facebookmetapixel
Advertisement
सरकार की कमाई बढ़ी! प्रत्यक्ष कर संग्रह ₹12.12 लाख करोड़ के पार, STT कलेक्शन में 53% इजाफाMDR के बाद पेटीएम, पाइन लैब्स और मोबिक्विक पर नजर, जानें तेजी आएगी या बढ़ेगा दबाव₹25,000 तक वेतन वालों के लिए PF का नया हिसाब! EPF और EPS में कितना-कितना बढ जाएगा योगदानAI की तेजी में पीछे नहीं भारत! इन 42 शेयरों में 60% उछाल, गोल्डमैन सैक्स ने बताई वजहऊर्जा बचत पर कंपनियां लगाएंगी 3,590 करोड़ रुपये, CII ने जारी किया हीट पंप एटलसजेफरीज के बाद अब गोल्डमैन सैक्स ने सोने पर दिया बड़ा अनुमान, 5,400 डॉलर तक जाने की उम्मीदशापूरजी मिस्त्री ने किया टाटा संस की लिस्टिंग का समर्थन, बोले- मकसद किसी एक पक्ष की जीत नहीं20 साल की बड़ी गिरावट की आशंका, एक करोड़ टन घट सकता है चावल उत्पादनभारत की GDP ग्रोथ पर मूडीज का बड़ा अपडेट, FY27 के लिए अनुमान बढ़ाकर किया 7%AI खुद करने लगा कंपनियों का काम, क्या बदलने वाली है आपकी नौकरी? ये आंकड़े दे रहे बड़ा संकेत

GDP का 1.1 % चालू खाते का घाटा

Advertisement

तीसरी तिमाही में जीडीपी का 1.1% रहा घाटा, विदेशी मुद्रा भंडार 658.8 अरब डॉलर तक बढ़ा

Last Updated- March 29, 2025 | 4:54 AM IST
GDP

वित्त वर्ष 2025 की तीसरी तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर 2024) में भारत के चालू खाते का घाटा (सीएडी) मामूली बढ़कर 11.5 अरब डॉलर या सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का 1.1 प्रतिशत हो गया है। यह एक साल पहले की समान अवधि में 10.4 अरब डॉलर या जीडीपी का 1.1 प्रतिशत था।

भारतीय रिजर्व बैंक के ताजा आंकड़ों के मुताबिक क्रमिक आधार पर सीएडी में कमी आई है, जो वित्त वर्ष 2025 की दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर 2024) में 16.7 प्रतिशत या जीडीपी का 1.8 प्रतिशत था। इक्रा में मुख्य अर्थशास्त्री अदिति नायर ने कहा वस्तु व्यापार घाटे के कारण वित्त वर्ष 2025 की तीसरी तिमाही में चालू खाते का घाटा बढ़कर 11.5 अरब डॉलर हो गया, हालांकि यह उम्मीद से कम है।

यह राशि जीडीपी के 1.1 प्रतिश के बराबर है, जो प्रतिशत से हिसाब से पिछले साल की समान अवधि के बराबर है। हालांकि यह वित्त वर्ष 2025 की दूसरी तिमाही के जीडीपी के 1.8 प्रतिशत की तुलना में बहुत कम है। यह जीडीपी के 1.4 प्रतिशत रहने के इक्रा के अनुमान से भी कम है।

चालू खाते में वित्त वर्ष 25 की चौथी तिमाही में 4 से 6 अरब डॉलर का अधिशेष रहने की उम्मीद है, जिसे वस्तु निर्यात में मौसमी वृद्धि और इसके परिणामस्वरूप वस्तु व्यापार घाटे में कमी के साथ बेहतरीन सेवा अधिशेष से सहायता मिलेगी। कुल मिलाकर वित्त वर्ष 2025 में चालू खाते का घाटा जीडीपी के 0.8 प्रतिशत के बराबर रहने का अनुमान है।

विदेशी मुद्रा भंडार बढ़ा

देश का विदेशीमुद्रा भंडार 21 मार्च को समाप्त सप्ताह में 4.53 अरब डॉलर बढ़कर 658.8 अरब डॉलर हो गया। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। इसके एक सप्ताह पहले देश का विदेशी मुद्रा भंडार 30.5 करोड़ डॉलर बढ़कर 654.27 अरब डॉलर हो गया था। यह लगातार तीसरा सप्ताह है जब विदेशीमुद्रा भंडार में वृद्धि हुई है। हाल ही में पुनर्मूल्यांकन और रुपये में उतार-चढ़ाव को कम करने के लिए रिजर्व बैंक के हस्तक्षेप के कारण इसमें गिरावट देखी गई थी। सितंबर 2024 में विदेशी मुद्रा भंडार बढ़कर 704.885 अरब डॉलर के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया था।

रिजर्व बैंक के अनुसार 21 मार्च को समाप्त सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार का महत्त्वपूर्ण हिस्सा, विदेशी मुद्रा आस्तियां 1.67 अरब डॉलर बढ़कर 558.86 अरब डॉलर हो गईं। डॉलर के संदर्भ में उल्लेखित विदेशी मुद्रा आस्तियों में विदेशी मुद्रा भंडार में रखे गए यूरो, पाउंड और येन जैसी गैर-अमेरिकी मुद्राओं की घट-बढ़ का प्रभाव शामिल होता है। समीक्षाधीन सप्ताह में स्वर्ण भंडार का मूल्य 2.88 अरब डॉलर बढ़कर 77.28 अरब डॉलर हो गया। विशेष आहरण अधिकार (एसडीआर) 2.2 करोड़ डॉलर घटकर 18.24 अरब डॉलर रहा। आलोच्य सप्ताह में अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के पास भारत का आरक्षित भंडार 20 लाख डॉलर घटकर 4.43 अरब डॉलर रह गया।

Advertisement
First Published - March 29, 2025 | 4:54 AM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement