facebookmetapixel
Advertisement
Sun Pharma Q1 Results: सन फार्मा का मुनाफा 27% बढ़कर ₹2,895 करोड़, भारत कारोबार और इनोवेटिव मेडिसिन्स ने दिखाई दमदार बढ़तITR Filing Deadline 2026: आज रात 12 बजे तक भर लें ITR, वरना कल से लगेगी ₹5,000 तक पेनल्टी!Swiggy Instamart पर ब्रोकरेज बुलिश, ₹444 तक का टारगेट; मुनाफे के लिए चाहिए दोगुने ऑर्डरमई-जून में ही फाइल कर दिया ITR? आज रिटर्न भरने की आखिरी तारिख, उससे पहले दोबारा चेक करें ये जानकारियांदिल्ली की हर प्रॉपर्टी को मिलेगा Aadhaar! जानिए क्या है सरकार का नया Property ID प्लानअब ऑनलाइन बुक कर सकेंगे लगेज: रेलवे ने जारी किए नए नियम, जानिए पूरा प्रोसेस और लिमिटविदेशों में बढ़ रहा भारतीय कंपनियों का निवेश, अब कंस्ट्रक्शन सेक्टर भी दौड़ में; सिंगापुर फिर बना पहली पसंदयूरोप में डीजल संकट गहराया, Reliance ने बढ़ाया एक्सपोर्ट; ब्राजील को भी रिकॉर्ड सप्लाईVedanta Share: Hindustan Zinc के दम पर दौड़ेगा शेयर? Q1 के बाद ब्रोकरेज ने जारी किए नए टारगेटGold silver price today: सोना ₹303 टूटा, चांदी ₹1,203 फिसली

सितंबर में विनिर्माण गतिविधियों की अच्छी स्थिति बरकारः S&P सर्वे

Advertisement
Last Updated- December 11, 2022 | 2:20 PM IST

भारत में विनिर्माण गतिविधियां सितंबर के महीने में आंशिक रूप से सुस्त पड़ने के बावजूद अच्छी स्थिति में बनी रहीं और कंपनियों ने नए कर्मचारियों की भर्ती की। सोमवार को जारी एक मासिक सर्वेक्षण में यह आकलन पेश किया गया। 
S&P के ‘वैश्विक भारत विनिर्माण खरीद प्रबंधक सूचकांक’ (PMI) के सितंबर आंकड़ों के मुताबिक, भारतीय विनिर्माण उद्योग की सेहत में तगड़ा सुधार देखा गया है। इस दौरान कंपनियों ने अपना उत्पादन बढ़ाने के साथ ही नए कर्मचारियों की भर्ती भी की। सितंबर में PMI 55.1 पर रहा जो विनिर्माण गतिविधियों में विस्तार को दर्शाता है। यह लगातार 15वां महीना है जब विनिर्माण में सुधार दर्ज किया गया है। 

हालांकि सितंबर का PMI अगस्त के 56.2 की तुलना में थोड़ा कम रहा। S&P की PMI सर्वेक्षण कहता है कि विनिर्माण विस्तार की दर अगस्त की तुलना में थोड़ा सुस्त पड़ने के बावजूद ऐतिहासिक रूप से ऊंचे स्तर पर बनी रही। बिक्री में बढ़त और उत्पादन बढ़ाने की जरूरत को पूरा करने के लिए कंपनियों ने अतिरिक्त कर्मचारियों की भर्ती की। लागत मूल्य में कमी आने से कंपनियों की खरीद में बढ़त का रुख रहा। 
सर्वेक्षण के मुताबिक, "कंपनियों की विनिर्माण खरीद से जुड़ी लागत दो साल में सबसे धीमी रफ्तार से बढ़ी जबकि उत्पादन भार मुद्रास्फीति सात महीने के निचले स्तर पर आ गई।" 

PMI के 50 से अधिक रहने को विनिर्माण गतिविधियों में सुधार का संकेत माना जाता है जबकि इस सूचकांक के 50 से नीचे रहने को विनिर्माण उद्योग में सुस्ती का इशारा माना जाता है। S&P ग्लोबल मार्केट इंटेलिजेंस की आर्थिक सह निदेशक पॉलियाना डि लीमा ने कहा, "पीएमआई के नए आंकड़ों से पता चलता है कि भारतीय विनिर्माण क्षेत्र वैश्विक चुनौतियों और मंदी की आशंका के बावजूद अच्छी स्थिति में बना हुआ है।"

Advertisement
First Published - October 3, 2022 | 12:35 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement