facebookmetapixel
Advertisement
अमेरिका-ईरान तनाव का असर: खाद्य तेल-उर्वरक आयात पर संकट, शिपिंग महंगी होने से बढ़ी चिंताUS-Iran Conflict: जंग या सैन्य ऑपरेशन? ईरान पर हमले को ट्रंप युद्ध क्यों नहीं मान रहे हैंSugar Production: चीनी उत्पादन में उछाल, फिर भी ISMA ने घटाया अनुमान; मिलों पर बढ़ा कैश फ्लो दबावWest Asia Conflict: तेल से लेकर बाहर से आने वाले पैसों तक, इस संकट का भारत पर कितना असर पड़ेगा?धोखाधड़ी रोकने को SEBI बढ़ा रहा डिजिटल चौकसी, खुदरा निवेशकों की सुरक्षा पर जोर: पांडेयIran-US War: होर्मुज पर क्या चल रहा है? तेल, सोना, रुपया, बाजार सभी में उठापटकEdelweiss फाइनैंशियल सर्विसेज का ₹350 करोड़ का NCD इश्यू लॉन्च, 10% तक रिटर्न का मौकाExplainer: खामेनेई के बाद तेहरान पर किसका शासन? ईरान में सुप्रीम लीडर व्यवस्था की पूरी कहानीGold-Silver ETFs में जोरदार उछाल, पश्चिम एशिया में तनाव से 9% तक बढ़ी चमकसऊदी अरब के सबसे बड़े तेल रिफाइनरी पर ईरान का ड्रोन हमला, कुवैत में अमेरिकी F-15 फाइटर जेट क्रैश

IT: तीसरी तिमाही में सतर्क रहने का संकेत

Advertisement
Last Updated- January 04, 2023 | 10:25 PM IST
Growth story from theater to television and now to streaming platforms

छुट्टियों की वजह से सूचना प्रौद्योगिकी (IT) सेवा उद्योग के लिए वित्त वर्ष की दूसरी छमाही सामान्य रूप से कमजोर रहती है। लेकिन व्यापक परिदृश्य के संबंध में बिगड़ते माहौल की वजह से वित्त वर्ष 23 की तीसरी तिमाही आगे भी सुस्त रह सकती है, जिस कारण कंपनियां सौदा निपटान के लिहाज से चिंता जता रही हैं।

इस चेतावनी का संकेत एचसीएल टेक ने दिया था। कंपनी के प्रबंधन ने दिसंबर के पहले सप्ताह में अपने निवेशक दिवस के दौरान इंगित किया था कि वित्त वर्ष 23 का राजस्व अनुमान के निचले स्तर पर रह सकता है। इसका कारण था बैंकिंग, वित्तीय सेवाओं और बीमा (बीएफएसआई) तथा आधुनिक तकनीक जैसे क्षेत्रों में अधिक छुट्टियां।

वित्त वर्ष 2023 की दूसरी तिमाही में टियर-1 वाली लगभग सभी कंपनियों ने कहा था कि सामान्य रूप से व्यापक माहौल का बजट पर कोई असर नहीं पड़ा है। हालांकि कुछ ऐसे विशिष्ट क्षेत्र भी रहे, जहां सौदा निपटाने में विलंब नजर आया। इनमें ऋण, आधुनिक प्रौद्योगिकी, खुदरा और दूरसंचार शामिल हैं।

विश्लेषकों के मुताबिक इसका मतलब यह है कि प्रमुख फर्मों के मामले में राजस्व वृद्धि एक से तीन फीसदी रहेगी और मिड-कैप के मामले में यह ऋणात्मक और पांच प्रतिशत के बीच रह सकती है। अलबत्ता आपूर्ति पक्ष की बाधाओं के नियंत्रण में रहने और करेंसी की अनुकूल दिशा की वजह से इस तिमाही में मार्जिन में सुधार होने के आसार हैं।

आईटी सेवाओं के परिणाम 9 जनवरी से आने शुरू होंगे और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) अपने आंकड़ों की घोषणा करने वाली पहली कंपनी होगी। इसके बाद इन्फोसिस और एचसीएलटेक 12 जनवरी को अपने आंकड़ों की घोषणा करेगी। विश्लेषकों को उम्मीद है कि तीसरी तिमाही इस क्षेत्र के लिए आगाह करने वाली होगी, जो अब तक उत्साहजनक वृद्धि दिखाने में कामयाब रहा है।

यह भी पढ़ें: हेल्थकार्ट की नजर अमेरिकी बाजार पर

कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि सालाना आधार पर तुलना करने पर राजस्व वृद्धि ऊंचे आठ-नौ प्रतिशत से लेकर 14-15 प्रतिशत के बीच हल्की रहेगी। एबिटा मार्जिन कम हो गया है और इसमें मामूली सुधार होने की संभावना रहेगी। हमने यह बात नोट की है कि उद्योग पिछले दो वर्षों में छुट्टियों के प्रभाव से बच गया।

आईडीबीआई कैपिटल की रिपोर्ट में कहा गया है कि आपूर्ति पक्ष की चुनौतियों में कमी, नौकरी छोड़ने की दर में कमी और लागत दक्षता से मार्जिन को बढ़ावा मिलेगा। इसलिए लार्ज कैप में 35 से 117 आधार अंक (बीपीएस) का सुधार होने की उम्मीद है।

Advertisement
First Published - January 4, 2023 | 10:25 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement