facebookmetapixel
Advertisement
Auto Sales June 2026: यात्री वाहनों की बिक्री ने जून में पकड़ी रफ्तार, 4 लाख यूनिट से ज्यादा रहने का अनुमानEdelweiss MF की बड़ी कामयाबी, इक्विटी AUM ₹1 लाख करोड़ के पार; SIP बुक ₹690 करोड़WhatsApp के नए ‘यूजरनेम’ फीचर पर सरकार की नजर, फर्जी पहचान और धोखाधड़ी का बढ़ा खतरादिल्ली को मिलेगी 6-लेन टनल, द्वारका एक्सप्रेसवे से वसंत कुंज तक सफर होगा आसान, ₹6,970 करोड़ की परियोजना मंजूरभारतीय बाजार कमजोर नहीं, SIP जारी रखें; राधिका गुप्ता ने दिया निवेश का बड़ा मंत्रक्या महिलाएं ब्रांड देखकर चुनती हैं म्युचुअल फंड? रिपोर्ट में हुए चौंकाने वाले खुलासेEPFO Portal Down: PF क्लेम अटका, पासबुक नहीं होगी डाउनलोड; जानें कब बहाल होंगी सेवाएंSIP की बेस्ट डेट और फ्रीक्वेंसी कौन-सी? मार्केट गिरने पर क्या करें… WhiteOak MF की रिपोर्ट में मिले जवाबPassport New Rules 2026: 1 जुलाई से पासपोर्ट बनवाना पड़ेगा महंगा! जानिए नई फीसIT सेक्टर पर AI का बड़ा असर! Emkay ने बताया किन शेयरों में है दम और कौन रहेगा पीछे

म्यांमार के सितवे बंदरगाह से जुड़ गया पूर्वोत्तर भारत, व्यापार में होगा इजाफा

Advertisement
Last Updated- May 09, 2023 | 11:37 PM IST
India's strategically important Sittwe Port in Myanmar begins operations
PTI

भारत के रणनीतिक महत्व के म्यांमार के सितवे बंदरगाह का संचालन मंगलवार से शुरू हुआ। केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने कोलकाता से पांच दिन पहले चले पोत की सितवे बंदरगाह में अगवानी की। इस अवसर पर सोनवाल ने कहा, ‘इससे भारत और म्यांमार के लोगों के बीच संवाद और व्यापार की बढ़ोतरी होगी। यह भारत सरकार की एक्ट ईस्ट नीति के तहत पूर्वोत्तर के देशों के आर्थिक विकास को बढ़ावा देगा।’

उन्होंने कहा, ‘मुझे विश्वास है कि सितवे बंदरगाह दक्षिण पूर्व एशिया के लिए भारत का द्वार (गेटवे ऑफ इंडिया) बनेगा। इससे प्रगति और विकास को बढ़ावा मिलेगा।’ यह 48.4 करोड़ डॉलर के कलादान मल्टीमोडल ट्रांसिट ट्रांसपोर्ट प्रोजेक्ट (KMTTP) का हिस्सा है। भारत सरकार के अनुदान की मदद से सितवे बंदरगाह बनाया गया है।

इसका मुख्य ध्येय यह है कि पूर्वोत्तर और भारत की मुख्य भूमि के बीच एक और वैकल्पिक मार्ग बनाया जाए। यह बंदरगाह म्यांमार के पलेटवा बंदरगाह को भारत की मुख्य भूमि से जोड़ता है और फिर सड़क मार्ग से पलेटवा को मिजोरम के जोरिनपुई से जोड़ता है। अभी तक आवाजाही के लिए सिलिगुड़ी का संकरा मार्ग (चिकन रुट) ही यातायात का जरिया था।

Also read: पिछले एक दशक के दौरान तेजी से बढ़ा पशुधन और मत्स्य पालन : MOSPI

सोनेवाल ने सोमावार को कहा था कि कोलकाता से अगरतला तक की दूरी करीब 1600 किलोमीटर है और सड़क से पहुंचने में चार दिन लगते हैं। सितवे से चटगांव से सरबूम से अगरतला तक दो दिन में पहुंचा जा सकेगा। इससे लागत और समय की बचत होगी। इस अवसर पर मौजूद अधिकारियों ने बताया कि इस प्रोजेक्ट के लिए हस्ताक्षर 2009 में किए गए थे।

Advertisement
First Published - May 9, 2023 | 11:27 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement