अब नीति रुख ‘तटस्थ’, फोकस रहेगा डेटा और बैलेंस पर

पिछले कुछ महीनों में 100 बेसिस प्वाइंट की दर कटौती के बाद, RBI ने अब नीति रुख ‘Accommodative’ से बदलकर ‘Neutral’ कर दिया है। इसका मतलब है कि अब आगे की मौद्रिक नीति दरें पूरी तरह डेटा, वैश्विक माहौल और महंगाई-ग्रोथ बैलेंस पर निर्भर होंगी। RBI का मानना है कि अब नीति के पास सीमित स्पेस बचा है, इसलिए हर कदम सोच-समझकर उठाना होगा।

5. वैश्विक अस्थिरता के बीच भारत का आत्मविश्वास

RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि भले ही दुनिया में पूंजी फ्लो और करेंसी को लेकर भारी उतार-चढ़ाव बना हुआ है, लेकिन भारत इन हालातों में मज़बूती, स्थिरता और अवसरों की तस्वीर पेश करता है। उन्होंने बताया कि भारत की मजबूती की तीन प्रमुख वजहें हैं – संतुलित बैलेंस शीट (कॉरपोरेट, बैंक, घरेलू, सरकार, और विदेशी क्षेत्र), तीनों मोर्चों पर स्थिरता (कीमतें, वित्तीय और राजनीति), और निवेश के लिए आकर्षक माहौल।

6. विदेशी निवेश और फॉरेन रिज़र्व मजबूत

गवर्नर ने यह भी बताया कि FDI में तेज़ी भारत की भरोसेमंद छवि को दर्शाता है। इसके अलावा विदेशी मुद्रा भंडार इतना मजबूत है कि यह 11 महीने तक के माल आयात और 96% तक के बाहरी कर्ज को कवर कर सकता है। बाहरी कर्ज और NRI जमा में भी इस साल ज्यादा नेट इनफ्लो देखने को मिला है, जिससे भारत का एक्सटर्नल सेक्टर और मजबूत हुआ है।

Also Read:  RBI MPC Meeting: रेपो रेट में 0.50% कटौती का ऐलान, RBI गवर्नर ने लगातार तीसरी बार घटाई ब्याज दरें

Advertisement
First Published - June 6, 2025 | 2:27 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement