facebookmetapixel
Advertisement
बैंक ऑफ बड़ौदा में बड़ी सेंधमारी: 1TB डेटा डार्क वेब पर हुआ लीक, जांच में जुटी एजेंसियांHDFC Bank के बोर्ड ने अपने ही अधिकारियों पर की कार्रवाई, MD-CFO पर लगाया 1-1 लाख रुपये का जुर्मानासुप्रीम कोर्ट की दो टूक: शांतिपूर्ण प्रदर्शन का अधिकार मौलिक, आंदोलन के नाम पर पुलिस ज्यादती जायज नहींटाटा पावर का मुनाफा 11% बढ़ा, 2030 तक ट्रांसमिशन में ₹40,000 करोड़ निवेश की तैयारी में कंपनीCoal India Q1 Results: पहली तिमाही में मुनाफा लगभग स्थिर, पर आय में 8.4% की बढ़ोतरीआइकिया इंडिया साल 2030 तक चार गुना राजस्व करने की तैयारी में, 30 स्टोर खोलने का भी लक्ष्यविपक्ष के हंगामे के बीच लोकसभा में पेश हुआ एंटी-पेपर लीक बिल, सजा और जुर्माने को बनाया गया और कठोरजल्द आ सकते हैं 10 और 20 रुपये के नए प्लास्टिक बैंक नोट, सरकार ने RBI को दी मंजूरीलोढ़ा डेवलपर्स डेटा सेंटर की जमीन बेचकर करेगी ₹10,000 करोड़ की कमाई, अगले 3-4 साल में बिक्री का लक्ष्यIndian Hotels Q1 Results: मजबूत घरेलू मांग के दम पर चमकी इंडियन होटल्स, राजस्व-मुनाफे में शानदार उछाल

डिजिटल अर्थव्यवस्था का आकार जानेगा भारत, MeitY ने आमंत्रित किए प्रस्ताव

Advertisement
Last Updated- February 22, 2023 | 11:04 PM IST
Contribution of digital economy in the country's GDP will be 20% by 2026: Chandrashekhar

इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना तकनीक मंत्रालय (MeitY) ने बुधवार को भारत की अर्थव्यवस्था के आकार का अनुमान लगाने का काम करने के लिए प्रस्ताव आमंत्रित किए हैं। संबंधित एजेंसी को इस सिलसिले में रैंकिंग और विभिन्न राज्यों की हिस्सेदारी का आंकड़ा भी तैयार करना होगा।

इसमें रुचि लेने वाली एजेंसी डिजिटल अर्थव्यवस्था मापन का ढांचा तैयार करने पर भी काम कर सकती है। उसे राज्यों की डिजिडल अर्थव्यवस्था के आकार का अनुमान लगाने के साथ ही डिजिटल अर्थव्यवस्था के आकार के हिसाब से राज्यों की रैंकिंग करनी होगी।

जैसा कि पहले खबर दी गई थी, सरकार ने G-20 सम्मेलन के दौरान भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था की सफलता का प्रदर्शन करने की योजना बनाई है, जो यहां दिसंबर में होना है। भारत अन्य देशों की डिजिटल अर्थव्यवस्था और भुगतान संबंधी बुनियादी ढांचा बनाने क लिए सशर्त मदद भी कर सकता है।

देश के ट्रिलियन डॉलर डिजिटल अवसर को लेकर भारत ने 2019 में रिपोर्ट जारी की थी। रिपोर्ट के मुताबिक डिजिटल बदलाव से जिन इलाकों में सेवाएं उपलब्ध नहीं हैं, या कम सेवाओं वाले इलाकों में बदलाव होगा। इससे 2025 तक 1 लाख करोड़ डॉलर के आर्थिक मूल्य का सृजन होगा और 6 से 6.5 करोड़ नौकरियों का सृजन होगा। इसमें कहा गया है कि 1 लाख करोड़ डॉलर के आर्थिक मूल्य में से 390 से 500 अरब डॉलर के करीब कृषि, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे प्रमुख आर्थिक और सामाजिक क्षेत्रों में डिजिटल ऐप्लीकेशन से आएगा।

मंत्रालय ने आवेदन प्रस्ताव में कहा है कि अध्ययन में 30 डिजिटल थीम चिह्नित किए गए हैं, जिसमें आईटी इन्फ्रा, सॉफ्टवेयर क्षमता, स्वास्थ्य शिक्षा से लेकर अगली पीढ़ी की वित्तीय सेवाएं शामिल हैं।

Advertisement
First Published - February 22, 2023 | 11:04 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement