facebookmetapixel
Advertisement
5G और टैरिफ बढ़ोतरी से Airtel की कमाई बढ़ने की उम्मीद, 33% तक तेजी का अनुमानमहाराष्ट्र में बनेगा ऊर्जा का नया गेमचेंजर! न्यू एरा क्लीनटेक लगाएगी 3 अरब डॉलर, कोयले से बनेगा गैस फ्यूलशेयरधारकों की बल्ले-बल्ले! अगले हफ्ते Havells, L&T, GM Breweries समेत कई कंपनियां देंगी डिविडेंडडीजल की कीमतों से खतरे में CV इंडस्ट्री की रफ्तार, रिकवरी पर लग सकता है ब्रेकGold, Silver Price Today: मुनाफावसूली के चलते सोना पड़ा नरम, चांदी के भी भाव घटेपेट्रोल-डीजल कीमतों में बढ़ोतरी से महंगाई का खतरा गहराया, रुपया 96.80 तक जा सकता हैसोना-चांदी पर बड़ा झटका, आयात शुल्क बढ़ा तो भी कीमतों में उलझा बाजार, ट्रेडर्स परेशानGQG ने बेचे अदाणी एंटरप्राइजेज के शेयर, ASK और Lighthouse ने लॉन्च किए नए फंडडिजिटल धोखाधड़ी रोकने के लिए भुगतान में देरी के प्रस्ताव पर बैंकों की सहमतिथोक महंगाई 42 महीने के हाई पर पहुंची! पेट्रोल-डीजल की कीमतों ने मचाया हड़कंप, आम जनता पर बढ़ेगा दबाव!

Offshore Mining: अपतटीय खनन के सरल हो सकते हैं नियम, सरकार कर रही अपफ्रंट पेमेंट में ढील देने का विचार

Advertisement

प्रस्तावित योजना के मुताबिक अपतटीय खनन के मामले में उत्पादन पट्टे (पीएल) में प्रदर्शन प्रतिभूति और अग्रिम भुगतान में, प्रत्येक के लिए 100 करोड़ रुपये की सीमा तय की जा सकती है।

Last Updated- January 07, 2024 | 10:56 PM IST
Offshore mining

Offshore Mining: देश के पहले अपतटीय खनिज के खनन नीलामी में छोटे कारोबारियों को आकर्षित करने के लिए सरकार प्रदर्शन प्रतिभूति और अग्रिम भुगतान (अपफ्रंट पेमेंट) के नियमों में ढील देने पर विचार कर रही है।

प्रस्तावित योजना के मुताबिक अपतटीय खनन के मामले में उत्पादन पट्टे (पीएल) में प्रदर्शन प्रतिभूति और अग्रिम भुगतान में, प्रत्येक के लिए 100 करोड़ रुपये की सीमा तय की जा सकती है।

कंपोजिट लाइसेंस (सीएल) धारक को प्रदर्शन प्रतिभूति के लिए सिर्फ 50 करोड़ रुपये देने होंगे। बहरहाल अगर कंपोजिट लाइसेंस धारक उत्पादन पट्टे के लिए आवेदन करता है तो यह राशि बढ़कर 100 करोड़ रुपये हो जाएगी।

उल्लेखनीय है कि कंपोजिट लाइसेंस के लिए किसी अग्रिम भुगतान की जरूरत नहीं होगी। अब तक देश में अपतटीय खनन नहीं होता था।

तटवर्ती खनन के लिए सरकार का प्रस्ताव यह है कि खनन पट्टे (एमएल) में प्रदर्शन प्रतिभूति और अग्रिम भुगतान दोनों को 500 करोड़ रुपये किया जाए। इसमें कंपोजिट लाइसेंस के लिए 250 करोड़ रुपये प्रदर्शन प्रतिभूति तय की गई है और अगर सीएल धारक एमएल के लिए आवेदन करता है तो यह राशि बढ़कर 500 कराेड़ रुपये हो जाती है।

तटवर्ती खनन कार्यों के लिए प्रदर्शन प्रतिभूति और अग्रिम भुगतान राशि अनुमानित संसाधनों के मूल्य (वीईआर) के 0.50 प्रतिशत तक निर्धारित की गई है।

खनन पट्टा पाने के पहले यह अग्रिम राशि देनी पड़ती है। कंपोजिट लीज के लिए प्रदर्शन प्रतिभूति वीईआर का 0.25 प्रतिशत होगी, लेकिन अगर उसी ब्लॉक में खनन लाइसेंस जारी किया जाता है तो यह राशि बढ़कर 0.50 प्रतिशत हो जाएगी।

प्रदर्शन प्रतिभूति और अग्रिम भुगतान को सीमित करने का निर्णय खान मंत्रालय के उस अवलोकन से लिया गया है कि बोलीदाताओं को अग्रिम राशि में ज्यादा धन भुगतान को लेकर झिझक होती है। इससे नीलामी की प्रक्रिया में भागीदारी घट जाती है।

केंद्र सरकार ने तटवर्ती 20 महत्त्वपूर्ण खनिज ब्लाकों और 15 से 20 अपतटीय खनिज ब्लॉकों की नीलामी 2024 यानी इस साल की पहली तिमाही में करने की घोषणा की है, जिसके बाद नियमों में ढील देने पर विचार हो रहा है।

Advertisement
First Published - January 7, 2024 | 10:56 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement