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महंगे मकानों की मांग से बढ़ा आवास क्षेत्र का कारोबार

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Last Updated- December 14, 2022 | 10:48 PM IST

बेंगलूरु के महंगे इलाके विट्टल माल्या के किंगफिशर टावर में हाल में 25 करोड़ रुपये से 28 करोड़ रुपये के तीन महंगे सौदे हुए। ब्याज दरें कम हो रही हैं और फ्लैक्सिबल पेमेंट प्लान आ रहे हैं, ऐसे में अमीर तबका बेंगलूरु की महंगी प्रॉपर्टी में निवेश कर रहा है। उन्हें रियल एस्टेट में निवेश बेहतर लग रहा है। दूसरी तिमाही में ब्रिगेड समूह ने अपनी प्रीमियम परियोजना में 30 फ्लैटों की बिक्री की है, जबकि अमूमन एक तिमाही में 10 यूनिट की बिक्री होती है। कंपनी ने अपनी विला परियोजना में भी 10 मकान की बिक्री की है।
ब्रिगेड ग्रुप में आवास कारोबार के मुख्य कार्याधिकारी राजेंद्र जोशी ने कहा, ‘आवास क्षेत्र में बिक्री के मामले में हम पहले ही कोविड के पहले के स्तर पर पहुंच चुके हैं। सितंबर तिमाही में बिक्री मूल्य 2019-20 की दूसरी तिमाही से बेहतर रहा है।’ बेंगलूरु के एक और डेवलपर शोभा की 2020-21 की दूसरी तिमाही में बिक्री मूल्य पिछले साल की समान अवधि की तुलना में ज्यादा रहा है। शोभा में वाइस चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर जेसी शर्मा ने कहा, ‘वित्त वर्ष  21 की दूसरी तिमाही में हमारा बिक्री मूल्य 7,737 रुपये प्रति वर्गफुट रहा है, जो पिछली पांच तिमाहियों की तुलना में सबसे ज्यादा है।’
बेंगलूरु की रियल एस्टेट ब्रोकिंग फर्म सिल्वरलाइन रियल्टी के चेयरमैन फारूक महमूद ने कहा, ‘सितंबर तिमाही में हमने जून तिमाही की तुलना में सौदों में 200 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखी है। हमने जुलाई सितंबर के दौरान 2 करोड़ रुपये प्रति सौदे से ज्यादा के 27 सौदे कराए हैं।’
जेएलएल रिसर्च के मुताबिक सितंबर तिमाही में आवासीय बिक्री जून तिमाही की तुलना में 34 प्रतिशत ज्यादा रही है। एक प्रमुख धारणा यह देखी जा रही है कि बाजार का एकीकरण हो रहा है और गंभीर संगठित रियल एस्टेट कारोबारियों का काम बढ़ रहा है।
पूर्वांकरा के एमडी आशिष आर पूर्वांकरा ने कहा, ‘मकान के खरीदार ब्रांडेड डेवलपर से मकान खरीदने पर ज्यादा जोर दे रहे हैं। नई पेशकश की संख्या घटी है। रेडी टू मूव मकानों की बिक्री बढ़ी है।’ एमके ग्लोबल फाइनैंशियल सर्विसेज की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि आपूर्ति क्षेत्र बड़ा प्रोत्साहन है, जिसकी वजह से मजबूत कारोबारियों को लाभ होगा। 
उदाहरण के लिए सनटेक रियल्टी ने वित्त वर्ष 21 की दूसरी तिमाही में तिमाही आधार पर 98 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की है और कुल बिक्री 200 करोड़ रुपये रही है। यह पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 96 प्रतिशत ज्यादा है। सनटेक रियल्टी के चेयरमैन और एमडी कमल खेतान ने कहा, ‘स्टांप शुल्क घटने और कम ब्याज दरों जैसी कुछ अनुकूल वजहों से ग्राहकों का फैसले लेने का वक्त कम हो रहा है। कुल मिलाकर बड़े संगठित डेवलपरों के उच्च गुणवत्ता के उत्पादों की मांग बढ़ी है, जिनकी बैलेंस सीट अच्छी है और ब्रांड की छवि बेहतर है।’ महाराष्ट्र सरकार ने हाल में स्टांप शुल्क घटाया था। 
360 रियल्टर्स के संस्थापक और एमडी अंकित कंसल ने कहा, ‘ऐसा इसलिए है कि आवास ऋण पर ब्याज कम हुआ है। कीमतें कम हैं और बाजार में भुगतान के आकर्षक विकल्प दिए जा रहे हैं।’ दिल्ली के एक और कारोबारी जीबीपी ग्रुप ने दूसरी तिमाही में 90 करोड़ रुपये की बिक्री की है, जबकि पिछले साल की समान तिमाही में 150 करोड़ रुपये की बिक्री की थी।
हाउसिंग फाइनैंस कंपनियों के कर्ज देने की मात्रा भी सस्ते आवास में कोविड के पहले के स्तर पर पहुंच रही है। श्रीराम हाउसिंग फाइनैंस के एमडी और सीईओ रवि सुब्रमण्यन ने कहा, ‘दरअसल दूसरी तिमाही डिस्बर्समेंट के हिसाब से बेहतर रही है। हमें पहली बार मकान खरीदने वालों की ओर से बेहतर मांग मिल रही है।’ आधार हाउसिंग फाइनैंस में वेतन भोगी वर्ग की गतिविधियां बढ़ी हैं। फर्म के एमडी और सीईओ देव शंकर त्रिपाठी ने कहा, ‘इस साल हम हाउसिंग सेग्मेंट में 8-9 प्रतिशत वृद्धि देख सकते हैं।’     (साथ में मुंबई से सुब्रत पांडा)

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First Published - October 13, 2020 | 2:01 AM IST

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