facebookmetapixel
Motilal Oswal MF ने उतारा नया फाइनेंशियल सर्विसेज फंड, ₹500 से निवेश शुरू; किसे करना चाहिए निवेशBudget 2026: रियल एस्टेट की बजट में होम लोन ब्याज छूट व अफोर्डेबल हाउसिंग सीमा बढ़ाने की मांगIndiGo Q3FY26 Results: फ्लाइट कैंसिलेशन का दिखा असर,मुनाफा 78% घटकर ₹549.1 करोड़ पर आयाGroww MF ने लॉन्च किया Nifty PSE ETF, ₹500 से सरकारी कंपनियों में निवेश का शानदार मौका!क्या बजट 2026 घटाएगा आपका म्युचुअल फंड टैक्स? AMFI ने सरकार के सामने रखीं 5 बड़ी मांगेंसिर्फ 64 रुपये का है ये SmallCap Stock, ब्रोकरेज ने कहा – ₹81 तक जा सकता है भाव; खरीद लेंRadico Khaitan Q3 Results: प्रीमियम ब्रांड्स की मांग से कमाई को मिली रफ्तार, मुनाफा 62% उछला; शेयर 5% चढ़ारूसी तेल फिर खरीदेगी मुकेश अंबानी की रिलायंस, फरवरी-मार्च में फिर आएंगी खेपें: रिपोर्ट्सSwiggy, Jio Financial समेत इन 5 शेयरों में बना Death Cross, चेक करें चार्टBudget 2026 से पहले Tata के इन 3 स्टॉक्स पर ब्रोकरेज बुलिश, 30% अपसाइड तक के दिए टारगेट

Goldman Sachs ने बढ़ाया भारत की GDP ग्रोथ का अनुमान, Q3FY25 में ब्याज दरों में भी कटौती की उम्मीद

MPC ने खाद्य महंगाई बने रहने को लेकर सावधानी बरती है, वहीं गोल्डमैन सैक्स ने कहा है कि भारत के कई इलाकों में तेज गर्मी के कारण आपूर्ति में व्यवधान आ सकता है।

Last Updated- May 27, 2024 | 11:07 PM IST
GDP Growth

गोल्डमैन सैक्स ने कैलेंडर वर्ष 2024 के लिए भारत के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में वृद्धि का अनुमान 10 आधार अंक बढ़ाकर 6.7  फीसदी कर दिया है। इसने अनुमान लगाया है कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) चालू कैलेंडर वर्ष की चौथी तिमाही (चालू वित्त वर्ष 2025 की तीसरी तिमाही) में ब्याज दर में कटौती करेगा।

जनवरी से लेकर अप्रैल 2024 तक भारत की प्रमुख महंगाई दर औसतन 3.4 फीसदी रही है। गोल्डमैन सैक्स के विश्लेषकों ने कहा कि कैलेंडर वर्ष 2024 की दूसरी तिमाही में यह बढ़ेगी। यह कैलेंडर वर्ष 2024 की दूसरी छमाही में 4 से 4.5 फीसदी के बीच रह सकती है। यह मुख्य रूप से प्रमुख वस्तुओं की महंगाई के कारण होगा, जिसका असर विनिर्मित वस्तुओं की कीमत में वृद्धि के रूप में सामने आएगा।

मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) ने खाद्य महंगाई बने रहने को लेकर सावधानी बरती है, वहीं गोल्डमैन सैक्स ने कहा है कि भारत के कई इलाकों में तेज गर्मी के कारण आपूर्ति में व्यवधान आ सकता है।

गोल्डमैन का मानना है कि रिजर्व बैंक मॉनसून और गर्मी (खरीफ सत्र) में बोआई की स्थिति देखते हुए खाद्य महंगाई दर का आकलन 2024 की दूसरी छमाही में करेगा और उसके बाद ही मौद्रिक नीति में ढील के बारे में फैसला किया जाएगा।

गोल्डमैन सैक्स में ईएम इकनॉमिक रिसर्च के हेड और एशिया प्रशांत के मुख्य अर्थशास्त्री एंड्रू टिल्टन ने शांतनु सेनगुप्ता और अर्जुन वर्मा के साथ लिखे गए एक लेख में कहा है, ‘रिजर्व बैंक द्वारा अधिक लाभांश देने से आगे चलकर बुनियादी ढांचे पर खर्च की अतिरिक्त राजकोषीय संभावनाओं के कारण हम उम्मीद करते हैं कि निवेश में वृद्धि की गति बनी रहेगी।

इस वजह से हमने हाल में कैलेंडर वर्ष 2024 के लिए अपने वृद्धि अनुमान को बदलते हुए इसे 10 आधार अंक बढ़ाकर 6.7 फीसदी कर दिया है।’ ताजा बदलावों को देखते हुए गोल्डमैन सैक्स ने उम्मीद जताई है कि भारतीय रिजर्व बैंक कैलेंडर वर्ष की चौथी तिमाही के दौरान ब्याज दर में कटौती कर सकता है। यह कटौती रिजर्व बैंक की दिसंबर 2024 में होने वाली बैठक में होने की संभावना है।

टिल्टन, सेनगुप्ता और वर्मा ने लिखा है, ‘हम उम्मीद करते हैं कि रिजर्व बैंक कुल 50 आधार अंक की कटौती करेगा। इसमें से कैलेंडर वर्ष 2024 की अंतिम तिमाही और कैलेंडर वर्ष 2025 की पहली तिमाही के दौरान 25-25 आधार अंक की कटौती की संभावना है।’

अमेरिकी फेडरल रिजर्व

गोल्डमैन सैक्स की यूएस इकनॉमिक्स टीम ने फेड द्वारा ब्याज दर में पहली कटौती का अनुमान आगे बढ़ा दिया है। पहले जुलाई में कटौती का अनुमान लगाया गया था, लेकिन अब सितंबर की बैठक में कटौती का अनुमान लगाया है। हालांकि अभी यह उम्मीद जताई गई है कि कैलेंडर वर्ष 2024 में दर में दो कटौती होगी और दूसरी कटौती दिसंबर में होगी।

First Published - May 27, 2024 | 11:07 PM IST

संबंधित पोस्ट