facebookmetapixel
Advertisement
केसरिया जर्सी पर विवाद, भारतीय हॉकी की नीली पहचान पर बहसट्रंप का दावा: युद्ध खत्म करने के समझौते की रूपरेखा तैयार, फिलहाल हमले टलेयुवाओं पर पीएम मोदी का फोकस, नशा-मुक्त भारत अभियान के तहत लाखों युवाओं को दिलाई नशा विरोधी शपथअमेरिका में दवा बनाने की जल्दी नहीं, टैरिफ के खतरे के बावजूद भारत में ही रहेगा कंपनियों का विनिर्माणउदारीकरण के 35 साल: 1991 में सेंसेक्स में थीं जो 30 कंपनियां, उनमें अब 7 ही बचीं; बेंचमार्क सूचकांक में आया बड़ा बदलावबिज़नेस स्टैंडर्ड सर्वेक्षण: रीपो दर में बदलाव के नहीं आसार, अगली बैठक में हो सकता है बड़ा फैसलानिवेश में जोरदार उछाल या आंकड़ों का भ्रम? 4 परमाणु परियोजनाओं ने बदल दी पूरी तस्वीर45% घटा हाईवे निर्माण, पश्चिम एशिया संकट और बिटुमन की कमी बनी बड़ी वजहनई ईपीएफ योजना में बदला कायदा क्या है नुकसान और क्या है फायदा?IT Funds: जुलाई की रिकॉर्ड तेजी के बीच निवेशकों ने निकाला पैसा, मुनाफावसूली या रणनीति में बदलाव

नकारात्मक परिदृश्य की श्रेणी में आएंगे कई क्षेत्र

Advertisement
Last Updated- December 12, 2022 | 5:38 AM IST

रेटिंग एजेंसियों का कहना है कि कोविड-19 के मामलों में बढ़ोतरी के प्रतिकूल असर से कुछ और क्षेत्र ‘नकारात्मक परिदृश्य’ की सूची में आ सकते हैं। महामारी के प्रसार को रोकने के लिए लगाए जा रहीं बंदिशों से उद्यमों के लिए अवरोध पैदा होंगे, जिसका जून 2021 में समाप्त तिमाही में कारोबारी प्रदर्शन पर असर पड़ सकता है। हालांकि दूसरी तिमाही में सुधार संभव है।
रेटिंग एजेंसी इक्रा के अध्यक्ष रामनाथ कृष्णन ने कहा कि एजेंसी वित्त वर्ष 2022 के लिए क्षेत्रों के परिदृश्य की समीक्षा करेग और क्षेत्रों तथा पूरी अर्थव्यवस्था पर असर का आकलन करेगी। कुछ क्षेत्रों का परिदृश्य पहले ही नकारात्मक है। अब कुछ और क्षेत्र नकारात्मक परिदृश्य की श्रेणी में आ सकते हैं। फरवरी में टीकाकरण भी शुरू होने के साथ हालात नियंत्रण में आते नजर आ रहे थे। इससे ऐसा लगने लगा था कि चिकित्सा व्यवस्था महामारी से पार पाने में सक्षम रहेगी। लेकिन अप्रैल में मामले बढऩे और वायरस के प्रसार को रोकने के लिए बंदिशें लगाए जाने से हालात तेजी से बदले हैं। रेटिंग एजेंसी के कार्याधिकारियों ने कहा कि मुश्किल दौर का जोखिम आतिथ्य और गैर-जरूरी खर्च जैसे क्षेत्रों के लिए हैं। कॉरपोरेट या कंपनी के स्तर के ऋणों या बॉन्डों के स्तर पर डाउनग्रेड जैसे रेटिंग के वास्तविक कदम उठाए जाने से पहले परिदृश्य में बदलाव हो सकता है। उदाहरण के लिए सकारात्मक से स्थिर या स्थिर से नकारात्मक।
केयर रेटिंग्स के मुख्य कार्याधिकारी अजय महाजन ने कहा कि हालात की गंभीरता को मद्देनजर रखते हुए एजेंसी क्षेत्रों और कंपनियों की नए सिरे से समीक्षा शुरू कर रही है। क्रिसिल में वरिष्ठ निदेशक और मुख्य रेटिंग अधिकारी सुबोध राय ने कहा कि अब कोविड-19 का प्रसार ज्यादा व्यापक हो गया है। जिन क्षेत्रों में फिर से उठ खड़े होने की कम क्षमता है, उनमें खुदरा, आतिथ्य, रत्नाभूषण, विमानन और वाहन डीलरशिप हैं। इन क्षेत्रों पर लगातार नजर रखी जा रही है। एजेंसियों के विश्लेषकों ने कहा कि वे कॉरपोरेट के साथ बातचीत कर क्षेत्रों के हालात की थाह ले रहे हैं।

Advertisement
First Published - April 21, 2021 | 11:17 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement