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विकास दर 7.9 फीसदी

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Last Updated- December 07, 2022 | 7:05 PM IST

चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में भारतीय अर्थव्यवस्था की विकास दर थोड़ी नरम होकर 7.9 फीसदी पर आ गई, जबकि पिछले साल की समान तिमाही में यह 9.2 प्रतिशत थी।


इसके बावजूद पहली तिमाही की विकास दर को संतोषजनक कहा जा सकता है, क्योंकि वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने चालू वित्त वर्ष के लिए विकास दर 8 फीसदी रहने का अनुमान व्यक्त किया है। इस साल जनवरी-मार्च की तिमाही में आर्थिक विकास दर या सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृध्दि की बात करें, तो यह 8.8 फीसदी थी।

आंकड़ों पर गौर करें, तो पिछली नौ तिमाहियों के दौरान यह पहला मौका है, जब विकास दर 8 फीसदी से कम रही है। विशेषज्ञों के मुताबिक, जीडीपी विकास दर का नरम होना अपेक्षित था, क्योंकि रिजर्व बैंक ने दो अंकों में पहुंची मुद्रास्फीति की दर को नियंत्रित करने के लिए ब्याज दरों में बढ़ोतरी कर दी है। इसकी वजह से विनिर्माण और अन्य क्षेत्रों पर असर पड़ा है।

हालांकि पहली तिमाही की जीडीपी विकास दर अगर चालू वित्त वर्ष के बाकी महीनों में बनी रहती है, तो जीडीपी विकास दर वित्त मंत्री पी. चिदंबरम के अनुमान के आसपास रहेगी। चिदंबरम ने अर्थव्यवस्था की विकास दर 8 प्रतिशत रहने का अनुमान व्यक्त किया था, जबकि पिछले वित्त वर्ष में यह 9 प्रतिशत था।

पहली तिमाही के दौरान विनिर्माण क्षेत्र की विकास दर 10.9 प्रतिशत से घटकर 5.6 प्रतिशत रह गई, क्योंकि बढ़ती ब्याज दर ने उसकी विकास दर को प्रभावित किया। कृषि क्षेत्र की विकास दर 3 प्रतिशत की दर से बढ़ी, जबकि पिछले वर्ष की समान अवधि में यह 4.4 फीसदी थी।

जिन क्षेत्रों की विकास दर में ज्यादा गिरावट आई है, उनमें बिजली, गैस शामिल हैं, जो 7.9 प्रतिशत के विकास दर के मुकाबले 2.6 प्रतिशत की दर से बढ़ी। सेवा क्षेत्र में ट्रेड, होटल, ट्रांसपोर्ट और संचार की विकास दर 13.1 प्रतिशत के मुकाबले 11.2 प्रतिशत रही। वित्त, बीमा, रियल एस्टेट और व्यावसायिक सेवा 12.6 प्रतिशत के मुकाबले 9.3 प्रतिशत की दर से बढ़ी।

दूसरी ओर सामुदायिक, सामाजिक एवं व्यक्तिगत सेवा 5.2 प्रतिशत के मुकाबले 8.4 प्रतिशत की दर से बढ़ी। निर्माण गतिविधियां भी 7.7 प्रतिशत के मुकाबले 11.4 प्रतिशत की दर से बढ़ीं, जबकि खान एवं उत्खनन 1.7 प्रतिशत के मुकाबले 4.8 प्रतिशत की दर से बढ़ी। भारत का सकल घरेलू उत्पाद चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में 7,82,357 करोड़ रुपये का रहा, जो वित्त वर्ष 2007-08 की समान अवधि में 7,24,949 करोड़ रुपये था।

आईना-ए-विकास दर…

क्षेत्र                          2008-09            2007-08
                           पहली तिमाही   पहली तिमाही
बिजली                    2.6                       7.9
होटल-परिवहन       11.2                    13.1
खान-उत्खनन          4.8                       1.7
वित्त, बीमा                9.3                     12.6
कृषि                        3                          4.4
विनिर्माण क्षेत्र      5.6                      10.9
                                (अंक फीसदी में)

चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में विकास दर 7.9 प्रतिशत
जीडीपी विकास दर का अनुमान 8 फीसदी

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First Published - August 29, 2008 | 11:33 PM IST

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