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विनिर्माण तेज, महंगाई घटी

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Last Updated- December 11, 2022 | 4:03 PM IST

 अगस्त महीने में भारत की विनिर्माण गतिविधियों में तेजी बनी रही, क्योंकि पिछले साल नवंबर से ही उत्पादन और नए ऑर्डर की स्थिति मजबूत है। ग्लोबल इंडिया मैन्युफैक्चरिंग पर्चेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (पीएमआई) हालांकि अगस्त में 56.2 रहा है, जो जुलाई के 56.4 की तुलना में कम है।
पीएमआई में 50 से ऊपर रीडिंग विस्तार और इससे कम संकुचन का संकेत है। भारत की विनिर्माण गतिविधियों में लगातार 14 महीने से तेजी बनी हुई है।
अगस्त में नए ऑर्डर की वजह से उत्पादन 9 महीने के उच्च स्तर पर रहा। मासिक रिपोर्ट में कहा गया है कि उत्पादन की मात्रा को निर्यात में तेजी और आगे के परिदृश्य बेहतर रहने के अनुमान से भी समर्थन मिला है। विनिर्माताओं का कहना है कि ज्यादा बिक्री, क्षमता बढ़ाने की कवायद, उत्पादों के विविधीकरण और कोविड-19 के प्रतिबंध कम रहने की वजह से उत्पादन में तेज बढ़ोतरी हुई है।
एसऐंडपी ग्लोबल मार्केट इंटेलिजेंस में एसोसिएट डायरेक्टर पॉलियाना डी लीमा ने कहा, ‘लागत की महंगाई में लगातार 4 महीने गिरावट से इस तेज प्रदर्शन को समर्थन मिला है।’
रिपोर्ट से यह भी पता चलता है कि हाल की महंगाई दर की चिंता कुछ कम हुई है। जून के 27 माह के निचले स्तर की तुलना में कारोबारी धारणा मजबूत हुई है। बिक्री तेज रहने के अनुमान, नई पूछताछ और मार्केटिंग की कवायदों से अगस्त महीने में कारोबारी विश्वास बढ़ा है। जिंस के दाम कम होने, खासकर एल्युमीनियम और स्टील के दाम गिरने से महंगाई में थोड़ी कमी आई है।
इनपुट लागत की महंगाई भी कम होकर साल के निचले स्तर पर पहुंच गई है, लेकिन ज्यादा ढुलाई, महंगी मजदूरी और अन्य सामग्री की लागत की वजह से उत्पाद की कीमत बढ़ी हुई बनी हैं और जुलाई की तुलना में इनमें मामूली बदलाव आया है।
लीमा ने कहा, ‘उत्पादन पूर्वानुमानों में वृद्धि के साथ इनपुट लागत में कम बढ़ोतरी का फर्मों ने स्वागत किया है। कीमत के दबाव के कारण मांग बढ़ने में मदद मिलेगी। साल के मध्य में महंगाई की चिंता बढ़ी थी, जो अगस्त में पूरी तरह गायब नजर आ रही है और कारोबारी विश्वास 6 साल के उच्च स्तर पर पहुंच गया है।’
अंतरराष्ट्रीय बाजारों ने कुल बिक्री को गति दी है। नए निर्यात ऑर्डर में तेज बढ़ोतरी हुई है। मासिक रिपोर्ट में कहा गया है कि बिक्री में तेज वृद्धि और उत्पादन जरूरतें बढ़ने की वजह से विनिर्माताओं की इनपुट की खरीद बढ़ी है। इसमें कहा गया है कि जुलाई की तुलना में सुस्ती है, लेकिन विस्तार की गति तेज बनी हुई है।
अगर आपूर्ति की स्थिति देखें तो रिपोर्ट से पा चलता है कि डिलिवरी का वक्त कम हुआ है और वेंडरों द्वारा लिए जाने वाले शुल्क में थोड़ी बढ़ोतरी हुई है। डिलिवरी का वक्त पिछले 5 साल में बहुत कम हुआ है। 
 

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First Published - September 1, 2022 | 10:27 PM IST

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