facebookmetapixel
Advertisement
संप्रभुता, व्यावहारिकता और विकल्प: भारत के लिए जोखिम और समझदारी के बीच का संतुलनEditorial: ट्रंप के टैरिफ पर अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट का ‘हथौड़ा’ और आगे की राहसुरक्षा के नाम पर अव्यवस्था और ‘चीनी’ रोबोडॉग का स्वदेशी दावा, AI इम्पैक्ट समिट पर उठे गंभीर सवालGDP Rebasing: नए आधार वर्ष से GDP की नई सीरीज तैयार, पर WPI को लेकर अर्थशास्त्रियों में मतभेदEnergy Growth: सरकारी तेल कंपनियों ने खोला खजाना, बीते 10 महीनों में खर्च किए ₹1.07 लाख करोड़US-India Trade: ट्रंप के पास हैं कई व्यापारिक हथियार, धारा 301 और 232 से बढ़ सकती है भारत की टेंशनIDFC First Bank में 590 करोड़ रुपये की बड़ी धोखाधड़ी, सरकारी खातों में हेरफेर से मचा हड़कंपMutual Funds: ‘मेगा फंड्स’ का बढ़ा दबदबा, ₹1 लाख करोड़ के क्लब में शामिल हुई तीन और बड़ी योजनाएंSME Growth: अब छोटी कंपनियां भी बना रहीं कर्मचारियों को करोड़पति, ईसॉप्स का बढ़ रहा है क्रेजMarket Alert: क्या सोना-चांदी बनेंगे निवेशकों के लिए सुरक्षित ढाल? ट्रंप के फैसले से मची हलचल

सरकारी बैंकों के प्रमुखों के साथ वित्त मंत्रालय करेगा बैठक, जन-धन और मुद्रा योजनाओं पर होगी चर्चा

Advertisement

वित्त मंत्रालय करेगा वित्त वर्ष 2025-26 के लक्ष्यों की समीक्षा, वित्तीय प्रदर्शन पर भी होगी बातचीत

Last Updated- April 07, 2025 | 10:38 PM IST
finance ministry

वित्त मंत्रालय ने बैंकों के वित्तीय प्रदर्शन की समीक्षा करने और वित्त वर्ष 2025-26 के लिए जन-धन योजना और मुद्रा योजना सहित सरकार की प्रमुख योजनाओं के लक्ष्यों पर चर्चा करने के लिए 17 अप्रैल को सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के प्रमुखों की बैठक बुलाई है। बैठक की अध्यक्षता वित्तीय सेवा सचिव एम नागराजू करेंगे।

सूत्रों के अनुसार, बैठक में 31 मार्च को समाप्त वित्त वर्ष के दौरान बैंकों के वित्तीय प्रदर्शन पर चर्चा होगी और वित्तीय समावेश से जुड़ी योजनाओं के लक्ष्य निर्धारित किए जाएंगे।

Advertisement
First Published - April 7, 2025 | 10:38 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement