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अप्रैल-जनवरी के दौरान भारत का एफडीआई प्रवाह 28 प्रतिशत बढ़ा

Last Updated- December 12, 2022 | 6:13 AM IST

वित्त वर्ष 2020-21 के पहले 10 महीने में भारत के प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) का प्रवाह पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 28 प्रतिशत बढ़कर 54.18 अरब डॉलर हो गया है। औद्योगिक संवर्धन और आंतरिक व्यापार विभाग (डीपीआईआईटी) द्वारा जारी आंकड़ों से यह जानकारी मिली है।
सोमवार को सरकार की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक भारत में एफडीआई का प्रमुख स्रोत सिंगापुर है, जिसकी कुल एफडीआई में हिस्सेदारी 30.28 प्रतिशत है। इसके बाद अप्रैल-जनवरी के दौरान अमेेरिका की हिस्सेदारी 24.28 प्रतिशत, संयुक्त अरब अमीरात की 7.31 प्रतिशत रही।  उम्मीद की जा रही है कि डीपीआईआईटी अगले महीने से विस्तृत तिमाही आंकड़े जारी करेगा, जिसमें सेक्टर, देश, राज्य और वर्षवार आंकड़े होंगे।
बहरहाल जनवरी महीने में जापान निवेशक देशों की सूची में पहले स्थान पर था, जिसकी हिस्सेदारी कुल इक्विटी एफडीआई में 29.09 प्रतिशत था और उसके बाद 25.46 प्रतिशत के साथ सिंगापुर दूसरे और 13.06 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ अमेरिका तीसरे स्थान पर था।
एक आधिकारिक बयान में कहा गया है, ‘एफडीआई मामले में नीतिगत सुधार, निवेश को आसान बनाने तथा कारोबार सुगमता से देश में एफडीआई प्रवाह बढ़ा है। इन्हीं कारणों से 2020-21 में अप्रैल-जनवरी में कुल एफडीआई प्रवाह 72.12 अरब डॉलर रहा।’ बयान के अनुसार किसी भी वित्त वर्ष के पहले 10 महीनों में यह अब तक का सर्वाधिक एफडीआई है।  बयान के अनुसार, ‘देश के एफडीआई की यह प्रवृत्ति बताती है कि वैश्विक निवेशक भारत को एक तरजीही निवेश गंतव्य के रूप में देख रहे हैं।’

First Published - April 6, 2021 | 1:34 AM IST

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