facebookmetapixel
Advertisement
आपकी SIP कैसे रुपये को कर रही है कमजोर? Jefferies ने बताई इसकी कड़वी सच्चाई  LIC Q4FY26 Results: मुनाफा 23% बढ़कर ₹23,420 करोड़, ₹10 के डिविडेंड का ऐलानअब मुंबई की बारिश पर भी लगेगा दांव, हर बूंद का होगा सौदा; समझिए Rain Futures ट्रेडिंग कैसे होगीअब एक OTP नहीं, दो की होगी जरूरत, बुजुर्गों के पैसे रहेंगे पूरी तरह सुरक्षित; जानें डीटेलयूपी में जल्द जमीन पर उतरेंगे ₹7 लाख करोड़ के निवेश, डिफेंस कॉरिडोर पर योगी सरकार का बड़ा दांवITC Q4FY26 Results: मुनाफा 74% घटकर ₹5,113 करोड़ पर आया, ₹8 के डिविडेंड का ऐलान Explainer: 10-वर्षीय सरकारी बॉन्ड क्या है और इस पर सबकी नजर क्यों रहती है? भारत का बॉन्ड मार्केट क्यों दे रहा खतरे का इशारा? नीतिगत राहत के बावजूद निवेशक क्यों हैं नाखुश?IPO प्राइस से नीचे फिसला टाटा कैपिटल, एक्सपर्ट ने बताई आगे की ट्रेडिंग स्ट्रैटेजीमजबूत नतीजों के बाद चमका Samvardhana Motherson का शेयर, ब्रोकरेज को 29% तक रिटर्न की उम्मीद

PM-SYM Scheme: असंगठित क्षेत्र की पेंशन योजना की होगी समीक्षा

Advertisement

यह योजना मार्च 2019 में पेश की गई थी, लेकिन 5 साल बाद भी रफ्तार नहीं पकड़ सकी।

Last Updated- August 27, 2024 | 11:19 PM IST
Pension, retirement saving

श्रम मंत्रालय असंगठित क्षेत्र के लिए सरकार की प्रमुख पेंशन योजना, प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन (पीएम-एसवाईएम) योजना के एक्चुरियल वैल्युएशन के लिए एक्चुअरी नियुक्त करने जा रहा है। यह योजना मार्च 2019 में पेश की गई थी, लेकिन 5 साल बाद भी रफ्तार नहीं पकड़ सकी।

श्रम मंत्रालय द्वारा इस माह की शुरुआत में जारी प्रस्ताव अनुरोध (आरएफपी) में कहा गया है, ‘एक्चुअरी को एक्चुरियल अवधारणाओं और विश्लेषण के आधार पर एक वित्तीय मॉडल विकसित करके योजना की दीर्घकालिक वित्तीय स्थिरता का आकलन करना होगा, ताकि पेंशन योजना में सुझाए गए भविष्य के परिवर्तनों के प्रभाव का निर्धारण किया जा सके, जैसे अंशदान दरों का पुनर्मूल्यांकन/पुनर्निर्धारण, योजना का लाभ केवल बीमाधारक और उसके जीवनसाथी तक सीमित करना आदि।

इसमें कहा गया है कि एक्चुअरी वित्त वर्ष 22 से शुरू होने वाले प्रत्येक वित्तीय वर्ष के अंत में पीएम-एसवाईएम योजना की परिसंपत्तियों और देनदारियों का एक्चुरियल वैल्युएशन भी करेगा। इसमें मानधन योजना के भविष्य की देनदारी की जरूरतों, पूंजी का अनुमानित मूल्य और वित्तपोषण में कमी को देखते हुए एक्चुरियल वैल्यू का अनुमान लगाया जाएगा।

प्रस्ताव में यह भी अपेक्षा की गई है कि एक्चुअरी, अंतर वित्तपोषण के प्रावधानों पर विचार करने के बाद सरकार द्वारा गारंटीकृत पीएम-एसवाईएम योजना के तहत लाभ के कारण देयता का अनुमान लगाएगा और वार्षिक आधार पर 2038-2039 की अवधि से गारंटी वाली पेंशन देयता को पूरा करने के लिए योजना के लिए धन की जरूरत का अनुमान लगाएगा।

इस योजना की घोषणा 2019 के अंतरिम केंद्रीय बजट में तत्कालीन वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने की थी। योजना में अगले 5 साल में करीब 10 करोड़ लोगों को शामिल किए जाने का लक्ष्य था।

यह योजना 18 से 40 साल की उम्र के कामगारों के लिए है, जिनकी मासिक आमदनी 15,000 रुपये या इससे कम है और वे कर्मचारी भविष्य निधि या कर्मचारी राज्य बीमा निगम जैसी योजनाओं में शामिल नहीं हैं। आरएफपी के मुताबिक इस योजना में वित्त वर्ष 2024 के आखिर तक 49.9 लाख कामगार शामिल हुए हैं और इसमें 3,414 करोड़ रुपये का कोष एकत्रित किया गया है।

Advertisement
First Published - August 27, 2024 | 10:53 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement