India Billionaire Club 2025: साल 2025 में भारत के अरबपति प्रमोटरों की संख्या पहली बार तीन साल बाद घटी है। मिड और स्मॉलकैप शेयरों में बिकवाली और रुपये की कमजोरी की वजह से प्रमोटरों की संपत्ति में कमी आई है। डॉलर के हिसाब से अरबपति भारतीय प्रमोटरों की संख्या 2025 में घटकर 176 रह गई, जो दिसंबर 2024 के अंत में रिकॉर्ड 204 थी। यानी, एक साल में करीब 14 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई।
इन अरबपतियों की कुल संपत्ति भी सालाना आधार पर 5 फीसदी घटकर 984.2 अरब डॉलर रह गई, जो एक साल पहले 1,036.2 अरब डॉलर थी। इससे पहले, 2022 में अरबपतियों की संख्या में गिरावट आई थी। 2025 की गिरावट 2012 के बाद अब तक की सबसे बड़ी गिरावट मानी जा रही है।
हालांकि 2025 में बीएसई सेंसेक्स करीब 9 फीसदी चढ़ा, लेकिन यह तेजी सभी शेयरों में समान नहीं रही। मिडकैप इंडेक्स लगभग सपाट रहा, जबकि स्मॉलकैप इंडेक्स करीब 7 फीसदी टूट गया। इसी दौरान रुपया भी डॉलर के मुकाबले करीब 5 फीसदी कमजोर हुआ और दिसंबर 2024 के औसतन 84.93 से गिरकर दिसंबर 2025 में 90.03 के स्तर पर आ गया।
लार्जकैप शेयरों में अपेक्षाकृत मजबूती रहने से बड़ी कंपनियों के प्रमोटरों को फायदा हुआ, लेकिन मिड और स्मॉलकैप कंपनियों के प्रमोटरों की संपत्ति में तेज गिरावट आई। कुल 167 प्रमोटरों में से 101 की संपत्ति 2025 में घटी, जिनमें गिरावट 1.2 फीसदी से लेकर 57.4 फीसदी तक रही।
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यह गिरावट ऐसे समय आई जब आईपीओ बाजार में रिकॉर्ड तेजी देखने को मिली। साल 2025 में 128 कंपनियां शेयर बाजार में लिस्ट हुईं और नौ नए अरबपति बने। इनमें Billionbrains Garage Ventures के चार संस्थापक प्रमुख रहे, जिनकी कुल संपत्ति 3.1 अरब डॉलर है। इसके अलावा Physicswallah, Meesho, Lenskart और Anthem Bioscience जैसे आईपीओ से भी नए अरबपति सामने आए।
देश के सबसे अमीर व्यक्ति रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने अपनी शीर्ष पोजीशन बरकरार रखी। दिसंबर 2025 के अंत तक उनकी संपत्ति बढ़कर 123.4 अरब डॉलर हो गई, जो एक साल पहले 105.2 अरब डॉलर थी। अदाणी समूह के गौतम अदाणी दूसरे स्थान पर रहे, जिनकी संपत्ति 102.8 अरब डॉलर रही।
भारती एयरटेल के सुनील भारती मित्तल तीसरे स्थान पर पहुंच गए। उनकी संपत्ति 15.6 फीसदी बढ़कर 30.6 अरब डॉलर हो गई। वहीं, एशियन पेंट्स के प्रमोटर्स मालव दानी, अमृता वकील और मनीष चोकसी की संयुक्त संपत्ति भी करीब 15 फीसदी बढ़ी।
इसके उलट, एचसीएल टेक के शिव नाडार, विप्रो के अजीम प्रेमजी और सन फार्मा के दिलीप सांघवी की रैंकिंग गिरी, हालांकि वे अब भी टॉप-10 में बने हुए हैं। उनकी संपत्ति में 14 से 20 फीसदी तक की गिरावट दर्ज की गई। डीमार्ट के प्रमोटर राधाकिशन दमानी और बजाज समूह के संजीव व राजीव बजाज की रैंकिंग में कोई बदलाव नहीं हुआ। दमानी की संपत्ति मामूली बढ़त के साथ 20.4 अरब डॉलर रही, जबकि बजाज परिवार की संपत्ति थोड़ी घटकर 18.9 अरब डॉलर रह गई।