facebookmetapixel
Advertisement
भारत में पेट्रोल, डीजल या LPG की कोई कमी नहीं, 60 दिन का स्टॉक मौजूद: सरकारभारत की तेल जरूरतें क्यों पूरी नहीं कर पा रहा ईरानी क्रूड ऑयल? चीन की ओर मुड़े जहाजलाइन लगाने की जरूरत नहीं, घर पहुंचेगा गैस सिलेंडर: सीएम योगी आदित्यनाथऑल टाइम हाई के करीब Oil Stock पर ब्रोकरेज सुपर बुलिश, कहा- खरीद लें, 65% और चढ़ने का रखता है दमBharat PET IPO: ₹760 करोड़ जुटाने की तैयारी, सेबी में DRHP फाइल; जुटाई रकम का क्या करेगी कंपनीतेल, रुपये और यील्ड का दबाव: पश्चिम एशिया संकट से बढ़ी अस्थिरता, लंबी अनिश्चितता के संकेतवैश्विक चुनातियों के बावजूद भारतीय ऑफिस मार्केट ने पकड़ी रफ्तार, पहली तिमाही में 15% इजाफाJio IPO: DRHP दाखिल करने की तैयारी तेज, OFS के जरिए 2.5% हिस्सेदारी बिकने की संभावनाडेटा सेंटर कारोबार में अदाणी का बड़ा दांव, Meta और Google से बातचीतभारत में माइक्रो ड्रामा बाजार का तेजी से विस्तार, 2030 तक 4.5 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान

Coal Production को लेकर आई खुशखबरी, उत्पादन 32.53% बढ़कर 167.36 मीट्रिक टन हुआ

Advertisement

वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए कैप्टिव और वाणिज्यिक खदानों से कुल कोयला उत्पादन फरवरी 2025 तक 167.36 मिलियन टन (एमटी) तक पहुंच गया

Last Updated- March 05, 2025 | 9:14 PM IST
Coal
भारत में कोयला उत्पादन

कोयला मंत्रालय ने बताया कि कैप्टिव और वाणिज्यिक खदानों से कोयला उत्पादन पिछले वर्ष की तुलना में 32.53% बढ़कर 167.36 मीट्रिक टन हुआ। वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए कैप्टिव और वाणिज्यिक खदानों से कुल कोयला उत्पादन फरवरी 2025 तक 167.36 मिलियन टन (एमटी) तक पहुंच गया। यह 28 फरवरी, 2024 तक उत्पादित 126.28 मीट्रिक टन की तुलना में साल-दर-साल 32.53% की वृद्धि दर्शाता है।

कोयला प्रेषण में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, वित्तीय वर्ष के लिए कुल प्रेषण 170.66 मीट्रिक टन तक पहुंच गया है, जो पिछले वर्ष 128.45 मीट्रिक टन की तुलना में अधिक है। यह 32.86% वार्षिक वृद्धि दर्शाता है, जो विद्युत, इस्पात और सीमेंट जैसे प्रमुख क्षेत्रों को स्थिर और निर्बाध कोयला आपूर्ति सुनिश्चित करता है।

मेसर्स प्रकाश इंडस्ट्रीज लिमिटेड की भास्करपारा कोयला खदान ने 15 फरवरी, 2025 को 15 मीट्रिक टन की अधिकतम रेटेड क्षमता (पीआरसी) के साथ कोयला उत्पादन शुरू किया।

फरवरी तक पिछले तीन लगातार वर्षों में हुए कोयला उत्पादन के आंकड़े – 

चालू वित्त वर्ष के पहले आठ माह (अप्रैल-नवंबर) के दौरान 18.20 करोड़ टन से अधिक रहा कोयला आयात

भारत का कोयला आयात चालू वित्त वर्ष के पहले आठ माह (अप्रैल-नवंबर) के दौरान दो प्रतिशत बढ़कर 18.20 करोड़ टन से अधिक रहा है। बिजनेस-टू-बिजनेस ई-कॉमर्स कंपनी ‘एमजंक्शन सर्विसेज’ लिमिटेड द्वारा संकलित आंकड़ों से यह जानकारी मिली है।

इससे पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में देश ने 17.81 करोड़ टन कोयले का आयात किया था। हालांकि, नवंबर महीने में देश का कोयला आयात घटकर 1.95 करोड़ टन रह गया, जो पिछले वित्त वर्ष के इसी महीने में 2.23 करोड़ टन था।

एमजंक्शन के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) विनय वर्मा ने कहा, ‘‘कोयला आयात की मात्रा में गिरावट आई है, जो बाजार उम्मीदों के अनुरूप है। घरेलू बाजार में पर्याप्त उपलब्धता ने स्पॉन्ज आयरन और स्टील जैसे उपभोक्ता क्षेत्रों से आयात मांग को कम कर दिया है। इसके अलावा, बिजली संयंत्रों में संतोषजनक स्टॉक की स्थिति के कारण भी आयात की मांग कम हुई है।’’ उन्होंने कहा कि आने वाले महीनों में यह रुख जारी रहने की संभावना है।

उल्लेखनीय है कि सरकार कोयले का उत्पादन बढ़ाने और आयात पर निर्भरता कम करने पर जोर दे दी है। मौजूदा आयात नीति के अनुसार, उपभोक्ता अपनी जरूरत के हिसाब से खुद आसानी से कोयले का आयात कर सकते हैं।

Video: सावधान! 2 अप्रैल को Trump करेंगे जवाबी शुल्क का ऐलान, जानें भारत का कितना होगा नुकसान

हर साल कैसे अरबपति बन रहे कुछ भारतीय, Knight Franks की Global Wealth report-2025 में हुआ बड़ा खुलासा

BS Special: Russia- Ukraine War के 3 साल, रूसी तेल से मोदी सरकार ने कैसे देश के लिए कमाए हजारों करोड़

Advertisement
First Published - March 5, 2025 | 9:14 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement