facebookmetapixel
Advertisement
सरकारी बैंक मिलकर जारी कर सकते हैं को-ब्रांडेड क्रेडिट कार्ड, छोटे बैंकों को मिलेगा बड़ा ग्राहक नेटवर्कहेलिकॉप्टर इंजन में आत्मनिर्भरता की ओर बड़ा कदम, एचएएल-सैफरान मिलकर करेंगे ‘अरावली’ का विकासअवाडा इलेक्ट्रो का ₹7,600 करोड़ का IPO, SEBI के पास अपडेटेड ड्राफ्ट दाखिल; जानें पूरी डिटेलभारत में ऑक्टेव इंटेलिजेंस का बढ़ा दांव, हैदराबाद केंद्र में 2,000 इंजीनियर रखने की योजनानिजी बैंकों की बढ़त से निफ्टी बैंक इंडेक्स 0.47% चढ़ा, PSU बैंक भी मजबूतसेमीकंडक्टर कंपनी इनफिनियन टेक का बेंगलूरु में बड़ा विस्तार, 2026 से शुरू होगी नई ऑफिस लीजNFO से कलेक्शन की गुंजाइश होगी सीमित! लार्जकैप में लौट सकता है निवेश का रुझानप्रीमियम मकानों की बढ़ती मांग से बिक्री मूल्य बढ़ेगा, FY27 में 7.9 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमानप्रवर्तकों ने शेयर गिरवी रखकर जुटाए ₹7 लाख करोड़, 7 साल में तीन गुना बढ़ा कर्जJSW MG में नए निवेश की तैयारी, हलोल प्लांट की क्षमता 4 लाख वाहनों तक बढ़ाने की योजना

IIP Data: औद्योगिक उत्पादन नौ माह के निचले स्तर पर

Advertisement

NSO के आंकड़ों के मुताबिक औद्योगिक उत्पादन में गिरावट की प्रमुख वजह उच्च आधार का असर और खनन तथा बिजली क्षेत्र में उत्पादन में कमी आना है।

Last Updated- June 30, 2025 | 10:10 PM IST
MSME
प्रतीकात्मक तस्वीर

मई में औद्योगिक उत्पादन की वृद्धि दर गिरकर 1.2 प्रतिशत रह गई, जो पिछले 9 महीने में सबसे सुस्त रफ्तार है। यह अप्रैल के 2.6 प्रतिशत के  संशोधित आंकड़ों से कम है। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) से आज जारी आंकड़ों के मुताबिक औद्योगिक उत्पादन में गिरावट की प्रमुख वजह उच्च आधार का असर और खनन तथा बिजली क्षेत्र में उत्पादन में कमी आना है।

औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) के आंकड़ों से पता चलता है कि खनन क्षेत्र में उत्पादन लगातार दूसरे महीने 0.1 प्रतिशत घट गया। अगस्त 2024 के बाद पहली बार बिजली क्षेत्र का उत्पादन भी 5.8 प्रतिशत घटा है। विनिर्माण क्षेत्र का उत्पादन 2.6 प्रतिशत बढ़ा, जो पहले से भी सुस्त रफ्तार है। मई 2024 में आईआईपी में 6.3 प्रतिशत वृद्धि हुई थी।

इक्रा रेटिंग्स में मुख्य अर्थशास्त्री अदिति नायर का कहना है कि मॉनसून पहले आने के कारण खनन गतिविधियां ठप हो गई हैं और बिजली की मांग भी घटी है। इन दोनों क्षेत्रों में उत्पादन घटा है और विनिर्माण क्षेत्र में भी सुस्ती  रही है।

इस महीने पहले आए सरकारी आंकड़ों से पता चला कि देश के 8 प्रमुख बुनियादी उद्योगों का उत्पादन मई  में गिरकर 0.7 प्रतिशत रह गया, जो 9 महीनों का सबसे कम आंकड़ा था। अप्रैल में संशोधित आंकड़ा 1 प्रतिशत वृद्धि दर्शा रहा था। बिजली, कच्चे तेल, उर्वरक और प्राकृतिक गैस सहित आधे क्षेत्रों के उत्पादन में तेजी से कमी हुई।

खपत के हिसाब से श्रेणियों को देखें तो प्राथमिक वस्तुओं का उत्पादन लगातार दूसरे महीने गिरा और इसमें 1.9 प्रतिशत कमी आई। उपभोक्ता गैर टिकाऊ वस्तुओं का उत्पादन चार महीने से गिर रहा है, जो इस महीने 2.4 प्रतिशत कम हो गया। टिकाऊ उपभोक्ता वस्तुओं का उत्पादन 0.7 प्रतिशत कम हुआ और नवंबर 2024 के बाद पहली बार इनके उत्पादन में कमी आई है।

Advertisement
First Published - June 30, 2025 | 10:00 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement