facebookmetapixel
Advertisement
विरोध के बाद ARAI ने निर्यात पीएलआई की कागजी कार्रवाई वापस लीसीएट का बड़ा दांव: कैमसो के अधिग्रहण से ऑफ-हाईवे टायर कारोबार को विस्तार देने की तैयारीभीषण गर्मी से मदर डेयरी की बिक्री में 30% से ज्यादा उछाल, आइसक्रीम-दही की मांग बढ़ीCBSE विवाद के बाद सरकार का बड़ा फैसला, अध्यक्ष राहुल सिंह और सचिव हिमांशु गुप्ता पद से हटाए गएसुप्रीम कोर्ट को मिले 5 नए न्यायाधीश, वरिष्ठ अधिवक्ता वी एस मोहना बनीं शीर्ष अदालत की दूसरी महिला जजनेपाल की सत्तारूढ़ पार्टी और भाजपा के बीच दिल्ली में हुई बड़ी बैठक, राजनीति में जेनरेशन ज़ेड की भूमिका पर विशेष चर्चाडीके शिवकुमार के लिए कर्नाटक में विकास की रफ्तार बनाए रखना बड़ी चुनौती, आर्थिक मोर्चे पर टिकीं सबकी नजरेंवेनेजुएला की राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज की पांच दिवसीय भारत यात्रा कल से, ऊर्जा सहयोग पर रहेगा जोरCBSE और NEET विवाद से डगमगाया कंपनियों का भरोसा, नौकरी के लिए अब देना पड़ सकता है अलग से टेस्टFY26 में केंद्र सरकार का खर्च संशोधित अनुमान से ₹59,690 करोड़ कम, राजकोषीय घाटा कम करने में मिलेगी मदद

भारत-अमेरिका व्यापार समझौता पर फिर बातचीत होगी शुरू, इस हफ्ते एक भारतीय प्रतिनिधिमंडल जाएगा US

Advertisement

इस हफ्ते एक भारतीय प्रतिनिधिमंडल अमेरिका का दौरा करेगा, जहां दोनों देशों के प्रतिनिधियों के बीच व्यापार वार्ता को आगे बढ़ाने पर चर्चा होगी

Last Updated- October 13, 2025 | 4:27 PM IST
India US Trade
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

India US Trade Talks: भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक रिश्तों को मजबूत करने की कोशिशें फिर से जोर पकड़ रही हैं। न्यूज एजेंसी ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, नई दिल्ली में एक अधिकारी ने बताया कि इस हफ्ते एक भारतीय व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल अमेरिका का दौरा करेगा। दोनों देश इस साल की शरद ऋतु तक एक व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने की दिशा में काम कर रहे हैं। अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर कहा कि भारत अमेरिका से और अधिक प्राकृतिक गैस खरीदने की योजना बना रहा है, जिसे इस व्यापार वार्ता का हिस्सा बनाया जा रहा है।

Also Read: MSME पर ट्रंप टैरिफ का असर: वित्त मंत्रालय बैंकों के साथ करेगा समीक्षा, लोन की जरूरतों का भी होगा आकलन

तनाव के बाद फिर शुरू हुई बातचीत

पिछले महीने दोनों देशों के बीच बातचीत फिर से शुरू हुई थी। यह कदम तब उठा जब अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने भारत पर एशिया में सबसे ज्यादा टैरिफ लगाए। ट्रंप ने भारत पर व्यापारिक रुकावटें खड़ी करने और रूस से तेल खरीदने का आरोप लगाते हुए अगस्त में भारतीय सामानों पर 50 फीसदी टैरिफ लगा दिया था। उन्होंने दावा किया कि भारत की ये नीतियां रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को यूक्रेन युद्ध में मदद पहुंचा रही हैं। जवाब में भारत ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि वह रूस से खरीदारी बंद नहीं करेगा और अमेरिका का यह कदम ‘अनुचित, अन्यायपूर्ण और बेवजह’ है।

Also Read: ट्रंप टैरिफ के परे: भारत की MSME इंजन में 99% अवसर, सेक्टर को बदलने का शानदार मौका

सितंबर में हुई थी बातचीत

सितंबर में अमेरिकी व्यापारिक दल ने नई दिल्ली में एक दिन की बातचीत की थी। इसके बाद भारत के वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने एक प्रतिनिधिमंडल के साथ वाशिंगटन का दौरा किया। सूत्रों के मुताबिक, इन चर्चाओं में भारत ने कुछ रियायतें देने की पेशकश की, जैसे कि जेनेटिकली मॉडिफाइड मक्के के आयात पर कुछ पाबंदियां हटाने और अमेरिकी रक्षा और ऊर्जा सामानों की खरीद बढ़ाने की बात कही।

दोनों देश पहले भी इस साल की शरद ऋतु तक एक द्विपक्षीय समझौते पर सहमति जता चुके थे, लेकिन कठोर रुख और भारत-रूस रिश्तों पर अमेरिका के दबाव के चलते बातचीत टूट गई थी। अब दोनों पक्ष फिर से मेज पर आए हैं और अधिकारी के मुताबिक, चर्चाएं सही दिशा में बढ़ रही हैं, हालांकि अभी और ब्योरे सामने नहीं आए हैं।

Advertisement
First Published - October 13, 2025 | 4:27 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement