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चालू वित्त वर्ष की अंतिम तिमाही में ‘व्हाइट गुड्स’ सेगमेंट में PLI के तहत मिल सकता है 79 करोड़ रुपये का प्रोत्साहन

व्हाइट गुड्स के उत्पादन से जुड़ी PLI योजना का मकसद एयर कंडीशनर और LED light कंपोनेंट के घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देना है।

Last Updated- December 04, 2023 | 3:36 PM IST
Disbursal of Rs 79 cr under PLI for white goods expected in last quarter

सरकार के इस वित्त वर्ष की आखिरी तिमाही में फ्रिज, वॉशिंग मशीन जैसे इलेक्ट्रिक उत्पादों के लिए PLI के तहत 79 करोड़ रुपये का वित्त प्रोत्साहन वितरित करने की उम्मीद है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी।

इन उत्पादों (व्हाइट गुड्स) के उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन (PLI) योजना का मकसद एयर कंडीशनर (AC) तथा एलईडी लाइट (LED lights) घटकों के घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देना है।

अधिकारी ने बताया कि चालू वित्त वर्ष में योजना के तहत विभिन्न क्षेत्रों के लिए 11,000 करोड़ रुपये के प्रोत्साहन वितरण का लक्ष्य कम पड़ सकता है।

अधिकारी ने कहा, ‘‘कई परियोजनाएं प्रारंभिक अवधि में हैं। ‘व्हाइट गुड्स’ के क्षेत्र में हम अंतिम तिमाही में करीब 79 करोड़ रुपये के वितरण की उम्मीद कर रहे हैं।’’

‘व्हाइट गुड्स’ सेगमेंट के तहत PLI योजना के 64 चयनित लाभार्थियों में से 15 ने उत्पादन शुरू कर दिया है। इन 15 लाभार्थियों ने 31 मार्च 2022 की अवधि को चुना है। अन्य लाभार्थी जिन्होंने 31 मार्च 2023 तक की अवधि का विकल्प चुना है, वे कार्यान्वयन के विभिन्न चरणों में हैं। यह योजना 2021-22 से 2028-29 तक सात साल की अवधि के लिए है। इसका परिव्यय 6,238 करोड़ रुपये है।

खिलौने जैसे क्षेत्रों के लिए योजना का विस्तार करने की योजना के बारे में पूछे जाने पर अधिकारी ने कहा, ‘योजना की समीक्षा के बाद इस पर निर्णय किया जाएगा। हम अब तक क्या प्रगति हुई है उसकी समीक्षा कर रहे हैं। कुछ में प्रगति बेहतर है तो कुछ क्षेत्रों में बदलाव की जरूरत है। इसलिए एक अंतर-मंत्रालयी परामर्श जारी है।’

इस साल मार्च तक 1.98 लाख करोड़ रुपये की पीएलआई योजना के तहत 2,900 करोड़ रुपये के प्रोत्साहन वितरित किए जा चुके हैं। इलेक्ट्रॉनिक विनिर्माण में लगी कंपनियों के लिए इस वर्ष अतिरिक्त 1,000 करोड़ रुपये का प्रोत्साहन दिया गया है।

इलेक्ट्रॉनिक, मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग, दवा और खाद्य प्रसंस्करण जैसे क्षेत्रों के लिए PLI योजनाएं कारगर साबित हो रही हैं, जबकि कपड़ा जैसे कुछ क्षेत्रों में कुछ सुधार की उम्मीद है। इस योजना की घोषणा 2021 में दूरसंचार, सफेद सामान, कपड़ा, मेडिकल डिवाअसेज की मैन्युफैक्चरिंग, मोटर वाहन, स्पेशल स्टील, खाद्य उत्पाद, उच्च दक्षता वाले सौर पीवी मॉड्यूल, उन्नत रसायन विज्ञान सेल बैटरी, ड्रोन और दवा जैसे 14 क्षेत्रों के लिए की गई थी। इसका कुल खर्च 1.97 लाख करोड़ रुपये है।

First Published - December 4, 2023 | 3:36 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

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