facebookmetapixel
Advertisement
शॉर्ट टर्म कमाई पर दबाव संभव पर लॉन्ग टर्म संभावनाएं मजबूत: चिराग सीतलवाडSUV मांग से चमका Mahindra & Mahindra, ट्रैक्टर सेगमेंट में जोखिम के बावजूद ब्रोकरेज बुलिशDMart का तिमाही नतीजा रहा है बेहतर, फिर भी ब्रोकरेज बंटे; शेयर में उतार-चढ़ावMSCI EM इंडेक्स में पैसिव निवेश खींचने में भारत पर भारी पड़ी अकेली ताइवानी कंपनीअमेरिका-ईरान समझौते की उम्मीद से रुपये की 5 दिन की गिरावट थमी, बॉन्ड में भी आई तेजीECLGS 5.0 से MSME लोन में तेजी की उम्मीद, बैंकिंग सेक्टर को मिलेगा बड़ा सहाराअमेरिका-ईरान में शांति के आसार से चढ़े बाजार, सेंसेक्स 941 अंक उछला, तेल में गिरावटविदेशी विश्वविद्यालयों के भारत आने से बढ़ेगी फैकल्टी डिमांड, वेतन और प्रतिस्पर्धा में आएगा उछालभारत-वियतनाम संबंधों में नया अध्याय: 25 अरब डॉलर व्यापार का लक्ष्य, रक्षा और डिजिटल सहयोग को मिली रफ्तारगारंटी मिले तभी देंगे Vodafone Idea को कर्ज, बैंक मांग रहे प्रमोटर सपोर्ट

जून तिमाही में प्रवासियों का शुद्ध दावा बढ़ा

Advertisement

विदेशी मालिकाना वाली वित्तीय संपत्तियों में तेज बढ़ोतरी के कारण ऐसा हुआ है।

Last Updated- September 28, 2023 | 10:55 PM IST
Net claims of migrants increased in June quarter

भारतीय रिजर्व बैंक के आंकड़ों के मुताबिक भारत पर प्रवासियों का शुद्ध दावा जून तिमाही में 12.1 अरब डॉलर बढ़कर 379.7 अरब डॉलर हो गया है। विदेशी मालिकाना वाली वित्तीय संपत्तियों में तेज बढ़ोतरी के कारण ऐसा हुआ है।

अंतरराष्ट्रीय निवेश में भारत की स्थिति के जून के अंत तक के आंकड़ों के मुताबिक अप्रैल जून की अवधि के दौरान भारत के निवासियों की विदेशी संपत्ति में आरक्षित संपत्ति में सबसे ज्यादा 16.6 अरब डॉलर बढ़ोतरी हुई है।

इसके बाद प्रत्यक्ष निवेश, ऋण और व्यापार ऋण का स्थान है। रिजर्व बैंक ने कहा है, ‘इस तिमाही के दौरान अप्रवासियों के शुद्ध दावे में वृद्धि की प्रमुख वजह भारत में विदेशी मालिकाना वाली संपत्तियों में तेज बढ़ोतरी (36.2 अरब डॉलर) है, जबकि इसकी तुलना में भारत के लोगों की विदेश में वित्तीय संपत्ति में वृद्धि 24.1 अरब डॉलर है।’

इसमें कहा गया है कि इन वार्ड पोर्टफोलियो निवेश (15 अरब डॉलर) और प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (8.9 अरब डॉलर) को मिलाकर भारत के लोगों की विदेशी देनदारियों में हिस्सेदारी बढ़ाने में दो तिहाई योगदान है।

आंकड़ों के मुताबिक भारत की अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संपत्तियों में जून तिमाही की समाप्ति पर आरक्षित संपत्ति की हिस्सेदारी 64.2 प्रतिशत है।

रिजर्व बैंक ने कहा कि रुपये की तुलना में अन्य मुद्राओं के विनिमय दर में बदलाव से देनदारी प्रभावित हुई है।

Advertisement
First Published - September 28, 2023 | 10:55 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement