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आर्थिक प्रभावों पर सरकार चौकस

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Last Updated- December 11, 2022 | 9:04 PM IST

यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद भारत सरकार भी चौकन्नी हो गई है। इस घटनाक्रम पर विचार के लिए गुरुवार को सरकार के आला अधिकारियों ने बैठक की जिसमें भारत के सामने उपलब्ध विकल्पों पर चर्चा की गई। शुक्रवार और शनिवार को भी यह बैठक जारी रहेगी।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को एक कार्यक्रम में कहा कि वह रूस-यूक्रेन मसले पर प्रधानमंत्री के साथ गुरुवार शाम को चर्चा करेंगी। हालांकि इस विषय पर उन्होंने विस्तार से कुछ नहीं बताया मगर बिज़नेस स्टैंडर्ड को सूत्रों से पता चला है कि इस बैठक में मुख्य रूप से यूक्रेन में फंसे भारतीय लोगों को बाहर निकालने, संयुक्त राष्ट्र में भारत के रुख और जिंसों की कीमतों में वृद्धि से भारत पर होने वाले आर्थिक प्रभावों पर चर्चा होगी।
इन बैठकों की अध्यक्षता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कर रहे हैं। इन बैठकों में वित्त मंत्री के अलावा विदेश मंत्री एस जयशंकर, कैबिनेट सचिव राजीव गाबा और विभिन्न मंत्रालयों के आला अधिकारी भाग ले रहे हैं।  
एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘यूक्रेन में करीब 20,000 भारतीय है। सरकार उन्हें वहां से सुरक्षित निकालने को प्राथमिकता दे रही है।’ रूसी सेना के आक्रमण के बाद यूक्रेन की सरकार ने मार्शल लॉ लगाने की घोषणा की है। इस बीच, ऐसी खबरें आ रही थीं कि प्रधानमंत्री मोदी रूसी राष्ट्रपति व्लादीमिर पुतिन से गुरुवार शाम बातचीत करेंगे। यूक्रेन पर आक्रमण के बाद वहां की सरकार ने हवाई मार्ग बंद कर दिए हैं और इस वजह से एयर इंडिया का एक विमान आधे रास्ते से ही लौट आया। सरकार ने भारतीय लोगों को यूक्रेन की पश्चिमी सीमा की तरफ जाने की सलाह दी है। हंगरी में भारतीय दूतावास ने एक ट्वीट में कहा कि यूक्रे न में फंसे भारतीय लोगों को निकालने के लिए एक दल यूक्रेन पश्चिमी सीमा की तरफ रवाना कर दिया गया है।
समझा जा रहा है कि बैठक में यूक्रेन पर हमले के बाद भारत पर होने वाले आर्थिक असर की विस्तार से चर्चा होगी। रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध छिडऩे के बाद गुरुवार को कच्चा तेल 100 डॉलर प्रति बैरल पार कर गया। 2014 के बाद कच्चा तेल का दाम 100 डॉलर प्रति बैरल के पार गया है।
भारतीय समय अनुसार गुरुवार सुबह में रूस के राष्ट्रपति पुतिन ने यूक्रेन में विशेष सैनिक अभियान चलाने की घोषणा की थी। इसके तुरंत बाद रूस की सेना ने यूक्रेन पर मिसाइलों से हमले शुरू कर दिए। द्वितीय विश्व युद्ध के बाद पहली बार ऐसा हुआ है जब यूरोप में एक दूेश ने किसी दूसरे देश के खिलाफ इतना बड़ा हमला किया है। रूस की कार्रवाई के बाद अमेरिका और यूरोप में उसके सहयोगी देशों ने रूस पर कड़े प्रतिबंध लगाने की घोषणा की है।
विश्लेषकों का कहना है कि भारतीय निवेशकों और कंपनियों को अगले कुछ हफ्तों तक जिंसों की ऊंची कीमतों के लिए तैयार रहना चाहिए। विश्लेषकों ने कहा कि रूस पर अमेरिका और यूरोपीय संघ के संभावित प्रतिबंधों के बाद कच्चा तेल, अमोनिया, यूरिया, पोटाश और फॉस्फेट के दाम बढ़ सकते हैं। लोगों को राहत देने के लिए पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुक्ल घटाने की बात पर एक अधिकारी ने कहा कि सरकार कीमतों पर नजर रख रही है और विस्तृत समीक्षा के बाद इस विषय पर कोई निर्णय लिया जाएगा।
सरकार ने नवंबर में पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में कमी करने की घोषणा की थी। पेट्रोल पर यह शुल्क 5 रुपये प्रति लीटर कम कर दिया गया था जबकि डीजल के मामले में इसमें प्रति लीटर 10 रुपये की कमी की गई थी। इस कटौती के बाद वित्त वर्ष 2023 के लिए अनुमानित उत्पाद शुल्क संग्रह वित्त वर्ष2022 के संशोधित 3.94 लाख करोड़ रुपये से कम कर 3.35 लाख करोड़ रुपये कर दिया गया है।
सुरक्षित स्थान पर रहें: भारतीय दूतावास
यूक्रेन स्थित भारतीय दूतावास ने अपने ताजा परामर्श में वहां रहने वाले भारतीयों से कहा है कि यूक्रेन में मार्शल लॉ लगे होने के कारण मौजूदा समय में आवागमन मुश्किल है। सायरन और बम की चेतावनी सुनने वाले लोग बम से बचाव वाले नजदीकी आश्रय में पहुंचें। परामर्श में कहा गया, ‘यूक्रेन में मार्शल लॉ लग गया है जिससे आवागमन मुश्किल हो गया है।’ इसमें कहा गया कि ऐसे छात्र जो कि कीव में फंसे हुए हैं उनके ठहरने की व्यवस्था के लिए दूतावास प्रतिष्ठानों के संपर्क में है। इसमें कहा गया, ‘हालांकि, दूतावास स्थिति के मद्देनजर संभावित समाधान तलाश रहा है।

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First Published - February 24, 2022 | 11:09 PM IST

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